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Budget 2020: ‘न्यू इकोनॉमी’ के जानकारों के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की पहली प्री-बजट मीटिंग

Union Budget 2020 Pre-Budget Meeting: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी 2.0 सरकार का दूसरा बजट संसद में 1 फरवरी को पेश कर सकती हैं.

Updated: Dec 16, 2019 11:57 AM
Pre Budget Meeting, Pre Budget Consultation Meetingवित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी 2.0 सरकार का दूसरा बजट संसद में 1 फरवरी को पेश कर सकती हैं.

Pre-Budget Consultation Meeting Begins Today: आगामी बजट 2020-21 के लिए प्री-बजट बैठकों की शुरुआत हो गई. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को नई अर्थव्यवस्था (न्यू इकोनॉमी) यानी स्टार्टअप्स, फिनटेक एंड डिजिटल क्षेत्र से जुड़े जानकारों के साथ पहली प्री बजट बैठक शुरू की. प्री-बजट सभी बैठकों की अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण करेंगी. इस पूरे हफ्ते ये बैठकों होंगी. शुरुआत में इंडस्ट्री, सर्विस, व्यापार, कृषि सेक्टर और अर्थशास्त्रियों से बजट के बारे में परामर्श किया जाएगा. वित्त मंत्री 1 फरवरी ​को बजट पेश कर सकती हैं.

वित्त मंत्री के साथ बैठक में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, वित्त सचिव, आर्थिक मामलों के सचिव, राजस्व सचिव, दूरसंचार सचिव, MeitY सचिव, सीईए, सीबीडीटी चेयरमैन, सीबीआईसी चेयरमैन भी शामिल रहे. बता दें, वित्त मंत्रालय ने बजट की तैयारियां शुरू कर दी है. अलग-अलग मंत्रायल और विभागों के साथ मिलकर इसे अमलीजामा पहनाने का काम चल रहा है. बजट पर बाजार से जुड़े पक्षकारों की बारीक नजर रहती है.

1 फरवरी को पेश होगा बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी 2.0 सरकार का दूसरा बजट संसद में 1 फरवरी को पेश कर सकती है. ऐसा संभवत: पहली बार होगा जब बजट शनिवार को पेश किया जाएगा. सूत्रों के अनुसार, इस बार बजट का फोकस आर्थिक विकास दर को बूस्ट देने पर रहेगा. भारत की विकास दर वित्त वर्ष 2020 की दूसरी तिमाही में छह साल से भी अधिक समय के निचले स्तर 4.5 फीसदी पर आ गई है.

वित्त मंत्रालय के अनुसार, न्यू इकोनॉमी: स्टार्टअप्स, फिनटेक और डिजिटल समूह के जानकारों के साथ सोमवार को पहली बैठक के बाद दिन के दूसरी बैठक फाइनेंशियल सेक्टर और कैपिटल मार्केट के प्रतिनिधियों के साथ होगी.

इंडस्ट्री चैम्बर के साथ 19 दिसंबर को बैठक!

इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, निजी निवेश पर असर डालने वाली नियामकीय व्यवस्था, प्रतिस्पर्धी निर्यात, निवेश और ग्रोथ में रिवाइवल जैसे कई अहम मसलों पर सुझाव मंगाए हैं. इंडस्ट्री चैम्बर के साथ वित्त मंत्री 19 दिसंबर को बैठक कर सकती हैं. हाल के महीनों में सरकार ने अर्थव्यवस्था में रिवाइवल के लिए कॉरपोरेट टैक्स में कटौती समेत कई कदम उठाए हैं.

5 लाख तक की आमदनी हो कर मुक्त

ऐसी उम्मीद की जा रही है कि सरकार व्यक्तिगत करदाताओं को आयकर के मोर्चे पर रियायत दे सकती है. इंडस्ट्री संगठनों का कहना है कि व्यक्तिगत करदाताओं के लिए करमुक्त आय की सीमा 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5.0 लाख रुपये की जानी चाहिए. यह सामानों और सेवाओं की डिमांड बढ़ाने में मददगार साबित होगा.

इंडस्ट्री का कहना है कि व्यक्तिगत करदाताओं के लिए डिडक्शन लिमिट कम से कम 3 लाख रुपये की जानी चाहिए. अभी आयकर की धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक ही डिडक्शन का लाभ करदाताओं को मिलता है. डिडक्शन लिमिट बढ़ाए जाने से टैक्स सेविंग बढ़ाने और निवेश को बूस्ट में मदद मिलेगी.

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