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संसद की मंजूरी के बिना वित्त मंत्रालय ने खर्च किए 1157 करोड़, कैग की रिपोर्ट में खुलासा

गाइडलाइंस के मुताबिक Grants-in-Aid, सब्सिडी और नई सेवाओं या योजनाओं पर अतिरिक्त खर्च के लिए मंत्रालय को संसद से मंजूरी लेना अनिवार्य है.

Updated: Feb 12, 2019 5:10 PM
finance ministry, fin min, arun jaitley, piyush goyal, cag report, cag, grants in aid, subsidy, pac, Public Accounts Committee, finance ministry spent extra without approvalमंत्रालय ने नई सेवाओं या नए तरीकों के लिए उचित मैकेनिज्म नहीं अपनाए जिसके कारण अतिरिक्त खर्च बढ़ा.

भारत के नियन्त्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) ने मंगलवार को संसद में अपनी रिपोर्ट पेश की. इस रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2017-18 में वित्त मंत्रालय ने बिना संसद की मंजूरी के 1157 रुपये अतिरिक्त खर्च कर दिए. इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि मंत्रालय ने नई सेवाओं या नए तरीकों के लिए उचित मैकेनिज्म नहीं अपनाए जिसके कारण अतिरिक्त खर्च बढ़ा. कैग की रिपोर्ट के मुताबिक 1156.80 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रकम कई मदों में खर्च की गई. गाइडलाइंस के मुताबिक Grants-in-Aid, सब्सिडी और नई सेवाओं या योजनाओं पर अतिरिक्त खर्च के लिए मंत्रालय को संसद से मंजूरी लेना अनिवार्य है.

PAC की रिपोर्ट में जताई जा चुकी है चिंता

कैग से पहले पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) की 83वीं रिपोर्ट में Grants-in-Aid और सब्सिडी के लिए अतिरिक्त रकम खर्च करने पर चिंता जताई जा चुकी है. पीएसी की रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वजह से बजट आकलन में गलतियां होती है और मंत्रालयों का वित्तीय बैलेंस बिगड़ता है. पीएसी के रिकमंडेशंस के बावजूद फाइनेंस मिनिस्ट्री के कोई मैकेनिज्म नहीं तैयार किया और 2017-18 में संसद की मंजूरी लिए बिना 13 ग्रांट पर अतिरिक्त रकम खर्च किया.

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