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आज से लागू हो गए ये 7 बदलाव, जानिए आम आदमी पर कैसे डालेंगे असर

1 अक्टूबर से देश में कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं.

October 1, 2019 7:31 AM
changes that are going to be effective from 1st october 2019Reresentational Image

1 अक्टूबर से देश में कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं. इनमें कई बैंकों द्वारा रेपो रेट से लिंक्ड लेंडिंग रेट पर रिटेल लोन की पेशकश से लेकर पेंशन नियमों में बदलाव, टैक्स से जुड़े कुछ नए नियम और जीएसटी रेट में बदलाव आदि शामिल है. आइए जानते हैं ऐसे ही 7 बदलावों के बारे में जो आज से अमल में आने वाले हैं…

क्रेडिट कार्ड से फ्यूल खरीदने पर कैशबैक नहीं

1 अक्टूबर से क्रेडिट कार्ड से पेट्रोल-डीजल खरीदने पर 0.75 फीसदी कैशबैक नहीं मिलेगा. इस बारे में SBI और एचडीएफसी बैंक ने अपने कस्टमर्स को मैसेज के जरिए आगाह करना शुरू कर दिया है. एसबीआई के मैसेज के मुताबिक, ऐसा सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के निर्देश पर किया जा रहा है.

रेपो रेट से लिंक्ड रिटेल लोन

1 अक्टूबर से SBI, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (OBC) और इंडियन ओवरसीज बैंक रेपो रेट से लिंक्ड रिटेल लोन प्रॉडक्ट की पेशकश करेंगे. वहीं इलाहाबाद बैंक ने रेपो रेट और तीन माह वाली MIBOR को एक्सटर्नल बेंचमार्क के तौर पर चुना है. OBC में इन नए प्रॉडक्ट्स में रेपो रेट से लिंक्ड होम लोन की ब्याज दर 8.35 फीसदी से शुरू होगी, जबकि MSE के लिए लोन की ब्याज दर 8.65 फीसदी से शुरू होगी. इंडियन ओवरसीज बैंक ने कहा है कि बैंक एक अक्टूबर से रिटेल लोन के तहत होम, व्हीकल, एजुकेशनल लोन रेपो रेट से लिंक्ड ब्याज दर (RLLR) पर देगा. MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों) को दिया जाने वाला कर्ज भी इसी ब्याज दर पर दिया जाएगा. यह भी कहा कि अब होम, व्हीकल, एजुकेशनल लोन के तहत सभी नए लोन केवल RLLR पर ही दिए जाएंगे.

इलाहाबाद बैंक भी रेपो रेट से जुड़े रिटेल लोन के अलावा स्मॉल बिजनेस लोन उपलब्ध कराएगा. बैंक ने 40 लाख रुपये या उससे अधिक के सेविंग्स बैंक डिपॉजिट, दीर्घावधि फिक्स्ड डिपॉजिट, बल्क डिपॉजिट और फ्लेक्सी फिक्स्ड डिपॉजिट को रेपो रेट से जोड़ने का फैसला किया है.

SBI ने रेपो रेट से लिंक्ड होम लोन को 1 जुलाई 2019 को लॉन्च किया था. लेकिन सितंबर में इसे वापस ले लिया था. बता दें, SBI पहला बैंक था, जिसने रेपो रेट से लिंक्ड ब्याज दर वाले होम लोन प्रॉडक्ट की पेशकश की थी. इसके बाद कई अन्य बैंक इस तरह के प्रॉडक्ट लेकर आए थे. रेपो रेट लिंक्ड लेंडिंग रेट पर आधारित होम लोन स्कीम एक नया प्रॉडक्ट है. अब SBI एक बार फिर नए सिरे से इस प्रॉडक्ट की पेशकश करने जा रहा है.

