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  1. FY19 में EPF पर मिलेगा 8.65% ब्याज, वित्त मंत्रालय की मंजूरी; 6 करोड़ सब्सक्राइबर्स को होगा फायदा

FY19 में EPF पर मिलेगा 8.65% ब्याज, वित्त मंत्रालय की मंजूरी; 6 करोड़ सब्सक्राइबर्स को होगा फायदा

वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिये कर्मचारी भविष्य निधि पर 8.65 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दे दी है.

April 26, 2019 6:25 PM
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वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिये कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर 8.65 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दे दी है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने इस दर पर ब्याज देने का फैसला किया था जिसे मंजूरी के लिये वित्त मंत्रालय को भेजा गया था. मामले से जुड़े एक करीबी सूत्र ने पीटीआई-भाषा को यह जानकारी दी है.

उसने कहा,‘‘वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने 2018-19 के लिये ईपीएफ पर 8.65 प्रतिशत की दर से ब्याज देने के EPFO के फैसले पर सहमति दे दी है.’’ इस निर्णय से संगठित क्षेत्र में काम करने वाले करीब छह करोड़ से अधिक लोगों को उनके भविष्य निधि कोष पर लाभ होगा. पिछले वित्त वर्ष में ईपीएफओ ने अपने अंशधारकों को 8.55 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया था.

फरवरी में EPFO के बोर्ड ने बढ़ाई थी दरें

ईपीएफओ के बोर्ड ने इस साल फरवरी में ईपीएफ पर ब्याज दर बढ़ाकर 8.65 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था. यह पिछले तीन साल में ब्याज दर में पहली वृद्धि है. इससे पहले 2017-18 में ईपीएफ पर ब्याज दर 8.55 प्रतिशत थी. ईपीएफओ ने 2016-17 में ईपीएफ पर ब्याज दर 2015-16 के 8.80 प्रतिशत से घटाकर 8.65 प्रतिशत कर दी थी. मंत्रालय की सहमति के बाद आयकर विभाग और श्रम मंत्रालय इस बारे में अधिसूचना जारी करेंगे जिसके बाद ईपीएफओ अपने 120 से अधिक क्षेत्रीय अधिकारियों को संशोधित ब्याज दर के आधार पर ईपीएफ खाताधारकों के खाते में 2018-19 के लिये ब्याज की राशि जोड़ने का निर्देश देगी.

151.67 करोड़ रुपये का रहेगा अधिशेष

ईपीएफओ के अनुमान के मुताबिक 2018-19 के लिये 8.65 प्रतिशत की दर से ब्याज उपलब्ध कराये जाने के बाद 151.67 करोड़ रुपये का अधिशेष रहेगा. पिछले वित्त वर्ष में 8.7 प्रतिशत की दर से ब्याज उपलब्ध कराये जाने पर 158 करोड़ रुपये का घाटा होता. यही वजह है कि संगठन ने 31 मार्च 2019 को समाप्त वित्त वर्ष के लिये 8.65 प्रतिशत की दर से ब्याज दिये जाने का फैसला किया. वर्ष 2017-18 में ईपीएफओ ने पांच साल में सबसे कम 8.55 प्रतिशत की दर से ब्याज उपलबध कराया था.

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