सर्वाधिक पढ़ी गईं
  1. बिज़नस न्यूज़
  2. बजट 2021
  3. Economic Survey 2020-21 Updates: ग्रोथ को बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जरूरी

Economic Survey 2020-21 Updates: ग्रोथ को बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जरूरी

Economic Survey 2021 India, आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) 2020-21 Updates: संसद का बजट सत्र 2021 शुरू

By: | Updated: January 30, 2021 8:32:09 am
Economic Survey 2020-21"The 100 unicorns, which India now has, are built on the quality of their ideas instead of any connections or dynastic successions," said CEA. (Image: PTI)

Union Budget Economic Survey 2021 in Hindi: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 को पेश किया. इसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) केवी सुब्रमण्यन ने आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 की डिटेल्स को सबके साथ साझा किया. इस दौरान सीईए ने आर्थिक सर्वेक्षण का मोबाइल ऐप भी लाॅन्च किया.

आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2021-22 में भारत की वास्‍तविक जीडीपी वृद्धि दर 11 फीसदी रहेगी. वहीं वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर (-) 7.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है. हालांकि व्‍यापक कोविड19 टीकाकरण अभियान, सेवा क्षेत्र में तेजी से हो रही बेहतरी, बिजली की मांग, रेल माल भाड़ा, ई-वे बिलों, जीएसटी कलेक्शन बढ़ने और उपभोग एवं निवेश में तीव्र वृद्धि की बदौलत ‘V’ आकार में आर्थिक विकास होगा.

आर्थिक सर्वे में यह भी कहा गया है कि आईएमएफ के अनुसार, भारत अगले दो वर्षों में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्‍यवस्‍था बन जाएगा. भारत में चालू खाता सरप्लस वित्त वर्ष 2021 में जीडीपी का 2 फीसदी रहेगा, जो 17 वर्षों के बाद ऐतिहासिक उच्‍चतम स्‍तर है.

बजट सत्र शुरू

इससे पहले, संसद के बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ हुई. राष्ट्रपति ने दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया और सरकार के कामकाज का उल्लेख किया. आमतौर पर आम बजट पेश किए जाने के पूर्व कार्यदिवस पर आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाता है. इसमें देश अर्थव्‍यवस्‍था की सेहत का पूरा लेखा-जोखा रहता है. इस बार 31 जनवरी को रविवार होने के कारण आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी को संसद में पेश किया जा रहा है.

Budget 2021: क्या होता है इकोनॉमिक सर्वे, बजट से इसका कैसे लेना-देना?

Read More

Live Blog

Economic Survey 2021 Updates in Hindi: Economic Survey of India News, आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21

Highlights

    23:09 (IST)29 Jan 2021
    Economic Survey 2020-21: महंगाई की सही तस्वीर दिखाने के लिए खाद्य उत्पादों के भारांश में बदलाव का सुझाव

    आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि देश में मुद्रास्फीति की सही तस्वीर को दिखाने के लिए खाद्य उत्पादों के भारांश में संशोधन किया जाना चाहिए. आंकड़ों के नए स्रोतों को शामिल किया जाना चाहिए. इसके साथ ही समीक्षा में कहा गया है कि खुदरा ई-कॉमर्स लेनदेन बढ़ने के बीच मुद्रास्फीति में मूल्य आंकड़ों के नए स्रोतों को शामिल किया जाना चाहिए. सर्वे में कहा गया है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति में हालिया वृद्धि आपूर्ति की दिक्क्तों से संबंधित है. Economic Survey 2020-21: महंगाई की सही तस्वीर दिखाने के लिए खाद्य उत्पादों के भारांश में बदलाव का सुझाव

    22:20 (IST)29 Jan 2021
    Economic Survey 2020-21: ग्रोथ को बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जरूरी

    ग्रोथ को बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश को सबसे बेहतर बताते हुए आर्थिक सर्वे में शुक्रवार को कहा गया है कि अर्थव्यवस्था के अनलॉक होने के बाद इंफ्रा सेक्टर्स ग्रोथ की ओर ओगे बढ़ रहे हैं. और रोड का निर्माण कोविड-19 पूर्व की तेज रफ्तार पर लौट सकता है. Economic Survey 2020-21: ग्रोथ को बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जरूरी, अनलॉक होने के बाद सेक्टर की स्थिति बेहतर

