मुख्य समाचार:

चीन की करतूत और भारतीय सेना की तैयारियों पर संसद में बोले रक्षा मंत्री, राहुल गांधी ने किया पलटवार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में भारत और चीन सीमा पर चल रहे तनाव को लेकर मंगलवार को लोकसभा में विस्तार से बयान दिया.

Updated: Sep 15, 2020 6:54 PM
Defence Minister Rajnath Singh Statement On LAC Faceoff In LokSabha, Indian Armed Forces are capable of facing any challenge from China, भारत—चीन तनाव पर राजनाथ सिंह, एलएसी, भारत—चीन बॉर्डर इश्यू, भारत—चीन सीमा पर तनाव, राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा, भारत चीन तनाव, rajnath singh, line of actual control, india-china tension, india-china face off, india china boarder issues, parliament monsoon sessionImage: PTI

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में भारत और चीन सीमा पर चल रहे तनाव को लेकर मंगलवार को लोकसभा में विस्तार से बयान दिया. उन्होंने सदन को LAC पर चल रही गतिविधियों से अवगत कराया. इस दौरान रक्षा मंत्री ने एक ओर LAC पर चीन द्वारा की गई हरकतों का ब्यौरा दिया, वहीं दूसरी ओर इस बात को लेकर आश्वस्त किया कि भारतीय सेना किसी भी परिस्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है.

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत-चीन सीमा का प्रश्न अभी तक अनसुलझा है. भारत और चीन की सीमा का प्रथागत और परंपरागत अलाइनमेंट चीन नहीं मानता है. इस अलाइनमेंट की पुष्टि विभिन्न समझौतों, ऐतिहासिक प्रचलनों और प्रैक्टिसेज द्वारा हुई है. लेकिन चीन यह मानता है कि सीमा अभी भी औपचारिक रूप से निर्धारित नहीं है. चीन, भारत की लगभग 38,000 वर्ग किमी भूमि का अनाधिकृत कब्जा लद्दाख में किए हुए है. इसके अलावा, 1963 में एक तथाकथित सीमा समझौते के तहत पाकिस्तान ने PoK की 5180 वर्ग किमी की भारतीय जमीन अवैध रूप से चीन को सौंप दी. चीन अरूणाचल प्रदेश की सीमा से लगे हुए लगभग 90,000 वर्ग किमी भारतीय क्षेत्र को भी अपना बताता है.

क्या हैं समझौते

भारत और चीन, दोनों ने औपचारिक तौर पर यह माना है कि सीमा के प्रश्न के समाधान के लिए धैर्य की आवश्यकता है और इसे उचित, तर्कसंगत और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान, शांतिपूर्ण बातचीत के द्वारा निकाला जाए. अंतरिम रूप से दोनों पक्ष सीमा पर शांति बहाल रखते हुए द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाना चाहते हैं. अभी तक India-China के सीमा क्षेत्र में सामान्य रूप से निरूपित लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) नहीं है और LAC को लेकर दोनों की समझ अलग-अलग है. इसलिए शांति बहाल रखने के लिए दोनों देशों के बीच कई तरह के समझौते और प्रोटोकॉल्स हैं.

वर्ष 1993 एवं 1996 के समझौते में इस बात का जिक्र है कि LAC के पास दोनों देश अपनी सेनाओं की संख्या कम से कम रखेंगे. जब तक सीमा प्रश्न का पूर्ण समाधान नहीं होता, तब तक LAC का कड़ाई से सम्मान व पालन होगा और उसका उल्लंघन नहीं किया जाएगा.

अप्रैल और मई में लद्दाख में क्या हुआ

राजनाथ सिंह ने वर्तमान परिस्थिति से सदन को अवगत कराते हुए कहा कि अप्रैल माह से पूर्वी लद्दाख की सीमा पर चीन की सेनाओं की संख्या और उनके हथियारों में वृद्धि देखी गई. मई महीने की शुरुआत में चीन ने गलवान घाटी क्षेत्र में हमारी सेना के सामान्य, परंपरागत पैट्रोलिंग पैटर्न में व्यवधान शुरू किया, जिसके कारण face-off की स्तिथि उत्पन्न हुई. ग्राउंड कमांडर्स द्वारा इस समस्या को सुलझाने के लिए विभिन्न समझौतों व प्रोटेाकॉल के तहत वार्ता की जा रही थी कि इसी बीच मई महीने के मध्य में चीन द्वारा वेस्टर्न सेक्टर में कई स्थानों पर LAC पर अतिक्रमण करने की कोशिश की गई. इन इलाकों में Kongka La, Gogra और Pangong Lake का उत्तरी तट शामिल है. इन कोशिशों को हमारी सेनाओं ने समय पर देख लिया और उसके लिए आवश्यक जवाबी कार्यवाही की.