BHIM UPI से खरीदारी सस्ती

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने BHIM UPI के जरिए मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) में बदलाव किया है. NPCI के नए नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब ऑफलाइन मर्चेंट के मामले में जहां पेमेंट QR कोड को स्कैन कर किया जाता है, 100 रुपये तक के ट्रांजेक्शन पर कोई MDR चार्ज नहीं देना होगा. वहीं बड़े ट्रांजेक्शंस के मामले में MDR 0.30% होगा, जो मैक्सिमम 100 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन तक ही रहेगा. ये नए MDR 1 अक्टूबर 2019 से प्रभावी होंगे. अभी 2000 रुपये तक के मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर MDR 0.25% और 2000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर MDR 0.65% है.

पेंशन नियमों में बदलाव

7 साल से कम के सेवाकाल में सरकारी कर्मचारी की मृत्यु पर उसके परिवार के सदस्य अब बढ़ी हुई पेंशन पाने के हकदार होंगे. इससे पहले किसी कर्मचारी के परिजनों को आखिरी वेतन के 50 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ी हुई पेंशन तभी मिलती थी, जब कर्मचारी ने मृत्यु से पहले कम से कम सात साल तक सर्विस दी हो. अब सात साल से कम के सेवाकाल में मृत्यु होने पर भी कर्मचारी के परिजन बढ़ी हुई पेंशन पाने के पात्र होंगे. यह पेंशन 10 सालों तक मिलेगी. ये नियम 1 अक्टूबर 2019 से लागू होंगे.

SBI के 5 नए नियम

– मेट्रो शहरों, पूर्ण शहरी इलाकों में मौजूद SBI ब्रांच में बैंक अकाउंट में अभी मिनिमम मंथली एवरेज बैलेंस क्रमश: 5000 रुपये और 3000 रुपये रखना होता है. 1 अक्टूबर से यह बैलेंस घटकर मेट्रो शहरों और पूर्ण शहरी इलाकों दोनों के मामले में 3000 रुपये हो जाएगा. अगर पूर्ण शहरी इलाकों में किसी के अकाउंट का मिनिमम बैलेंस 3000 रुपये से 75 फीसदी से ज्यादा कम हुआ तो पेनल्टी 15 रुपये+ जीएसटी लगेगी, जो कि अभी 80 रुपये+ जीएसटी है. वहीं सेमी अर्बन ब्रांच में ग्राहकों को 2000 रुपये और रूरल ब्रांच में 1000 रुपये मिनिमम बैलेंस का एवरेज मेंटेन करना होगा.

– अभी SBI में MAB मेंटेन न कर पाने पर चार्ज के दायरे में सेविंग्स बैंक अकाउंट आते हैं, जिनमें सुरभि सेविंग्स बैंक अकाउंट भी शामिल है. वहीं सभी सैलरी पैकेज अकाउंट, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट, स्मॉल एंड प्रधानमंत्री जनधन योजना अकाउंट के मामले में यह चार्ज नहीं लगता है. 1 अक्टूबर से MAB मेंटेन न कर पाने पर चार्ज के दायरे से नो​​ फ्रिल अकाउंट, पहला कदम व पहली उड़ान अकाउंट, 18 साल की उम्र तक के नाबालिग, हर तरह की कैटेगरी वाले पेंशनर, सोशल सिक्योरिटी वेलफेयर बेनिफिट्स (डायरेक्ट बेनिफिट्स) प्राप्तकर्ता के अकाउंट्स और 21 साल की उम्र तक के स्टूडेंट्स के अकाउंट भी बाहर होंगे.

– SBI कस्टमर 1 अक्टूबर से मेट्रो शहरों के 6 एसबीआई एटीएम में से मैक्सिमम 10 बार फ्री डेबिट ट्रांजेक्शन कर सकेगा. वहीं अन्य जगहों के एटीएम से मैक्सिसम 12 फ्री ट्रांजेक्शन कर सकेगा. हालांकि इसके लिए शर्त है कि अन्य किसी बैंक के एटीएम से और SBI ब्रांच से कोई ट्रांजेक्शन नहीं होना चाहिए. सभी लोकेशनों पर सभी सैलरी पैकेज अकाउंट्स के मामले में SBI एटीएम और अन्य बैंक एटीएम में फ्री और अनलिमिटेड ट्रांजेक्शन किए जा सकेंगे.