    21:55 (IST)29 Jan 2021
    Economic Survey 2020-21: कोरोना के चलते व्यापार घाटा में आई बड़ी गिरावट

    कोरोना महामारी के चलते पिछले साल 2020 में दुनिया भर में कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ था. भारत की बात करें तो चालू वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही के दौरान, भारत के निर्यात और आयात में भी तेज गिरावट रही थी. आयात में गिरावट निर्यात के मुकाबले अधिक रही जिसके कारण 2020-21 की पहली तिमाही में व्यापार घाटा महज 980 करोड़ डॉलर रह गया जो उसके पिछले साल पिछले वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में 4920 करोड़ डॉलर था. इसके अलावा भारत को 18 साल के बाद किसी महीने में ट्रेड सरप्लस हुआ था. जून 2020 में आयात के मुकाबले भारत का निर्यात अधिक रहा. Economic Survey 2020-21: कोरोना के चलते व्यापार घाटा में आई बड़ी गिरावट, 18 साल बाद किसी महीने में ट्रेड प्लस    

    21:27 (IST)29 Jan 2021
    Economic Survey 2020-21: कोरोना महामारी से उबरा रीयल एस्टेट

    कोरोना महामारी के चलते चालू वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2020 में रेजिडेंशियल प्रापर्टी मार्केट बुरी तरह प्रभावित हुआ था लेकिन सालाना आर्थिक सर्वे 2021 के मुताबिक जुलाई के बाद से किफायती घरों (अफोर्डेबल होम्स) सेग्मेंट में बिक्री में सुधार हुआ. यह रीयल एस्टेट सेक्टर में इकोनॉमिक रिकवरी का संकेत है. नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) की हाउसिंग प्राइस इंडिसेज (एचपीआईज) किसी एक भौगोलिक क्षेत्र में आवासीय संपत्तियों के भाव में उतार-चढ़ाव का एक मापक है. इसके मुताबिक जुलाई-सितंबर 2020 में एसेसममेंट प्राइस पर एचपीआई में तिमाही आधार पर 150 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. Economic Survey 2020-21: कोरोना महामारी से उबरा रीयल एस्टेट, किफायती घरों की बिक्री में बढ़ोतरी से मिले रिकवरी के संकेत

    21:23 (IST)29 Jan 2021
    Economic Survey 2020-21: देश में इंटरनेट और ब्रॉडबैंड की पहुंच तेजी से बढ़ी

    बजट से पहले आर्थिक सर्वे में शुक्रवार को कहा गया है कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट और ब्रॉडबैंड की पहुंच तेजी से आगे बढ़ी है. और डेटा की घटी कीमत से तेज रफ्तार पर किफायती एक्सेस में मदद मिलेगी. सर्वे में JAM-ट्रिनिटी (जनधन आधार मोबाइल) आधारित सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं और सरकार की प्रो-डेवलपमेंट योजनाओं को लागू करने में टेलिकॉम सेक्टर की मुख्य भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि डिजिटल भेदभाव का समाधान करने के लिए हर भारतीय नागरिक को समावेशी इंटरनेट की पहुंच देकर कोशिश की जा रही है. Economic Survey 2020-21: देश में इंटरनेट और ब्रॉडबैंड की पहुंच तेजी से बढ़ी, लोगों को किफायती डेटा देने पर जोर

    20:16 (IST)29 Jan 2021
    Economic Survey 2021: कृषि कानूनों से ‘मार्केट फ्रीडम‘ का नया दौर शुरू

    केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसान राजधानी दिल्ली की सीमा पर लगातार विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं. इन सबके बीच 29 जनवरी को संसद में पेश सालाना आर्थिक सर्वेक्षण में केंद्र सरकार ने इन कानूनों का बचाव किया है. इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक इन कानूनों को मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों के फायदे के लिए तैयार किया गया है. भारत में छोटे और सीमांत किसानों की संख्या कुल किसानों की करीब 85 फीसदी है. आर्थिक सर्वे के मुताबिक इन कानूनों के जरिए मार्केट फ्रीडम का एक नया समय शुरू हो रहा है. इससे देश के छोटे और मार्जिनल किसानों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आएगा. दूसरी तरफ इन कानूनों का किसान यह कहते हुए विरोध कर रहे हैं कि यह कॉरपोरेट के फायदा पहुंचाएगा और सरकारी मंडियों एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केटिंग कमेटीज (APMCs) को इससे नुकसान पहुंचेगा. Economic Survey 2020-21: कृषि कानूनों से ‘मार्केट फ्रीडम‘ का नया दौर शुरू, छोटे किसानों को होगा फायदा- आर्थिक सर्वेक्षण

