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लगातार 7वें माह सुस्त रहा कोर सेक्टर, सितंबर में उत्पादन 0.8% घटा

लेकिन मार्च के बाद यह सबसे कम गिरावट है.

Updated: Oct 30, 2020 1:26 AM
Eight core industries output contracts 0.8 pc in September 2020मुख्य रूप से कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और सीमेंट क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन की वजह से बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में गिरावट आई.

आठ बुनियादी उद्योगों (Core Sector) के उत्पादन में गिरावट का सिलसिला सितंबर में लगातार सातवें महीने जारी रहा. उत्पादन में सालाना आधार पर 0.8 फीसदी की गिरावट आई. लेकिन मार्च के बाद यह सबसे कम गिरावट है. सितंबर, 2019 में बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में 5.1 फीसदी की गिरावट आई थी. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर में मुख्य रूप से कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और सीमेंट क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन की वजह से बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में गिरावट आई.

आंकड़ों के अनुसार, कोरोना वायरस और लॉकडाउन से प्रभावित इस दौर में आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ा है. सितंबर में कोयला, बिजली और इस्पात उद्योग के उत्पादन में बढोतरी रही. इसके विपरीत कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक और सीमेंट सभी क्षेत्रों का उत्पादन नीचे आया.

कच्चे तेल के उत्पादन में छह फीसदी की गिरावट

सितंबर में कच्चे तेल के उत्पादन में छह फीसदी की गिरावट आई. इसके अलावा प्राकृतिक गैस का उत्पादन 10.6 फीसदी, रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन 9.5 फीसदी, उर्वरक का 0.3 फीसदी और सीमेंट का उत्पादन 3.5 फीसदी नीचे आया. वहीं दूसरी ओर समीक्षाधीन महीने में कोयला क्षेत्र के उत्पादन में 21.2 फीसदी की वृद्धि हुई. इस्पात क्षेत्र का उत्पादन 0.9 फीसदी और बिजली का उत्पादन 3.7 फीसदी बढ़ गया. चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही अप्रैल-सितंबर के दौरान आठ बुनियादी उद्योगों का उत्पादन पिछले साल इसी अवधि की तुलना में 14.9 फीसदी घटा है. इससे पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में आठ बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 1.3 फीसदी बढ़ा था.

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बेस इफेक्ट की वजह से कोयला उत्पादन बढ़ा

इक्रा लि. की प्रमुख अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि बुनियादी उद्योगों के प्रदर्शन में सितंबर में उल्लेखनीय सुधार का कारण बेस इफेक्ट की वजह से कोयला उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी है. सितंबर, 2019 में भारी बारिश और श्रम मुद्दों की वजह से कोयला उत्पादन प्रभावित हुआ था. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद आवाजाही में सुधार से रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में सितंबर में गिरावट आधी रह गई है. यह एक उत्साहवर्धक संकेत हैं, जो निकट भविष्य में जारी रहेगा.

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