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इंडिया इंक को दिवाली गिफ्ट: कॉरपोरेट टैक्स घटा, मैट से राहत; कैपिटल गेन पर सरचार्ज हटा

अर्थव्यवस्था के लिए सरकार का एक और बूस्टर डोज

September 20, 2019 12:36 PM
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दिवाली से पहले मोदी सरकार ने कॉरपोरेट इंडिया और कैपिटल मार्केट के लिए बड़ा गिफ्ट दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारणम ने शुक्रवार को इंडस्ट्री के लिए कॉरपोरेट इनकम टैक्स में कटौती, मिनिमम अल्टरनेट टैक्स से राहत और कैपिटल मार्केट के लिए कैपिटल गेन टैक्स पर बढ़ा हुआ सरचार्ज हटाने का ब्लॉकबस्टर फैसला किया है. अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और विकास दर को रफ्तार देने के लिए सरकार की तरफ से ताबड़तोड़ फैसले लिये जा रहे हैं. वित्‍त मंत्री ने शुक्रवार को 6 बड़े फैसलाें का एलान किया.

1. कॉरपोरेट इनकम टैक्‍स से कटौती

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि विकास दर को बढ़ावा देने और निवेश आकर्षित करने के लिए इनकम टैक्स कानून में नए प्रावधान किए गए हैं. यह वित्त वर्ष 2019-20 से प्रभावी होंगे. नए प्रावधान के तहत घरेलू कंपनियों को 22 फीसदी की दर से इनकम टैक्स का भुगतान करना होगा. इसमें शर्त यह होगी उस कंपनी को कोई छूट या इन्सेंटिव का लाभ नहीं मिलेगा. इस तरह अब घरेलू कंपनियों पर प्रभावी टैक्स रेट सभी सरचार्ज और सेस मिलाकर 25.17 फीसदी होगा. मौजूदा कॉरपोरेट टैक्स रेट 30 फीसदी है जोकि अब 22 फीसदी हो जाएगा.

2. नई मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट

सीतारमण ने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग में नए निवेश आकर्षित करने के लिए और मेक इन इंडिया को बूस्ट देने के लिए 1 अक्टूबर 2019 के बाद मैन्युफैक्चरिंग कंपनी स्थापित करने वालों को 15 फीसदी की दर से इनकम टैक्स देना होगा. नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों पर सेस और सरचार्ज मिलाकर प्रभावी टैक्स रेट 17.01 फीसदी होगा. इन कंपनियों का प्रोडक्टशन 31 मार्च 2023 से पहले लागू होना चाहिए. इन कंपनियों को भी मैट से राहत मिलेगी. इस तरह नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए टैक्स रेट 25 फीसदी से घटकर 15 फीसदी रह गया है.

3. MAT पर भी बड़ी राहत

इन्सेंटिव या छूट का लाभ लेने वाली कंपनियों को राहत देने के लिए ​सरकार ने मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) में राहत दी है. उन्हें अब मौजूदा 18.5 फीसदी की बजाय 15 फीसदी की दर से मैट देना होगा. इसके अलावा, 22 फीसदी इनकम टैक्‍स देने वाली कंपनियों और नई मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट लगाने वाली कंपनियों को भी मैट से राहत होगी.

4. लांग टर्म कैपिटल गेंस पर सरचार्ज खत्म

वित्त मंत्री ने शेयर बाजार की अनिश्चिचताओं पर विराम लगाते हुए बड़ा दिवाली गिफ्ट दिया है. सरकार ने एफपीआई की तरफ से ​​सिक्युरिटीज (डेरिवेटिव्स समेत) की बिक्री लगने वाले कैपिटल गेन्स टैक्स पर बढ़ा हुआ सरचार्ज हटा लिया है. वित्त मंत्री ने कहा कि फॉरेट पोर्टफोलियो निवेश द्वारा कैपिटल गेन टैक्स पर बढ़ा सरचार्ज लागू नहीं होगा.