    19:45 (IST)29 Jan 2021
    ऑनलाइन शिक्षा से पढ़ाई में खत्म होगी असमानता, सही तरीके से करना होगा इस्तेमाल

    मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) केवी सुब्रमण्यन ने शुक्रवार को आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 को लॉन्च किया, जिसे सुबह संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया. सीईए ने आर्थिक सर्वेक्षण का मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया. इसके साथ सर्वे में ऑनलाइन शिक्षा पर भी बात की गई है. सर्वे में कहा गया है कि अगर इसका सही इस्तेमाल किया जाता है, तो इससे शैक्षिक परिणाम में होने वाली असमानताएं खत्म होंगी. Economic Survey 2020-21: ऑनलाइन शिक्षा से पढ़ाई में खत्म होगी असमानता, सही तरीके से करना होगा इस्तेमाल

    19:25 (IST)29 Jan 2021
    वित्त मंत्री ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के तरीके पर उठाए सवाल

    केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 29 जनवरी को संसद में आर्थिक समीक्षा 2020-21 पेश करते कहा कि सोवरेन क्रेडिट रेटिंग को अधिक पारदर्शी होना चाहिए और इसमें अर्थव्यवस्था के मूल तत्वों का समावेश होना चाहिए. केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि सोवरेन क्रेडिट रेटिंग के इतिहास में ऐसा अब तक नहीं हुआ है कि दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को निवेश के लिए सबसे निम्न श्रेणी (बीबीबी/बीएए3) दी गई हो. इस मामले में चीन और भारत इसके अपवाद हैं यानी इन दोनों बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों को वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी निम्न श्रेणी की रेटिंग दी है. कम रेटिंग से एफपीआई फ्लो पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. वित्त मंत्री ने क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों के तरीके पर उठाए सवाल,कहा- एकजुट हों विकासशील देश

    19:13 (IST)29 Jan 2021
    सर्वे में आयुष्मान भारत की सराहना

    मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘आयुष्मान भारत‘ ने देशभर में कोविड लाॅकडाउन और महामारी के दौरान आम लोगों की किस तरह मदद पहुंचाई, इसका उल्लेख आर्थिक सर्वेक्षण 2021 में किया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए बताया कि जिन राज्यों ने इस स्वास्थ्य योजना को अपनाया, उन राज्यों में इसका मजबूत सकारात्मक परिणाम सामने आया है.पूरी खबर यहां पढ़ें- Economic Survey 2021: PMJAY लागू नहीं होने से पड़ोसी राज्यों से कितना पिछड़ा बंगाल? आर्थिक सर्वे में सामने आए आंकड़े

    19:11 (IST)29 Jan 2021
    सर्वे पेश करते समय सीईए ने मालगुडी डेज, थ्री ईडियट्स का सहारा

    आर्थिक सर्वे 2020-21 का कवर कोविड वॉरियर्स को समर्पित है. इस दौरान सीईए ने सर्वे के महत्वपूर्ण बिंदुओं को कुछ दिलचस्प बातों से जोड़ा. ये बातें भारतीय क्रिकेट टीम, महाभारत की एक कहावत, मालगुडी डेज की एक कहानी और थ्री ईडियट्स फिल्म के एक सीन से जुड़ी हैं. आइए जानते हैं सीईए ने आर्थिक सर्वे के किस पहलू के लिए किस दिलचस्प बात का सहारा लिया- Economic Survey: क्रिकेट टीम से मालगुडी डेज और 3 इडियट्स तक, CEA सुब्रमण्यन ने जब इन बातों का किया जिक्र

    17:07 (IST)29 Jan 2021
    इकोनॉमिक सर्वे का आउटलुक

    अर्थव्यवस्था में वी शेप रिकवरी हो रही है. पॉलिसी मेकिंग परिपक्व है. भारत में बोल्ड फैसले लेने की क्षमता है. लॉन्ग टर्म के फायदे के लिए शॉर्ट टर्म की परेशानी झेलने के लिए तैयार हैं. देश में सबसे बड़ा टीकारण अभियान चल रहा है और इससे हेल्थ व इकोनॉमी के फ्रंट पर आशाएं पैदा हुई हैं. वैक्सीन नहीं लगने तक हर किसी को सावधानी बरतने की जरूरत है.