– सेविंग्स बैंक अकाउंट के लिए एक वित्त वर्ष में पहले 10 चेक फ्री होंगे. इसके बाद 10 चेक वाली चेकबुक 40 रुपये+ जीएसटी और 25 चेक वाली चेकबुक के लिए 75 रुपये+ जीएसटी लिया जाएगा. सीनियर सिटीजन और सैलरी पैकेज अकाउंट्स के लिए चेक फ्री होंगे.

– SBI डिजिटल मोड से RTGS और NEFT के जरिए ट्रांजेक्शंस को चार्ज फ्री कर चुका है. जो 1 जुलाई से अमल में आ गया है. वहीं SBI ब्रांच में NEFT/ RTGS के जरिए ट्रांजेक्शन की लागत भी घट गई है. 1 अक्टूबर से बैंक ब्रांच में NEFT/ RTGS से ट्रांजेक्शन पर चार्ज इस तरह होंगे…

नए GST रेट लागू

आज से नई GST दरें लागू हो जाएंगी. GST काउंसिल की 37वीं मीटिंग में 20 वस्तुओं और 12 सर्विसेज पर टैक्स रेट में बदलाव किया गया. कुछ चीजों पर GST दर में कटौती तो कुछ में बढ़ोत्तरी की गई….

  • 1,001 से 7500 रुपये तक के होटल कमरों पर जीएसटी रेट 18 फीसदी से घटकर 12 फीसदी हो गया है. वहीं, 7,500 रुपये से अधिक के होटल कमरों पर 28 फीसदी की जगह पर अब 18 फीसदी जीएसटी लगेगा. एक हजार रुपये से कम के होटल कमरों पर कोई जीएसटी नहीं है.
  • 1,500 सीसी के डीजल वाहनों और 1200 सीसी तक के पेट्रोल इंजन वाहनों पर 28 फीसदी जीएसटी के साथ लगने वाले सेस की दर को घटाकर क्रमश: एक और तीन फीसदी किया है. इसके साथ शर्त यह है कि इन वाहनों की लंबाई चार मीटर से अधिक न हो और इनमें 9 व्यक्तियों की बैठने की जगह हो.
  • रेलगाड़ी के सवारी डिब्बे और वैगन पर जीएसटी की दर को 5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी किया गया है.
  • कैफीन वाली ड्रिंक्स पर जीएसटी की वर्तमान 18 फीसदी के रेट को बढ़ाकर 28 फीसदी कर दिया गया है. इसके अलावा 12 फीसदी का अतिरिक्त सेस लगाया जाएगा. इसके अलावा अन्य चीजों पर जीएसटी कटौती-बढ़ोत्तरी के बारे में जानने के लिए पढ़ें….घट गए GST रेट : जानिए क्या हुआ सस्ता, क्या हुआ महंगा

टैक्‍स में कटौती

1 अक्टूबर 2019 के बाद मैन्युफैक्चरिंग कंपनी स्थापित करने वालों को 15 फीसदी की दर से इनकम टैक्स देना होगा. नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों पर सेस और सरचार्ज मिलाकर प्रभावी टैक्स रेट 17.01 फीसदी होगा. इस तरह नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए टैक्स रेट 25 फीसदी से घटकर 15 फीसदी रह गया है. इसके अलावा सरकार ने घरेलू कंपनियों के लिए इनकम टैक्स भुगतान की दर 22 फीसदी कर दी है. इसमें शर्त यह होगी उस कंपनी को कोई छूट या इन्सेंटिव का लाभ नहीं मिलेगा. इस तरह अब घरेलू कंपनियों पर प्रभावी टैक्स रेट सभी सरचार्ज और सेस मिलाकर 25.17 फीसदी होगा. मौजूदा कॉरपोरेट टैक्स रेट 30 फीसदी है जो कि अब 22 फीसदी हो जाएगा. अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और विकास दर को रफ्तार देने के लिए इन दोनों प्रावधानों के अलावा भी कुछ अन्य उपाय सरकार ने किए हैं, इनके बारे में डिटेल में पढ़ें…..इंडिया इंक को दिवाली गिफ्ट: कॉरपोरेट टैक्स घटा, मैट से राहत; कैपिटल गेन पर सरचार्ज हटा

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