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Cyclone Vayu: चक्रवात ‘वायु’ ने रास्ता बदला, गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं

बुधवार को खबर आई थी कि चक्रवात ‘वायु’ बेहद गंभीर रूप ले चुका है और यह गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों की ओर लगातार बढ़ रहा है.

June 13, 2019 10:17 AM

Cyclone Vayu changes course, won't make landfall in Gujarat: IMD

भारतीय मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि चक्रवात ‘वायु’ ने अपना रास्ता बदल दिया है. लिहाजा अब यह गुजरात तट से नहीं टकराएगा. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने कहा कि चक्रवात वायु के तट से टकराने की संभावना नहीं है. यह केवल तट के किनारे से गुजरेगा. इसके मार्ग में हल्का बदलाव आया है. लेकिन, इसका प्रभाव तट पर भी होगा, तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी. मौसम विज्ञान विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक देवेंद्र प्रधान ने बताया कि चक्रवात समुद्र में रहेगा और गुजरात तट के किनारे-किनारे गुजरेगा.

चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने सुबह साढ़े आठ बजे के बुलेटिन में कहा, ‘‘काफी संभावना है कि यह कुछ समय तक उत्तर-उत्तर पश्चिमी दिशा की तरफ चलेगा और फिर उत्तर पश्चिमी दिशा में सौराष्ट्र तट के किनारे से गुजरेगा, जिससे गिर सोमनाथ, दीव, जूनागढ़, पोरबंदर और देवभूमि द्वारका प्रभावित होंगे. इस दौरान 135 से 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो 13 जून को दोपहर बाद 160 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार की हवाओं में तब्दील हो सकती हैं.’’

बुधवार को क्या दी गई थी चेतावनी

बुधवार को खबर आई थी कि चक्रवात ‘वायु’ बेहद गंभीर रूप ले चुका है और यह गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों की ओर लगातार बढ़ रहा है. मौसम विभाग ने यह भी कहा था कि गुरुवार यानी 13 जून को सुबह 145 से 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलेगी. अनुमान था कि उत्तर की ओर बढ़ता ‘वायु’ 13 जून को सुबह गुजरात के तटीय इलाकों में पोरबंदर से महुवा, वेरावल और दीव क्षेत्र को प्रभावित करेगा. इसके बाद तूफानी हवाओं की गति धीरे धीरे मंद पड़ना शुरु हो जाएगी.

तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. साथ ही बंदरगाहों को खतरे के संकेत और सूचना जारी करने को कहा गया है. उल्लेखनीय है कि गत मई में चक्रवात ‘फेनी’ ने ओडिशा तट पर तबाही मचाई थी. इसमें लगभग 60 लोगों की मौत हुई थी.

3 लाख लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया

चक्रवात ‘वायु’ के चलते पश्चिमी तट पर रह रहे लोगों को एहतियाती तौर पर निकालने में भारतीय वायुसेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें गुजरात पहुंचनी शुरू हो गई थीं. गुजरात में हाई अलर्ट के चलते 3 लाख लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया. आईएमडी ने बताया कि चक्रवाती तूफान के कारण अरब सागर में तेज लहरें उठ रही हैं जो तटीय इलाकों की ओर बढ़ रही हैं. एक अधिकारी ने पूर्व में बताया था कि भारतीय तटरक्षक बल, नौसेना, सेना और वायु सेना की इकाइयों को आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है और निगरानी विमान और हेलीकॉप्टर हवाई सुरक्षा के लिए अभियान चला रहे हैं.

इन राज्यों पर पड़ेगा असर

IMD ने कहा है कि ‘वायु’ तूफान का असर कोंकण और गोवा में भी देखने को मिलेगा. 14 जून तक गोवा में भारी बारिश होने की वार्निंग जारी की गई है. महाराष्ट्र और गोवा के अलावा कर्नाटक, केरल में में भारी बारिश की संभावना है. तटीय क्षेत्रों जैसे लक्षद्वीप, कर्नाटक, केरल, गुजरात और मुबंई में मछुआरों को IMD ने अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है.

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