    17:02 (IST)29 Jan 2021
    मौलिक जरूरतों तक पहुंच के लिए कम हुई अमीर-गरीब के बीच की खाई

    सीईए ने कहा कि भारत में मौलिक जरूरतों की पूर्ति तक पहुंच के मामले में अमीर और गरीब के बीच की खाई काफी हद तक भरी है. 

    16:56 (IST)29 Jan 2021
    मौलिक जरूरतों की पूर्ति में शहरी भारत की स्थिति

    16:53 (IST)29 Jan 2021
    मौलिक जरूरतों की पूर्ति के मामले में ग्रामीण भारत की स्थिति

    16:50 (IST)29 Jan 2021
    मौलिक जरूरतों के मामले में हुए सुधार

    सीईए ने अपने प्रेजेंटेशन में आम लोगों की मौलिक जरूरतों के मामले में देश में कैसे सुधार हुआ है. इसके बारे में भी बताया. उन्होंने मौलिक जरूरतों पानी, स्वच्छता, आवास, माइक्रो इनवायरमेंट आदि की पूर्ति में 2012 में भारत कहां था और 2018 में कहां था, इसका एक तुलनात्मक चार्ट शो किया. यह विश्लेषण करने के लिए 26 इंडीकेटर्स का इस्तेमाल हुआ.

    16:45 (IST)29 Jan 2021
    इनोवेशन पर खर्च में योगदान

    भारत में बिजनेस सेक्टर इनोवेशन पर होने वाले कुल खर्च में 37 फीसदी योगदान देता है. दुनिया की टॉप 10 अर्थव्यवस्थाओं में बिजनेसेज द्वारा औसत योगदान 68 फीसदी है. सरकार की बात करें तो भारत सरकार आरएंडडी पर खर्च में 56 फीसदी योगदान देती है. यह टॉप 10 इकोनॉमीज की सरकारों द्वारा औसत योगदान का तीन गुना है. 

    16:42 (IST)29 Jan 2021
    भारत पहली बार

    भारत इस साल पहली बार टॉप 50 इनोवेटिव इकोनॉमीज में शामिल हुआ है. इसकी वजह है कि देश ने अपने विकास के स्तर को बेहतर किया है. 

    16:36 (IST)29 Jan 2021
    आर्थिक सर्वे का चैप्टर 6: देश में इन रिफॉर्म की जरूरत है

    भारत में किसी कंपनी को वॉलंटरी लिक्विडेशन के लिए 1570 दिन लगते हैं, अगर कोई विवाद या मुकदमेबाजी न हो और पेपरवर्क पूरा हो. वहीं सिंगापुर में केवल 120 दिन लगते हैं. कुछ कंपनियों को कंस्ट्रक्शन परमिट हासिल करने में 50 दिन लगते हैं, वहीं कुछ को 200 दिन लगते हैं. इसलिए रेगुलेशंस को सरल करने और ज्यादा पारदर्शी बनाने की जरूरत है: सीईए

    16:34 (IST)29 Jan 2021
    भारत की ज्यादा क्रेडिट रेटिंग होनी चाहिए: CEA

    भारत की पुनर्भुगतान करने की क्षमता बहुत ज्यादा है. इसलिए भारत को ज्यादा क्रेडिट रेटिंग मिलनी चाहिए थी. 

    16:32 (IST)29 Jan 2021
    भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग्स फंडामेंटल को नहीं दिखाती: CEA

    इकॉनोमिक सर्वे में कहा गया है कि पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को AAA रेट किया गया है. इसमें चीन (A-) और भारत (BBB+) अपवाद हैं. उभरती हुई बड़े देशों को उनके अर्थव्यवस्था के फंडामेंटल के मुताबिक रेटिंग्स नहीं मिल रही हैं. भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग्स उसके फंडामेंटल को नहीं दिखाती हैं. 

