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  1. Budget 2019: सरकारी बैंकों की वित्तीय सेहत का हो रहा है आकलन; बजट से मिल सकते हैं 30,000 करोड़

Budget 2019: सरकारी बैंकों की वित्तीय सेहत का हो रहा है आकलन; बजट से मिल सकते हैं 30,000 करोड़

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पांच जुलाई को नई सरकार का पहला बजट पेश करेंगी.

June 16, 2019 5:56 PM
FinMin assessing capital needs of PSU banks; Budget may make provision for Rs 30,000 crImage: PTI

वित्त मंत्रालय सरकारी बैंकों के पूंजी आधार का मूल्यांकन कर रहा है. मंत्रालय बैंकों को नियम के तहत न्यूनतम पूंजी की शर्त को पूरा करने में मदद के लिए चालू वित्त वर्ष के आम बजट में 30,000 करोड़ रुपये उपलब्ध करा सकता है. बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पांच जुलाई को नई सरकार का पहला बजट पेश करेंगी.

आर्थिक वृद्धि नरम हो कर 2018-19 में 6.8 प्रतिशत पर आ गई है. बजट में वृद्धि को तेज करने की चुनौती है. इसमें बैंकिंग क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान होगा.

कर्ज की मांग में बढ़ोत्तरी शुरू

सरकारी बैंकों को निजी और व्यावसायिक काम के लिए पर्याप्त पूंजी की आवश्यकता होगी. कर्ज की मांग में तेजी शुरू हुई है. इसके अलावा आरबीआई के त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) ढांचे के तहत पांच कमजोर बैंकों को बासेल-3 नियमों के तहत जरूरी पूंजी बनाए रखने की भी जरूरत होगी.

कुछ अन्य बैंकों का हुआ मर्जर तो भी चाहिए होगी अतिरिक्त पूंजी

सूत्रों ने बताया कि अगर सरकार बैंक आॅफ बड़ौदा की तरह कुछ अन्य बैंकों के एकीकरण पर भी विचार करती है तो उसके लिए भी अतिरिक्त पूंजी की आवश्यकता होगी. उल्लेखनीय है कि बीओबी में देना बैंक और विजया बैंक के विलय के कारण अतिरिक्त खर्च की पूर्ति के लिए सरकार ने 5,042 करोड़ रुपये की पूंजी नए बैंक में डाली थी. सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 1,06,000 करोड़ रुपये की पूंजी उपलब्ध कराई थी.

 

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