मुख्य समाचार:

GST में रजिस्टर्ड नहीं हुए MSMEs को भी मिले लोन रिस्ट्रक्चरिंग का लाभ, फिर से मिले प्रायॉरिटी सेक्टर लेंडिंग टैग

रिजर्व बैंक ने मंगलवार को ऐसी कंपनियों के 25 करोड़ रुपये तक के लोन की एकबारगी रिस्ट्रक्चरिंग की अनुमति दी है, जिन्होंने भुगतान में चूक की है लेकिन उनका कर्ज अभी तक स्टैंडर्ड एसेट्स के रूप में क्लासीफाइड है.

January 2, 2019 7:56 PM

Extend loan restructuring scheme to MSMEs not yet registered under GST: Industry

सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रम (एमएसएमई) क्षेत्र ने मांग की है कि रिजर्व बैंक की लोन योजना का लाभ उन कंपनियों को भी मिलना चाहिए, जो अभी तक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत रजिस्टर नहीं हुई हैं. इसके अलावा क्षेत्र ने इस तरह के उपक्रमों के लिए प्रायॉरिटी सेक्टर लेंडिंग टैग बहाल करने की मांग की है.

रिजर्व बैंक ने मंगलवार को ऐसी कंपनियों के 25 करोड़ रुपये तक के लोन की एकबारगी रिस्ट्रक्चरिंग की अनुमति दी है, जिन्होंने भुगतान में चूक की है लेकिन उनका कर्ज अभी तक स्टैंडर्ड एसेट्स के रूप में क्लासीफाइड है.

नोटबंदी और GST से बड़ी संख्या में इकाइयां हुईं प्रभावित

भारतीय सूक्ष्म एवं लघु तथा मझोले उपक्रम महासंघ के सेक्रेटरी जनरल अनिल भारद्वाज ने कहा कि बेहतर होता यदि इस योजना के तहत सभी एमएसएमई आते, चाहे वे जीएसटी के तहत रजिस्टर हैं या नहीं. भारद्वाज ने कहा कि बड़ी संख्या में इकाइयां नोटबंदी और जीएसटी के दोहरे झटके की वजह से दबाव वाली आर्थिक परिस्थितियों से प्रभावित हुई हैं, जिसकी वजह से उनसे भुगतान में चूक हुई है.

एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम के चेयरमैन रजनीश गोयनका ने कहा कि निश्चित रूप से इससे एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन मिलेगा. हमने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि उन एमएसएमई को राहत दी जाए, जिनका ऋण एनपीए बन गया है या बनने वाला है.

सरकार वाकई दूर करना चाहती है MSME की ​समस्याएं

पावर2एसएमई के फाउंडर एवं सीईओ आर नारायण ने कहा कि एक करोड़ रुपये तक के कर्ज के लिए 59 मिनट के पोर्टल की योजना और दो फीसदी ब्याज सब्सिडी की योजना से सरकार की इस क्षेत्र की चिंता को दूर करने की मंशा का पता चलता है. इस समय कुछ बड़े कदमों की जरूरत है, मसलन एमएसएमई को प्रायॉरिटी सेक्टर लेंडिंग टैग फिर से बहाल किया जाना चाहिए.

एसोचैम और फिक्की ने भी RBI का कदम सराहा

उद्योग मंडल एसोचैम ने इस कदम को एक महत्वपूर्ण उपाय बताते हुए कहा कि इससे एमएसएमई क्षेत्र की प्रतिस्पर्धी क्षमता सुधरेगी. रिजर्व बैंक के कदम का स्वागत करते हुए फिक्की के अध्यक्ष संदीप सोमानी ने कहा कि इससे एसएमई को प्रोत्साहन मिल सकेगा, जो अभी ऐसे कारणों की वजह से वित्तीय दबाव झेल रहे हैं जो उनके नियंत्रण से बाहर हैं.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. GST में रजिस्टर्ड नहीं हुए MSMEs को भी मिले लोन रिस्ट्रक्चरिंग का लाभ, फिर से मिले प्रायॉरिटी सेक्टर लेंडिंग टैग

Go to Top