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  1. रिकॉर्ड्स की जांच में सामने आए तथ्य, चंदा कोचर ने एस्सार फर्म को कर्ज देने में आरबीआई को किया ‘गुमराह’

रिकॉर्ड्स की जांच में सामने आए तथ्य, चंदा कोचर ने एस्सार फर्म को कर्ज देने में आरबीआई को किया ‘गुमराह’

वीडियोकॉन समूह को कर्ज दिए जाने में अनियमितताओं के मामले में इस्तीफे के बाद आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ और एमडी चंदा कोचर के खिलाफ एक नया मामला सामने आया है.

May 2, 2019 3:41 PM
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वीडियोकॉन समूह को कर्ज दिए जाने में अनियमितताओं के मामले में इस्तीफे के बाद आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ और एमडी चंदा कोचर के खिलाफ एक नया मामला सामने आया है. इंडियन एक्सप्रेस द्वारा रिकॉर्ड्स की जांच और चंदा कोचर के खिलाफ मामले की जांच कर रहे अधिकारियों के इंटरव्यू में सामने आया है कि चंदा कोचर ने केंद्रीय बैंक आरबीआई को भी ‘गुमराह’ किया था. यह मामला जून 2014 में मॉरिशस की होल्डिंग कंपनी एस्सार स्टील मिनेसोटा एलएलसी को 36.5 करोड़ डॉलर का कर्ज दिए जाने से जुड़ा हुआ है. यहां तक कि आरबीआई का भी मानना है कि यह कर्ज दिए जाने में अनियमितता हुई है.

आरबीआई ने जुलाई 2014 में उठाए थे सवाल

इंडियन एक्सप्रेस की जांच में सामने आया है कि आरबीआई ने जुलाई 2014 में ही एस्सार स्टील मिनेसोटा के प्रोजेक्ट की कैपेसिटी बढ़ाने को आईसीआईसीआई बैंक की मंजूरी पर सवाल उठाए थे. बैंक ने कंपनी के मैनुफैक्चरिंग स्टील पैलेट की क्षमता 4.1 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 7 मीट्रिक टन सालाना करने को लेकर लोन मंजूरी करने पर सवाल उठाए थे. आरबीआई ने इस लोन को एवर-ग्रीनिंग लोन कहा था क्योंकि यह कंपनी द्वारा पहले से लिए गए लोन का भुगतान होने से पहले मंजूर किया गया और पैलेट प्रोजेक्ट के समय में ही विस्तार के लिए भी लोन मंजूर कर लिया गया. आरबीआई ने इस लोन को सब-स्टैंडर्ड एसेट के रूप में वर्गीकृत करने को कहा था.

बैंक ने आरबीआई को लोन के बारे में किया गुमराह

आरबीआई द्वारा एस्सार स्टील मिन्नोस्टा एलएलसी को 36.5 करोड़ डॉलर को दिए गए लोन पर सवाल उठाने के बाद आईसीआईसीआई बैंक ने अपनी सफाई में आरबीआई को गुमराह किया. बैंक ने कहा कि उसने सिर्फ प्रोजेक्ट कैपेसिटी बढ़ाने को मंजूरी दी है, इसके लिए अतिरिक्त फंडिंग नहीं की है. इंडियन एक्सप्रेस की जांच में बैंक का दावा गलत पाया गया. जांच के मुताबिक बैंक ने कंपनी को जून 2014 में 36.5 करोड़ डॉलर का कर्ज दिया था.

लोन मंजूर करने वाली समिति का हिस्सा थीं चंदा कोचर

जांच में सामने आया है कि एस्सार स्टील के लोन एप्लीकेशन को जिस क्रेडिट कमेटी मीटिंग में मंजूरी मिली, आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ और एमडी चंदा कोचर भी उसका हिस्सा थीं. हालांकि बैंक ने आरबीआई को गुमराह किया कि एस्सार स्टील मिनेसोटा प्रोजेक्ट के लिए एक्स्ट्रा फंडिंग की मंजूरी में वह शामिल नहीं थी.

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