    16:28 (IST)29 Jan 2021
    आयुष्मान भारत कैसे हेल्थ आउटकम्स को बेहतर बना रही है

    सीईए ने एक प्रेजेंटेशन में आयुष्मान भारत अपनाने वाले और नहीं अपनाने वाले राज्यों के बीच एक तुलना पेश की.

    16:27 (IST)29 Jan 2021
    स्लोडाउन में सार्वजनिक निवेश जरूरी: CEA

    इकॉनोमिक सर्वे में सार्वजनिक निवेश की क्षमता के बारे में बात की गई है, खासकर स्लोडाउन में, ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए राजकोषीय नीति की जरूरत बोती है. 

    16:25 (IST)29 Jan 2021
    आयुष्मान भारत का फायदा

    आयुष्मान भारत के तहत 10-15000 रुपये की रेंज के खर्च वाला इलाज भी होता है. इसके अलावा गरीब लोगों की पहुंच से बाहर रहने वाले महंगे इलाज को भी आयुष्मान भारत के तहत कवर किया जाता है. 

    16:23 (IST)29 Jan 2021
    भारत का कर्ज कम होगा: CEA

    CEA ने कहा कि अगर भारत का वित्त वर्ष 23 से 29 तक रियल जीडीपी ग्रोथ हर साल 3.8 फीसदी जितनी निचले स्तर पर भी रहती है, तो भी ऋण कम होगा. 

    16:19 (IST)29 Jan 2021
    प्राइवेट सेक्टर के बुरा करने पर आगे आए सरकार: CEA

    इकॉनोमिक सर्वे में काउंटर-साइक्लिकल फिजकल पॉलिसी की बात की गई है. इसमें सरकार प्राइवेट सेक्टर के बुरा करने पर आगे आए और इसका अच्छा करने पर पीछे हटने को कहा गया है. 

    Image

    16:12 (IST)29 Jan 2021
    भारत संरचनात्मक सुधार करने वाला एकमात्र देश: CEA

    CEA ने कहा कि जीवन और आजीविका को बचाने के लिए समझदार और दूरदर्शी रिस्पॉन्स ने लंबी अवधि में लाभ के लिए छोटी अवधि में दर्द दिया. यह समझा गया कि जीडीपी ग्रोथ रिकवर हो जाएगी, लेकिन खोय जिंदगियों को वापस नहीं लाया जा सकता है. भारत संरचनात्मक सुधार करने वाला एकमात्र देश है. 

     

    16:09 (IST)29 Jan 2021
    सप्लाई, नौकरियां बढ़ाने के लिए रिफॉर्म किए गए: CEA

    CEA ने कहा कि कई संरचनात्मक रिफॉर्म का एलान किया गया, जिससे मध्यम और लंबे समय में सप्लाई बढ़े, प्राइमेरी और सेकेंडरी सेक्टर्स मजबूत हों, नौकरियां पैदा हों और डिमांड को बढ़ावा मिले. 

    Image

    16:06 (IST)29 Jan 2021
    पहले चरण में जरूरतों को सुनिश्चित किया गया: CEA

    भारत के पॉलिसी रिस्पॉन्स में डिमांड पर थोड़ा असर किया. भारत ने पहले चरण में जरूरतों को सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया. 

    e

    16:00 (IST)29 Jan 2021
    लॉकडाउन ने की मदद: CEA

    CEA ने कहा कि लॉकडाउन के बिना भी, कोविड-19 महामारी से बड़ा आर्थिक असर होता. लेकिन लॉकडाउन ने समन्वित रिस्पॉन्स में मदद की, जिससे जिंदगियां और आजीविका बची. 

    15:58 (IST)29 Jan 2021
    लॉकडाउन से जिंदगियां और आजीविका बची: CEA

    लॉकडाउन से राज्यों में मामलों और मौतों की संख्या में गिरावट आई है, जो सभी राज्यों में है, केवल कुछ में नहीं. यह दिखाता है कि इससे जिंदगियां और आजीविका बची है. 

    15:55 (IST)29 Jan 2021
    लॉकडाउन से भविष्य में सकारात्मक ग्रोथ: सर्वे

    लॉकडाउन की सख्ती से समान अवधि में नकारात्मक ग्रोथ रही लेकिन यह भविष्य में सकारात्मक ग्रोथ से जुड़ा है. 

