मुख्य समाचार:

क्रूड में गिरावट से पेट्रोल-डीजल के 12 रु/ली तक सस्ता होने के आसार, सरकार फिर बढ़ा सकती है एक्साइज ड्यूटी,

सरकार एक बार फिर पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में इजाफा कर सकती है.

Updated: Mar 19, 2020 4:42 PM
SBI Ecowrap report, centre government may again hile in excise duty, petrol diesel may lower upto 12rs per ltr, cheper crude prices, excise duty collectionसरकार एक बार फिर पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में इजाफा कर सकती है.

सरकार एक बार फिर पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में इजाफा कर सकती है. असल में क्रूड की कीमतें 30 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी हुई है. आज यह 25 डॉलर से भी नीचे चली गई. आगे भी इसमें गिरावट का माहौल बना हुआ है. एसबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार सस्ते क्रूड की वजह से आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 से 12 रुपये प्रति लीटर की कमी आ सकती है. ऐसे में कोरोना वायरस की वजह से जब का घाटा बढ़ रहा है, सरकार को अपना रेवेन्यू बढ़ाने का अच्छा मौका मिलेगा. इसे देखते हुए एक्साइज ड्यूटी में फिर बढ़ोत्तरी की जा सकती है.

SBI इकोरैप रिपोर्ट के अनुसार क्रूड पिछले कुछ दिनों से 30 डॉलर प्रति बैरल के आस पास बना हुआ है. इसके आगे भी सस्ता होने की ही उम्मीद है. ऐसा लंबर रहा तो पेट्रोल और डीजल में की कीमतें मौजूदा भाव से स्वाभाविक रूप से 10 से 12 रुपये प्रति लीटर कम हो सकती हैं. लेकिन सरकार यहां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट को लिमिट में रखने के लिए एक्साइज ड्यूटी बए़ा सकती है. इससे सरकार के रेवेन्यू में बढ़ोत्तरी होगी जो मौजूदा समय में बड़ी राहत का काम करेगा.

शनिवार को बढ़ी थी ड्यूटी

बता दें कि बीते शनिवार को सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दी थी. इससे पूरे साल के लिए सरकार का रेवेन्यू 45 हजार करोड़ बढ़ने की उम्मीद है. अगर सरकार ड्यूटी में फिर इतना ही इजाफा करती है तो उसकी कमाई दोगुनी हो जाएगी.

क्रूड और एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन

अगर हम ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों और इसके एक्साइज ड्यूटी और पेट्रोल व डीजल की रिटेल कीमतों में संबंधों का हिस्टोरिकल ट्रेंड देखें तो आंकड़े बताते हैं कि पोस्ट-जीएसटी, पेट्रो प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी का केंद्र सरकार के कुल एक्साइज ड्यूटी कलेक्शन में योगदान 85-90 फीसदी है. 2019-20 (अप्रैल-दिसंबर) में, 9 महीनों के लिए पेट्रो प्रोडक्ट्स पर कुल एक्साइज ड्यूटी करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये रही. अगर वित्त वर्ष 2020 के लिए समान रेट जारी रहता है, तो कम से कम इसमें 14 हजार करोड़ रुपये की कमी आ सकती है.

क्रूड में 1 डॉलर की कटौती से कितनी घट सकती है रिटेल प्राइस

ऐसा अनुमान है कि अगर क्रूड की कीमतों में 1 डॉलर की कमी आती है तो पेट्रोल और डीजल में 50 पैसे प्रति लीटर की कमी आनी चाहिए. इस लिहाज से अगर क्रूड में 30 डॉलर प्रति बैरल तक की गिरावट आए और एक्साइज ड्यूटी की मौजूदा दर ही जारी रहे तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10-12 रुपये/ लीटर तक की कमी आ सकती है.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. क्रूड में गिरावट से पेट्रोल-डीजल के 12 रु/ली तक सस्ता होने के आसार, सरकार फिर बढ़ा सकती है एक्साइज ड्यूटी,

Go to Top