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  1. सिर्फ 2 महीने में ही SBI ने बेचे 3600 करोड़ के चुनावी बॉन्ड, RTI से हुआ खुलासा

सिर्फ 2 महीने में ही SBI ने बेचे 3600 करोड़ के चुनावी बॉन्ड, RTI से हुआ खुलासा

सिर्फ दो महीने मार्च और अप्रैल में ही लोगों ने इन बॉन्डों की खरीद कर ली है.

May 11, 2019 10:57 AM
electoral bond, election bond, चुनावी बॉन्ड, चुनावी बांड, एसबीआई, sbi, sbi electoral bond, rti, electoral bond rti, electoral bond sbi rti, most electoral bond, electoral bond popularity,Electoral Bond: 2017-18 के बजट में इसे शुरू करने की घोषणा हुई थी.

Electoral Bond: चुनावी मौसम में देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने 3622 करोड़ के चुनावी बॉन्ड की बिक्री की है. यह खुलासा एक आरटीआई से हुआ है. सूचना के अधिकार के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में बताया गया कि सिर्फ दो महीने मार्च और अप्रैल में ही लोगों ने इन बॉन्डों की खरीद कर ली है. यह आरटीआई पुणे के विहार दुर्वे ने दाखिल किया था. जवाब के मुताबिक मार्च में 1356.37 करोड़ और अप्रैल में 2256.37 करोड़ रुपये के बॉन्ड बेचे गए. सबसे अधिक बॉन्ड की बिक्री मुंबई में हुई जहां 694 करोड़ रुपये के बॉन्ड बिके. इसके बाद कोलकाता और नई दिल्ली में सबसे अधिक चुनावी बॉन्ड बिके.

2017-18 के बजट में शुरू करने की घोषणा

चुनावी बॉन्ड एक तरह से करेंसी नोट की तरह होता जिसके जरिए राजनीतिक पार्टियों को चंदा दिया जाता है. राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 2017-18 के बजट के दौरान चुनावी बॉन्ड शुरू करने की घोषणा की गई थी. यह 1000 रुपये, दस हजार रुपये, 1 लाख, दस लाख और एक करोड़ रुपये के मूल्य में उपलब्ध हैं.

वित्त मंत्रालय से नोटिस जारी होने के बाद इसे एसबीआई की चुनिंदा शाखाओं से खरीदा जा सकता है. इस बॉन्ड को सिर्फ भारतीय नागरिक खरीद सकता है जिसे 15 दिनों के भीतर राजनीतिक पार्टियों को बैंक से कैश कराना होता है. बांड पर चंदा देने वाले का नाम नहीं होता है और इसकी डिटेल्स सिर्फ बैंक के पास रहती है.

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कौन ले सकता है Electoral Bond

चुनावी बॉन्ड के जरिए सभी राजनीतिक पार्टियां चंदा नहीं ले सकती हैं. इसके जरिए वही पार्टी चंदा ले सकती है जो 1951 अधिनियम के सेक्शन 29ए के तहत रजिस्टर हो और उसे पिछले आम चुनाव में कुल मतदान के न्यूनतम एक फीसदी वोट मिले हों.

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