     

    15:52 (IST)29 Jan 2021
    जल्दी लॉकडाउन ने जिंदगियों को बचाया, तेज रिकवरी में की मदद: CEA

    CEA ने कहा कि ज्यादा अनिश्चित्ता के दौरान पॉलिसी से बड़ा नुकसान कम होना चाहिए. भारत का कोविड-19 के खिलाफ पॉलिसी रिस्पॉन्स इस बात से रहा कि जीडीपी ग्रोथ वापस आ जाएगी, लेकिन लोगों की जिंदगी नहीं खोनी चाहिए. जल्दी लॉकडाउन ने जिंदगियों को बचाया और तेज रिकवरी में मदद की. 

    15:43 (IST)29 Jan 2021
    चैप्टर 1 में कोविड-19 के खिलाफ पॉलिसी

    CEA ने बताया कि इकॉनोमिक सर्वे का चैप्टर 1 कोविड-19 के खिलाफ भारत की पॉलिसी प्रतिक्रिया को लेकर है. 

    15:38 (IST)29 Jan 2021
    इकॉनोमिक सर्वे मोबाइल ऐप लॉन्च

    मुख्य आर्थिक सलाहकार के सुब्रमण्यन ने इकॉनोमिक सर्वे मोबाइल ऐप लॉन्च किया है. CEA ने कहा कि इस साल का सर्वे ई-बुक फॉर्मेट में है, जिसके साथ सर्वे का एक आधिकारिक ऐप मौजूद है.

    Image

    15:35 (IST)29 Jan 2021
    राज्यसभा 1 फरवरी तक स्थगित

    राज्यसभा की कार्यवाही 1 फरवरी तक स्थगित कर दी गई है. 

    15:34 (IST)29 Jan 2021
    राज्यसभा में आर्थिक सर्वे पेश

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में आर्थिक सर्वे पेश किया. 

    15:05 (IST)29 Jan 2021
    राज्यसभा की कार्यवाही शुरू

    Image

    13:53 (IST)29 Jan 2021
    FY21 में -7.7% रहेगी GDP ग्रोथ रेट

    आर्थिक सर्वे में मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट -7.7 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है. साथ ही आगामी वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में वी शेप रिकवरी होने की बात कही गई है. बता दें कि कोविड19 की वजह से आर्थिक गतिविधियों में पैदा हुई रुकावटों के चलते मौजूदा वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट -23.9 फीसदी रही थी, जो कि 40 सालों का निचला स्तर था. इसके बाद जुलाई-सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट -7.5 फीसदी रही. 

    13:34 (IST)29 Jan 2021
    लोकसभा सोमवार तक के लिए स्थगित

    लोकसभा सोमवार 1 फरवरी को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है. 1 फरवरी को 11 बजे बजट 2021 पेश किया जाएगा.

    13:32 (IST)29 Jan 2021
    FY22 के लिए GDP ग्रोथ रेट 11 फीसदी रहने का अनुमान

    आर्थिक सर्वे में वित्त वर्ष 2021-22 के लिए GDP ग्रोथ रेट 11 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है. ग्रोथ में रिकवरी, मुख्यत: खपत की वजह से होगी.

    वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आम बजट 1 फरवरी को पेश किया जाने वाला है. यह मोदी 2.0 और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का तीसरा आम बजट होगा. कोविड19 से अर्थव्यवस्था को लगे झटके को देखते हुए सरकार रिकवरी तेज करने के लिए क्या एलान करती है, इसे लेकर इस बार के बजट पर सबकी निगाहें हैं.
    Tags:Budget SessionEconomic SurveyNirmala SitharamanUnion Budget 2021
    Next Stories
    1Bitcoin में भारी गिरावट, 30,000 डॉलर से कम हुई कीमत, पांच महीने का सबसे निचला स्तर
    2Airtel ने अपने दो रिचार्ज प्लान्स में किया बदलाव, 349 रुपये में अब मिलेगा रोजाना 2.5GB डेटा
    3कितना खतरनाक है कोरोना वायरस का नया वैरिएंट, क्या तीसरी लहर में कहर मचाएगा डेल्टा प्लस?

    Go to Top