मुख्य समाचार:

कोरोना का कहर! भारत की GDP को लगेगा झटका, FY20 में 5 फीसदी रह सकती है विकास दर

OECD ने 2020 के लिये भारत GDP ग्रोथ रेट का अनुमान 6.2 फीसदी से घटाकर 5.1 फीसदी कर दिया है. UBS का आकलन, कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होगी.

March 3, 2020 9:32 AM
Deadly Coronavirus Impact on India's GDPवित्त वर्ष 2019-20 की तीसरी तिमाही में विकास दर 4.7 फीसदी रही, जो सात साल का निचला स्तर है.

Deadly Coronavirus Impact on India’s GDP: चीन से फैले कोरोनावायरस का कहर पूरी दुनिया में फैलता जा रहा है. इसके प्रकोप की चपेट में भारतीय अर्थव्यवस्था भी आ रही है. ग्लोबल एजेंसियां अब मान रही हैं कि कोरोना दुनिया की विकास दर को तगड़ा झटका देगा और इससे भारत भी अछूता नहीं रहेगा. ग्लोबल एजेंसी आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) ने 2020 के लिये भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर घटाकर 5.1 फीसदी कर दिया, जबकि पहले यह अनुमान 6.2 फीसदी था. कोरोना वायरस के घरेलू के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. वहीं, UBS सिक्यॉरिटीज ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि देश के महत्वपूर्ण सेक्टर्स को कच्चा माल न मिल पाने से चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में आर्थिक विकास दर 0.2 फीसदी तक कम रह सकती है.

बता दें, सोमवार को भारत में कोरोना वायरस के तीन मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि इससे पहले केरल में इस वायरस के तीन मामलों का सफलतापूर्वक इलाज किया जा चुका है. एक सरकारी अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2019-20 में आर्थिक विकास दर 5 फीसदी रह सकती है, जो एक दशक का निचला स्तर होगा. तीसरी तिमाही में विकास दर 4.7 फीसदी रही, जो सात साल का निचला स्तर है.

Corona Virus: दिल्ली तक पहुंचा कोरोना का कहर, जयपुर में भी ​एक पर्यटक संक्रमित

चीन से जुड़े देशों पर ज्यादा असर

OECD ने कहा कि कॉन्फिडेंस, फाइनेंशियल मार्केट, ट्रैवल सेक्टर पर प्रतिकूल प्रभाव और सप्लाई चेन बाधित होने को देखते हुए जी-20 के सभी देशों की 2020 के लिये जीडीपी ग्रोथ को कम किया गया है. आर्थिक वृद्धि दर खासकर उन देशों की कम की गई है, जो चीन से जुड़े हुए हैं. भारत विकसित और विकासशील देशों का समूह जी-20 का सदस्य देश है. ओईसीडी के अंतरिम आर्थिक आउटलुक अनुमान के अनुसार, भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ रेट 1 अप्रैल 2020 से शुरू वित्त वर्ष में 5.1 फीसदी रहने का अनुमान है और अगले वित्त वर्ष में यह सुधरकर 5.6 फीसदी रह सकती है.

CSO ने 5% ग्रोथ का जताया है अनुमान

संसद में पेश आर्थिक समीक्षा के अनुसार, देश की आर्थिक वृद्धि दर 2020-21 में 6 से 6.5 फीसदी रह सकती है. वहीं, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (CSO) ने देश की GDP वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. यह एक दशक का निचला स्तर होगा. OECD ने मार्च 2020 को समाप्त वित्त वर्ष में 4.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस के कारण मानवीय नुकसान के आर्थिक बाधाएं उत्पनन हुई हैं.

Auto Stocks: ऑटो कंपनियों के मुनाफे पर दबाव, लेकिन ये शेयर दे सकते हैं 90% तक रिटर्न

कच्चे माल की आपूर्ति होगी प्रभावित: UBS

अपनी एक रिपोर्ट में यूबीएस सिक्यॉरिटीज ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स तथा ऑटोमोबाइल्स सेक्टर्स में वैल्यू चेन की आपूर्ति में बाधा देखी जा सकती है, जिसके कारण आर्थिक विकास पटरी से उतर सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, ‘हालात में अभी भी बदलाव हो रहा है और आर्थिक असर का जो पैमाना है, वह इस वक्त बेहद अनिश्चित है और हमें लगता है कि मार्च तिमाही में जीडीपी विकास दर 0.2% कम रह सकती है.’

 

Input: PTI

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. कोरोना का कहर! भारत की GDP को लगेगा झटका, FY20 में 5 फीसदी रह सकती है विकास दर

Go to Top