सर्वाधिक पढ़ी गईं

Budget 2019: किसानों को अब निश्चित आय, अब हर साल 6 हजार रुपये सीधे खाते में, गाय के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग

Budget 2019: छोटे एवं सीमान्त किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बनाया जाएगा. 2 हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को हर साल 6000 रुपए उनके खाते में भेजे जाएंगे.

Updated: Feb 01, 2019 2:13 PM

Budget 2019 allocation for

बजट 2019 :  मोदी सरकार के इस कार्यकाल का अंतिम बजट अंतरिम वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने पेश किया. जैसा  कि उम्मीद जताई जा रही थी, किसानों के लिए इस बजट में न्यूनतम इनकम का प्रावधान किया गया. छोटे एवं सीमांत किसानों को निश्चित आय उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि शुरू करने की घोषणा की है. इसके तहत 2 हेक्टेयर तक की जोत वाले किसान परिवारों को हर साल 6 हजार रुपये की राशि सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी. यह राशि तीन किश्त के रूप में भेजी जाएगी. इससे करीब 12 करोड़ किसान परिवारों को फायदा होगा. इसे 1 दिसबंर 2018 से लागू किया जाएगा और 31 मार्च 2019 तक की अवधि के लिए पहली किस्त का भुगतान इसी वित्त वर्ष में कर दिया जाएगा. इस योजना पर सरकार के करीब 75 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. फसलों की एमएसपी लागत से 50 फीसदी अधिक पर निर्धारित होगी.

गायों के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग

बजट में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के लिए आवंटन को बढ़ाकर 750 करोड़ रुपये कर दिया गया है. गायों के उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के गठन की घोषणा की गई है. यह आयोग गायों के लिए कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने और कल्याणाकारी स्कीमों पर नजर रखेगा.

मत्स्य पालन विभाग का गठन

भारत विश्व में दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश है जिसकी वैश्विक उत्पादन में 6.3 फीसदी की हिस्सेदारी है. इस सेक्टर से करीब 1.45 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है और पिछले कुछ साल में यह क्षेत्र 7 फीसदी की सालाना दर से बढ़ रहा है. इस सेक्टर के विकास पर नजर रखने के लिए सरकार ने मत्स्य पालन विभाग बनाने का निर्णय लिया है.

किसान क्रेडिट कार्ड के कर्ज पर 2 फीसदी ब्याज सब्सिडी
पशुपालन और मत्स्यपालन कर रहे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज लेने पर 2 फीसदी का ब्याज सब्सिडी मिलेगा. इसके अलावा अगर वे अपना कर्ज समय पर चुकाते हैं तो उन्हें 3 फीसदी अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी मिलेगी.

प्राकृतिक आपदा आने पर किसानों को मिलेगी छूट
गंभीर प्राकृतिक आपदाओं, जहां राष्ट्रीय आपदा राहत निधि (NDRF) द्वारा सहायता पहुंचाई गई है, से प्रभावित सभी किसानों को 2 फीसदी ब्याज सब्सिडी और उनके कर्जों के पुननिर्धारण की संपूर्ण अवधि के लिए तत्काल भुगतान के प्रोत्साहन के रूप में 3 फीसदी अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा.

पिछले बजट में क्या मिला

किसानों की आमदनी 2022 तक दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर चल रही मोदी सरकार 2018-19 के आम बजट में किसानों की ज्यादा सुध ली थी. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आम बजट 2018-19 में किसानों को उनकी फसलों की लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने की घोषणा की थी. इसके अलावा कृषि व ग्रामीण क्षेत्र पर करीब 14 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की गई थी. खेती से जुड़े कारोबार को प्रोत्साहित करने के लिए बजट में 200 करोड़ का आवंटन किया गया था. कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए गांवों में 22 हजार ग्रामीण व्यापार केंद्र बनाने की घोषणा की गई. इसके अलावा किसान क्रेडिट कार्ड का फायदा पिछले साल मत्स्यपालकों और पशुपालकों को भी देने की घोषणा की गई. बजट में मत्स्यपालन और पशुपालन क्षेत्रों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के दो नए कोष बनाने की घोषणा की गई थी.

 

 

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. बजट 2021
  3. Budget 2019: किसानों को अब निश्चित आय, अब हर साल 6 हजार रुपये सीधे खाते में, गाय के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग

Go to Top