मुख्य समाचार:

गलवान घाटी से चीनी सेना ने टेंट हटाए, सैनिकों को पीछे बुलाया: सूत्र

सरकारी सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों के कॉर्प्स कमांडर लेवल के  बीच हुए समझौते के अनुसार चीनी सैनिकों का डिसएंगेजमेंट शुरू हुआ.

Updated: Jul 06, 2020 1:21 PM
Chinese Army removing tents, seen withdrawing troops from Galwan Valley says Sourcesबीते सात हफ्ते से भारतीय और चीनी सेना के बीच पूर्व लद्दाख के कई जगहों पर गतिरोध की स्थिति बनी हुई है.

India-China standoff in Ladakh:  चीन की सेना ने गलवान घाटी के नि​श्चित क्षेत्र से टेंट हटा लिए हैं और सैनिकों को पीछे कर लिया है. सरकारी सूत्रों ने सोमवार को बताया कि इस क्षेत्र से सैनिकों के डिसएंगेजमेंट का पहला संकेत है. दोनों पक्षों के कॉर्प्स कमांडर लेवल के  बीच हुए समझौते के अनुसार चीनी सैनिकों का डिसएंगेजमेंट शुरू हुआ. सूत्रों ने बताया कि चीन की सेना पेट्रालिंग प्वाइंट 14 पर टेंट और स्ट्रक्चर हटाते दिखाई दी. बता दें, बीते शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने लेह की दौरा किया था. पीएम की यात्रा के बाद पहली बार डिसएंगेजमेंट की यह प्रक्रिया शुरू हुई है.

सूत्रों के अनुसार, चीनी सेना की गाड़ियों का इसी तरह का मूवमेंट गोगरा हाट स्प्रिंग एरिया में भी दिखाई दिया. सूत्रों के अनुसार, कमांडर लेवल की बातचीत में जिन जगहों पर डिसएंगेजमेंट की सहमति बनी थी, वहां से चीनी सेना ने टेंट, वाहनों और सैनिकों को 1-2 किलोमीटर पीछे हटा लिया है. गलवान नदी क्षेत्र में चीनी भारी बख्तरबंद वाहन अभी भी डेप्थ वाले क्षेत्रों में मौजूद हैं. भारतीय सेना सतर्कता के साथ स्थिति की निगरानी कर रही है.

7 हफ्ते से भारतीय-चीनी सेना में तनाव

बीते सात हफ्ते से भारतीय और चीनी सेना के बीच पूर्व लद्दाख के कई जगहों पर गतिरोध की स्थिति बनी हुई है. इसी दौरान बीते 15 जून को गलवान घाटी में भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे. इस झड़प में चीनी सेना कभी काफी नुकसान हुआ था लेकिन चीन ने अभी इसकी डिटेल सार्वजनिक नहीं की है. भारत पूर्वी लद्दाख के सभी क्षेत्रों में यथास्थिति बनाए रखने के पक्ष हैं. जिससे कि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बहाल किया जा सके. बता दें, इस क्षेत्र में तनाव कम करने को लेकर भारत और चीन के बीच बीते कुछ हफ्तों से कई दौर की डिप्लोमैटिक और सैन्य बातचीत जारी है.

पीएम मोदी ने दिया स्पष्ट संकेत

भारत-चीन की तनातनी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को लेह की सरप्राइज विजिट की. इस दौरान उन्होंने बॉर्डर की एक फॉरवर्ड लोकेशन नीमू में सेना के जवानों को संबोधित किया. इसके अलावा, लद्दाख में सेना के अस्पताल में जाकर घायल सैनिकों का हाल जाना और हौंसला बढ़ाया. प्रधानमंत्री की इस यात्रा से साफ संकेत है कि भारत सरकार अपने सैनिकों के साथ पूरी तरह खड़ी है. नीमू करीब 11,000 फुट की उंचाई पर दुर्गम पहाड़ियों के बीच स्थित है.

 

Input: ANI

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. गलवान घाटी से चीनी सेना ने टेंट हटाए, सैनिकों को पीछे बुलाया: सूत्र

Go to Top