कंपनी में शेयरों की बिक्री और इक्विटी फंड यूनिट बिक्री से होने वाले कैपिटल गेन्स पर सरचार्ज प्रभावी नहीं होगा. जुलाई में बजट में सरचार्ज बढ़ाया गया था.

5. बॉयबैक पर टैक्स से छूट 

वित्त मंत्री ने 5 जुलाई 2019 से पहले शेयर बॉयबैक का एलान करने वाली लिस्टेड कंपनियों बॉयबैक टैक्स से छूट देने का भी एलान किया है. वित्त मंत्री सीमारमण ने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स में कटौती और अन्य एलान से सरकार को 1.45 लाख करोड़ रुपये रेवेन्यू का नुकसान होगा.

6. 2 फीसदी CSR खर्च में छूट

वित्त मंत्री ने बताया कि कंपनियों के 2 फीसदी सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) खर्च में अब सरकार, पीएसयू इन्क्यूबेटर्स और सरकारी खर्च से चलने वाले संस्थान, आईआईटी भी शामिल होंगे. इसका मतलब यह कि कंपनियां अब इन्क्यूबेशरन, आईआईटी, एनआईटी और नेशनल लैबोरेट्रीज पर भी अपना 2 फीसदी सीएसआर खर्च कर सकेंगी. सीतारमण ने भरोसा जताया कि टैक्स छूट के मेक इन इंडिया में निवेश आएगा, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में बढ़ावा मिलेगा.

पहले भी 3 बूस्टर डोज के हुए एलान

इससे पहले केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था की सुसती दूर करने के लिए अलग अलग कई सेक्टर्स के लिए 3 चरणों में बड़ी घोषणाएं की थीं. जिनमें रियल एस्टेट के लिए स्पेशल विंडो, एक्सपोर्ट इन्सेंटिव, बैंक मर्जर, बैंक रीकैपिटलाइजेशन, एमएसएमई और ऑटोमोबाइल सेक्टर्स को राहत के उपाय शामिल थे.

RBI गवर्नर ने भी दिए थे संकेत

इस हफ्ते के शुरू में ही रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि सरकार ने हाल ही में जो उपाय किए हैं, उनका असर धीरे धीरे दिखने लगा है. लेकिन आगे भी ऐसे कुछ उपाय जल्द किए जा सकते हैं. उनका कहना था कि मुझे ऐसा लगता है कि सही उपायों से चीजें बेहतर होनी चाहिए. यह बहुत अच्छा संकेत है कि सरकार अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी उपायों पर तुरंत एक्शन ले रही है. मुझे नहीं लगता है किसरकार ने मौजूदा आर्थिक हालात से निपटने की दिशा में कभी यह कहा हो कि यह अंतिम उपाय है. उम्मीद है कि यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया होगी.

अबतक सरकार ने उठाए ये कदम

सरचार्ज वापस: सरकार ने पहले चरण यानी 23 अगस्त को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) पर लगाया गया सरचार्ज वापस ले लिया. बजट में वित्त मंत्री ने सालाना 2 से 5 करोड़ की आमदनी पर इनकम टैक्स के अलावा सरचार्ज 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी और 5 करोड़ से अधिक की आमदनी पर 37 फीसदी कर दिया था. यह सरचार्ज सैलरी, बचत, ब्याज, म्यूचुअल फंड और स्टॉक मार्केट, इन सबसे होने वाले मुनाफों पर लगाया गया था.

बैंक मर्जर: दूसरे चरण यानी 30 अगस्त को 10 पीएएसयू बैंकों के मर्जर से 4 बड़े सरकारी बैंक बनाने की घोषणा की गई. जिसके बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या मौजूदा 27 से घटकर 12 रह जाएगी.

हाउसिंग सेक्टर्स को राहत: पिछले हफ्ते अधूरे पड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट को राहत देने के लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ देने का एलान किया था. वहीं एक्सपोट्र को बढ़ावा देने के उपायों की भी घोषणा हुई.

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