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  1. शत्रु संपत्ति के शेयर बेचकर सरकार करेगी कमाई, मिलेंगे 3000 करोड़ रुपये

शत्रु संपत्ति के शेयर बेचकर सरकार करेगी कमाई, मिलेंगे 3000 करोड़ रुपये

गुरूवार को कैबिनेट ने शत्रु संपत्ति के शेयर बेचने को मंजूरी दे दी है, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत 3000 करोड़ रुपये है. (Express Photo)

November 9, 2018 12:18 PM
enemy property, sale, cabinet approve, income, disinvestment, development and social workगुरूवार को कैबिनेट ने शत्रु संपत्ति के शेयर बेचने को मंजूरी दे दी है, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत 3000 करोड़ रुपये है. (Express Photo)

सरकार ने शत्रु संपत्ति के शेयर बेचने का फैसला किया है. गुरूवार को कैबिनेट ने शत्रु संपत्ति के शेयर बेचने को मंजूरी दे दी है, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत 3000 करोड़ रुपये है. कैबिनेट की बैठक के बाद लॉ मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने इस बात की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि कस्टोडियन के पास पड़ी शत्रु संपत्ति का शेयर बेचना विनिवेश कार्यक्रम का ही हिस्सा है. बता दें कि इससे सरकार का विनिवेश का लक्ष्य पूरा होगा ही, कमाई भी होगी. बिक्री से होने वाले लाभ को वित्त मंत्रालय द्वारा संचालित सरकारी लेखा में जमा कराया जाएगा.

क्या है शत्रु संपत्ति

शत्रु संपत्ति अधिनियम 1968 की धारा 8-ए की उपधारा-1 के अनुसार शत्रु संपत्ति का मतलब उस संपत्ति से है, जिसका मालिकाना हक या प्रबंधन ऐसे लोगों के पास था, जो बंटवारे के समय भारत से चले गए थे. दशकों से यह संपत्ति बेकार पड़ी हुई है, जिसे सरकार ने बेचने का फैसला किया है.

आय का इस्तेमाल विकास कामों में

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सालों से बेकार पड़ी शत्रु चल संपत्ति को बेचने से होने वाली आय का इस्तेमाल विकास और समाज कल्याण के कामों में किया जाएगा. वहीं, इससे विनिवेश कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा. सरकार ने 2017 में संशोधन कर शत्रु सम्‍पत्ति के निपटान के लिए एक विधायी प्रावधान किया था. शत्रु शेयरों की बिक्री के लिए प्रक्रिया और व्‍यवस्‍था की मंजूरी के बाद अब इनकी बिक्री के लिए एक व्‍यवस्‍था का गठन किया गया है.

20,323 शेयरधारकों के 996 कंपनियों में कुल 6,50,75,877 शेयर सीईपीआई (कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टी ऑफ इंडिया) के कब्जे में है. इनमें से 588 ही फंक्शनल या एक्टिव कंपनियां हैं. एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि इन 996 कंपनियों में से 588 सक्रिय, 139 कंपनियां लिस्टेड हैं और अन्य कंपनियां नॉन लिस्टेड हैं.

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