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Farmers Protest: सरकार और किसानों के बीच 5वें दौर की बातचीत भी बेनतीजा, 9 दिसंबर को होगी अगली बैठक

Farmers Protest: किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच अगले दौर की बातचीत 9 दिसंबर को होगी.

Updated: Dec 05, 2020 8:02 PM
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Farmers Protest: किसानों और केंद्र सरकार के बीच आज पांचवें राउंड की बातचीत हुई. इस बैठक के बाद फैसला हुआ है कि किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच अगले दौर की बातचीत 9 दिसंबर को होगी. बैठक में कृषि मंत्री ने कहा था कि वे सभी से अपील करते हैं कि वे प्रदर्शन की जगह पर मौजूद वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को घर जाने के लिए कहें. केंद्र सरकार ने किसान नेताओं के साथ बैठक के दौरान कहा कि वे दो दिन बाद अगले दौर की बातचीत के लिए मिल सकते हैं.

किसान नेताओं ने बैठक में कहा कि उनके पास एक साल के लिए सामान है. वे पिछले कई दिनों से सड़कों पर हैं. अगर सरकार चाहती है कि वे सड़कों पर रहें, तो उन्हें कोई परेशानी नहीं है. किसान नेताओं ने बैठक के दौरान केंद्र को कहा कि उन्हें कॉरपोरेट खेती नहीं चाहिए. इस कानून से सरकार को फायदा होगा, किसानों को नहीं.

सरकार 9 दिसंबर को बैठक से पहले भेजेगी प्रस्ताव

किसान नेताओं ने बातचीत खत्म होने के बाद बताया कि केंद्र सरकार ने कहा है कि वे किसानों को 9 दिसंबर को एक प्रस्ताव भेजेगी. वे उस पर चर्चा करेंगे, जिसके बाद उसी दिन बैठक होगी. भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार एक ड्राफ्ट तैयार करके हमें देगी. MSP पर भी बात हुई लेकिन हमने कहा कि हमें कानूनों को उठाना चाहिए और उनके वापस लेने पर बात होनी चाहिए. 8 दिसंबर को एलान किया गया भारत बंद होगा. ऑल इंडिया किसान सभा के महासचिव ने कहा कि हमने बैठक की शुरुआत में कहा कि उनकी मांग कानूनों को वापस लेने की है, वे संशोधन नहीं चाहते हैं. उन्होंने मजबूत पक्ष रखा. आखिरकार, हमें बता दिया गया कि अगली बैठक 9 दिसंबर को होगी. ऐसा लगता है कि सरकार निश्चित कानूनों को वापस ले लेगी.

MSP जारी रहेगा, इसे लेकर कोई खतरा नहीं: तोमर

बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि उन्होंने कहा है कि MSP जारी रहेगा, इसे लेकर कोई खतरा नहीं है. इस पर शक करना बेबुनियाद है. फिर भी, अगर किसी को संदेह है, तो सरकार इसका समाधान करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि उनकी राज्यों में मंडी पर असर डालने की कोई मंशा नहीं है, वे कानून से प्रभावित भी नहीं हैं. सरकार उसकी शक्ति में मौजूद कुछ भी करने के लिए तैयार है, जिससे APMC ज्यादा मजबूत हो. अगर किसी को APMCs के मामले में गलतफहमी है, तो सरकार इस पर सफाई देने के लिए बिल्कुल तैयार है.

तोमर ने कहा कि उन्होंने किसानों को बताया कि सरकार उनके सभी बातों को देख रही है. उनके लिए समाधान खोजना आसान होगा, अगर किसान नेताओं से उन्हें सुझाव मिलते हैं. वे किसान यूनियनों को प्रार्थना करते हैं कि वे कोविड और ठंडे मौसम को देखते हुए वरिष्ठ लोगों और बच्चों को घर वापस भेज दें. कृषि मंत्री ने 8 दिसंबर को भारत बंद के बारे में बोला कि वे यूनियनों के किसी कार्यक्रम पर टिप्पणी देना नहीं चाहते. लेकिन वे किसानों और यूनियनों को अपील करते हैं कि वे आंदोलन का रास्ता छोड़ दें और बातचीत के रास्ते पर आएं. सरकार ने उनके साथ कई दौर की बातचीत की है और वे समाधान के लिए आगे चर्चा के लिए तैयार हैं.

विज्ञान भवन में हुई बैठक के पांचवें दौर में किसान के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार को पिछली बैठक का लिखित जवाब देने को कहा. इसके लिए सरकार ने सहमति दी. बैठक से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने उम्मीद जताई थी कि किसानों से बातचीत बेहतर रहेगी और वे अपना आंदोलन वापस ले लेंगे. यह बैठक आज दोपहर दो बजे से शुरू हुई. बैठक से पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और नरेंद्र सिंह तोमर पीएम मोदी के आवास पर पहुंचे थे.

केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन दिल्ली के कई प्रवेश द्वार पर आज भी जारी है. दिल्ली से नोएडा लिंक रोड पर स्थित चिल्ला बॉर्डर पर किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. एक किसान का कहना है कि अगर आज की बैठक में किसानों के हक में फैसला नहीं आता है तो संसद का घेराव किया जाएगा.

कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि सरकार बार-बार तारीख दे रही है, सभी संगठनों ने एकमत से फैसला लिया है कि आज बातचीत का आखिरी दिन है. किसान संयुक्त मोर्चा के प्रधान रामपाल सिंह का कहना है कि आज आर-पार की लड़ाई करके आएंगे, रोज-रोज बैठक नहीं होगी.

सभी टोल प्लाजा पर किसानों का कब्जे की चेतावनी

एक दिन पहले सिंघू बॉर्डर (हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर) पर डटे भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू-लखवाल) के जनरल सेक्रेटरी, हरविंदर सिंह लखवाल ने कहा था कि 5 दिसंबर को पूरे भारत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुतले जलाए जाएंगे. इसके अलावा उन्होंने 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान भी किया है. एक दिन पहले 4 दिसंबर को लखवाल ने कहा कि किसानों ने अपनी बैठक में 8 दिसंबर को भारत बंद का एलान किया है. इसके दौरान किसान सभी टोल प्लाजा पर कब्जा कर लेंगे. उन्होंने सरकार को चेतावनी दिया है कि यदि इन कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में दिल्ली की शेष सड़कों को अवरूद्ध करने की योजना बनाई गई है.

सिंघू बॉर्डर पर डीएसजीएमसी भोजन व्यवस्था

दिल्ली सिख गुरद्वारा प्रबंधन समिति (डीएसजीएमसी) सिंघू बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रही है. एक वालंटियर का कहना है कि किसानों को हर दिन तीन बार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.

इन रास्तों के जरिए दिल्ली में प्रवेश बंद

गौतम बुद्ध विहार के नजदीक स्थित चिल्ला बॉर्डर पर किसान आंदोलन के कारण नोएडा से दिल्ली ट्रैफिक मूवमेंट को बंद कर दिया गया है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सुझाव दिया है कि नोएडा से दिल्ली आने के लिए नोएडा लिंक रोक पकड़ने की बजाए डीएनडी का प्रयोग करें. गाजियाबाद से दिल्ली आने के लिए एनएच-24 पर स्थित गाजीपुर बॉर्डर बंद है.
दिल्ली- हरियाणा बॉर्डर सिर्फ दोपहिया गाड़ियों की आवाजागी के लिए खुला हुआ है. हरियाणा जाने के लिए धंसा, दौरेला, कापसहेड़ा, राजोकरी एनएच-8, बिजवासव/बजघेरा, पालम विहार और डुंडहेड़ा के रास्ते खुले हुए हैं.

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