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IRDAI ने बढ़ाई कोरोना इंश्योरेस प्लांस की डेडलाइन, Corona Kavach और Corona Rakshak में इस तरह चुनें बेहतर पॉलिसी

पिछले साल जून 2020 में इरडा ने कोरोना को लेकर कम अवधि की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के गाइडलाइंस जारी किए थे. इन पॉलिसीज की अवधि एक साल से कम की होती है.

Updated: Mar 26, 2021 9:03 PM
Coronavirus insurance plans extension Now buy Corona Kavach, Corona Rakshak policies till this dateकोरोना के चलते अस्पताल खर्चों को कवर करने के लिए दो स्पेशल बीमा योजना है- कोरोना कवच और कोरोना रक्षक.

जिन लोगों ने अभी तक कोरोना कवरेज से जुड़ा अपना हेल्थ इंश्योरेंस नहीं कराया है, उनके लिए खुशखबरी है. भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने कम अवधि वाले कोरोना स्पेशल हेल्थ पॉलिसी जारी करने की डेडलाइन बढ़ाकर 30 सितंबर 2021 कर दिया है. पहले यह डेडलाइन 31 मार्च 2021 थी. पिछले साल जून 2020 में इरडा ने कोरोना को कवर करने के लिए कम अवधि की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के गाइडलाइंस जारी किए थे. इन पॉलिसीज की अवधि एक साल से कम की होती है.
कोरोना के चलते अस्पताल खर्चों को कवर करने के लिए दो स्पेशल बीमा योजना है. एक है Korona Kavach पॉलिसी जेस सिर्फ जनरल और हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां ऑफर करती हैं औऱ दूसरी है Corona Rakshak पॉलिसी जिसे कोई भी बीमा कंपनी ऑफर कर सकती है, जीवन बीमा कंपनी भी.

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Corona Kavach और Corona Rakshak में अंतर

  • कौन ऑफर कर रहा: कोरोना कवच पॉलिसी कोविड स्टैंडर्ड हेल्थ पॉलिसी है जिसे सभी जनरल और हेल्थ इंश्योरेंस कंपनीज द्वारा अनिवार्य रूप से जारी किया जाना है. इसे जीवन बीमा कंपनियां नहीं पेश कर सकती हैं. इसके विपरीत कोरोना रक्षक पॉलिसी कोई भी बीमा कंपनी पेश कर सकती है.
  • न्यूनतम और अधिकतम कवर: कोरोना कवच पॉलिसी के न्यूनतम 50 हजार और अधिकतम 5 लाख तक का कवर मिलता है जबकि कोरोना रक्षक पॉलिसी के तहत न्यूनतम 50 हजार और अधिकतम 2.5 लाख रुपये का ही कवर मिलता है.
  • हॉस्पिटलाइजेशन: कोरोना कवच पॉलिसी में बेस कवरेज या सम इंश्योर्ड तभी लागू होगा जब कम से कम 24 घंटे अस्पताल में भर्ती रहे हों. इसके बाद कितने भी दिन तक अस्पताल में भर्ती हों, सम इंश्योर्ड के बराबर राशि का अस्पताल खर्च बीमा कंपनी वहन करेगी. कोरोना रक्षक पॉलिसी के तहत कम से कम 72 घंटे अस्पताल में भर्ती होने पर ही कवरेज मिलेगा.
  • पॉलिसी की प्रकृति: कोरोना कवच पॉलिसी के तहत एक मूल आधार कवर होगा और एक वैकल्पिक कवर. वैकल्पिक कवर के तहत प्रीमियम का अलग से भुगतान करना होगा ताकि पॉलिसीधारक अपनी जरूरत के मुताबिक इसे चुन सकें. बेस कवर मुआवजे (इंडेम्निटी) के आधार पर ऑफर किया जाएगा और वैकल्पिक कवर लाभ के आधार पर. इंडेम्निटी कवर के तहत क्लेम हॉस्पिटल बिल्स के आधार पर मिलता है जबकि ऑप्शनल कवर के तहत पॉलिसीधारक को पूरा सम इंश्योर्ड मिलता है.
  • पॉलिसी के प्रकार: कोरोना कवच को इंजिविजुअल और फैमिली फ्लोटर के आधार पर ले सकते हैं लेकिन कोरोना रक्षक सिर्फ इंडिविजुअल ले सकते हैं.
  • वैकल्पिक लाभ: कोरोना कवच पॉलिसी में एक विकल्प मिलता है, हॉस्पिटल डेली कैश कवर. इसके तहत बीमा कंपनी कोरोना के चलते अस्पताल में लगातार भर्ती रहने पर हर 24 घंटे पर सम इंश्योर्ड का 0.5 फीसदी देती है. यह लाभ पॉलिसी अवधि के दौरान अधिकतम 15 दिनों के लिए मिलता है. वहीं दूसरी तरफ कोरोना रक्षक पॉलिसी की बात करें तो इसमें ऐसा कोई वैकल्पिक लाभ नहीं है और यह पूरी तरह से बेनेफिट-बेस्ड प्लान है.

(Article: Sunil Dhawan)

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