रक्षा मंत्री ने आगे बताया कि हमने चीन को डिप्लोमैटिक व मिलिट्री चैनल्स के माध्यम से यह अवगत करा दिया कि इस प्रकार की गतिविधियां, यथास्थिति को एकतरफा बदलने का प्रयास है. यह भी साफ कर दिया गया कि ये प्रयास हमें किसी भी सूरत में मंजूर नहीं हैं.

जून में क्या हुआ

LAC के ऊपर टकराव बढ़ता हुआ देख कर दोनों तरफ के सैन्य कमांडरों ने 6 जून 2020 को मीटिंग की और इस बात पर सहमति बनी कि पारस्परिक एक्शंस द्वारा डिसइंगेजमेंट किया जाए. दोनो पक्ष इस बात पर भी सहमत हुए कि LAC को माना जाएगा और कोई ऐसी कार्रवाई नहीं की जाएगी जिससे यथास्थिति बदले. लेकिन इस सहमति के उल्लंघन में चीन द्वारा एक हिंसक face off की स्थिति 15 जून को गलवान में क्रिएट की गई. हमारे बहादुर सिपाहियों ने अपनी जान का बलिदान दिया लेकिन साथ ही चीनी पक्ष को भी भारी क्षति पहुंचाई और अपनी सीमा की सुरक्षा में कामयाब रहे. इस पूरी अवधि के दौरान हमारे बहादुर जवानों ने जहां संयम की जरूरत थी, वहां संयम रखा और जहां शौर्य की जरूरत थी, वहां शौर्य प्रदर्शित किया.

SBI कस्टमर ध्यान दें! 18 सितंबर से बदल जाएगा ATM से पैसा निकालने का नियम, रखें ध्यान

अगस्त में चीन ने फिर चली चाल

रक्षा मंत्री ने बताया कि चीनी पक्ष के साथ समझौतों और प्रोटोकॉल्स का पालन किए जाने को लेकर बातचीत चल रही रही थी कि चीन की तरफ से 29 और 30 अगस्त की रात को उकसाने वाली सैनिक कार्रवाई की गई, जो Pangong Lake के दक्षिण तट क्षेत्र में यथास्थिति को बदलने का प्रयास था. लेकिन एक बार फिर हमारी सशस्त्र सेनाओं के सही समय पर कड़ी प्रतिक्रिया के कारण उनके ये प्रयास सफल नहीं हुए.

उल्लिखित घटनाक्रम से स्पष्ट है कि चीन की कार्रवाई से हमारे विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों के प्रति उसकी उपेक्षा दिखती है. जबकि हमारी सेना इसका पूरी तरह पालन करती है. अभी की स्थिति के अनुसार चीनी पक्ष ने LAC और अंदरूनी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सैनिक टुकड़ियां और गोलाबारूद मोबिलाइज किया हुआ है. पूर्वी लद्दाख और Gogra, Kongka La और Pangong Lake के उत्तरी और दक्षिणी तट पर कई फ्रिक्शन एरिया हैं. चीन की कार्रवाई के जवाब में हमारी सशस्त्र सेनाओं ने भी इन क्षेत्रों में उपयुक्त काउंटर डिप्लॉयमेंट किए हैं ताकि भारत के सुरक्षा हित पूरी तरह सुरक्षित रहें. सदन को आश्वस्त रहना चाहिए कि हमारी सेनाएं इस चुनौती का सफलता से सामना करेंगी.

सीमा सुरक्षा के हमारे संकल्प पर न रखें कोई संदेह

राजनाथ सिंह ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि एक ओर किसी को भी हमारी सीमा की सुरक्षा के प्रति हमारे दृढ़ निश्चय के बारे में संदेह नहीं होना चाहिए, वहीं भारत यह भी मानता है कि पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण संबंधों के लिए आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता आवश्यक है. चूंकि हम मौजूदा स्थिति का बातचीत के जरिए समाधान चाहते हैं, इसलिए हमने चीनी पक्ष के साथ डिप्लोमैटिक व मिलिट्री इंगेजमेंट बनाए रखा है.

राहुल गांधी ने पीएम मोदी के दावे पर उठाए सवाल

रक्षा मंत्री के लोकसभा में बयान के बाद कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने पलटवार किया और पीएम मोदी के दावे पर सवाल उठाए. राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘रक्षामंत्री के बयान से साफ है कि मोदी जी ने देश को चीनी अतिक्रमण पर गुमराह किया. हमारा देश हमेशा से भारतीय सेना के साथ खड़ा था, है और रहेगा. लेकिन मोदी जी, आप कब चीन के खिलाफ खड़े होंगे? चीन से हमारे देश की जमीन कब वापस लेंगे? चीन का नाम लेने से डरो मत.’

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. चीन की करतूत और भारतीय सेना की तैयारियों पर संसद में बोले रक्षा मंत्री, राहुल गांधी ने किया पलटवार

Go to Top