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  1. हर महीने मेंटेनेंस काॅस्‍ट 7500 रुपये से अधिक है, तो फ्लैट मालिकों को देना होगा 18% GST

हर महीने मेंटेनेंस काॅस्‍ट 7500 रुपये से अधिक है, तो फ्लैट मालिकों को देना होगा 18% GST

मंत्रालय ने कहा कि अगर मंथली मेंटनेंस कॉस्ट 7,500 रुपये से ज्यादा है तो पूरी राशि पर ही GST लगेगा.

July 23, 2019 10:51 AM
Flat owners to pay 18 gst if monthly maintenance exceeds Rs 7500 to rwaअगर किसी व्यक्ति के हाउसिंग सोसायटी में दो या अधिक फ्लैट हैं तो 7,500 रुपये की सीमा प्रति फ्लैट के हिसाब से होगी.

18% GST on Flat owners: अगर अब कोई भी फ्लैट मालिक एक महीने में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को 7,500 रुपये से ज्यादा की मेंटेनेंस कॉस्ट का भुगतान करता है तो उसे सरकार को 18 फीसदी की दर से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) का भुगतान करना होगा. वित्त मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी. नियमों के अनुसार, अगर हर फ्लैट के मिलने वाला 1 महीने का मेंटेनेंस कॉन्ट्रिब्यूशन 7,500 रुपये से ज्यादा है और गुड्स और सर्विसेज की सप्लाई के जरिये RWA का सालाना कारोबार 20 लाख रुपये से अधिक होता है, तो RWA को अपने सदस्यों से GST क्लेक्ट करना होगा.

पूरी अमाउंट पर देना होगा GST

वित्त मंत्रालय मेंटेनेंस कॉस्ट प्रति सदस्य 7,500 रुपये से अधिक होने पर अपने फील्ड कार्यालयों के लिए सर्कुलर जारी किया है कि कैसे RWA GST की कैलकुलेशन कर सकते हैं. वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि मंथली मेंटेनेंस कॉस्ट में GST की छूट उसी स्थिति में मिलेगी जबकि यह प्रति सदस्य 7,500 रुपये से कम हो.  मंत्रालय ने कहा कि अगर यह शुल्क 7,500 रुपये से अधिक है तो पूरी राशि पर ही GST लगेगा. यानी अगर किसी ने 9 हजार रुपये का भुगतान किया है तो उसे पूरे 9 हजार रुपये पर 18 फीसदी की दर से जीएसटी का भुगतान करना होगा ना कि (9000-75000) 1500 रुपये पर.

एक फ्लैट के लिए तय की गई लिमिट

अगर किसी व्यक्ति के हाउसिंग सोसायटी या आवासीय परिसर में दो या अधिक फ्लैट हैं तो 7,500 रुपये की सीमा प्रति फ्लैट के हिसाब से होगी. इसका मतलब है कि अगर दो फ्लैट वाला व्यक्ति अपने हर मकान का 7,500-7,500 रुपये यानी कुल 15,000 रुपये का  मंथली मेंटेनेंस कॉस्ट का भुगतान करता है तो उसे हर फ्लैट के 7,500 रुपये की मेंटेनेंस कॉस्ट का भुगतान करने के हिसाब से कोई GST नहीं देना होगा.

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