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  1. सरकार ने पहली बार बेची शत्रु संपत्ति, अप्रैल में जुटाए 1874 करोड़ रुपये

सरकार ने पहली बार बेची शत्रु संपत्ति, अप्रैल में जुटाए 1874 करोड़ रुपये

यह पहला मौका है जब सरकार ने शत्रु संपत्ति बेचा है.

April 30, 2019 7:51 PM
शत्रु संपत्ति, enemy property, दीपम, मोदी सरकार, odi government, home ministry, rvnl, पिछले साल नवंबर में दीपम को शत्रु संपत्ति और शत्रु हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी मिली थी. (Image-PTI)

सरकार ने अप्रैल में 1,874 करोड़ रुपये मूल्य की शत्रु संपत्ति बेची है. यह पहला मौका है जब सरकार ने Enemy Property बेची है. सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 90,000 करोड़ रुपये के विनिवेश का लक्ष्य रखा है. सरकार वर्ष के लिये तय विनिवेश लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ते हुये शत्रु संपत्ति की बिक्री प्रक्रिया में तेजी लाना चाहती है. विनिवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विग (दीपम) की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़े के अनुसार सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2019-20 के पहले महीने में विनिवेश के जरिये 2,350 करोड़ रुपये जुटाये हैं. इसमें से 476 करोड़ रुपये रेल विकास निगम लि. (आरवीएनएल) के आईपीओ के जरिये जुटाये गये हैं जबकि शेष 1,874 करोड़ रुपये शत्रु संपत्ति की बिक्री करके जुटाये गये हैं.

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पिछले साल नवंबर में दीपम को मिली थी मंजूरी

मंत्रिमंडल ने नवंबर 2018 में दीपम को शत्रु संपत्ति और शत्रु हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दे दी थी. शत्रु संपत्ति से आशय ऐसी संपत्ति से जिन्हें लोग छोड़कर पाकिस्तान या चीन चले गये और वे भारत के नागरिक नहीं रह गये हैं. उसके बाद मार्च 2019 में मंत्रिमंडल ने ‘कस्टोडियन आफ एनिमी प्रोपर्टी फार इंडिया (सीईपीआई)’ के अंतर्गत आने वाली शत्रु संपत्ति को बेचने की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी. दीपम द्वारा निर्धारित संपत्ति बिक्री दिशानिर्देश के अनुसार सीईपीआई या गृह मंत्रालय संबंधित पक्षों तथा राज्य सरकार के परामर्श से बिक्री के लिये संपत्ति का चयन करता है. पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने विनिवेश के जरिये 84,972 करोड़ रुपये जुटाये. इसमें शत्रु हिस्सेदारी की बिक्री के जरिये जुटायी गयी 779 करोड़ रुपये की राशि भी शामिल हैं.

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