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Budget 2019: 5 लाख रु तक की सालाना इनकम हुई टैक्स फ्री, 12500 रु तक का होगा फायदा

Budget 2019: सरकार ने अं​तरिम बजट में डायरेक्ट टैक्स से छेड़छाड़ न करने की परंपरा को तोड़ते हुए 5 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया है.

Updated: Feb 01, 2019 5:12 PM
budget 2019 allocation for income taxBudget 2019:

Budget 2019: सरकार ने अंतरिम बजट 2019 में मिडिल क्लास को बड़ी राहत का एलान किया है. सरकार ने अं​तरिम बजट में डायरेक्ट टैक्स से छेड़छाड़ न करने की परंपरा को तोड़ते हुए 5 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया है. हालांकि यह फायदा टैक्स रिबेट के तौर पर मिलेगा. बजट भाषण में वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इसके अलावा स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40000 रुपये से बढ़ाकर 50000 रुपये करने का एलान किया जाता है. इन दोनों के चलते अब प्रोविडेंट फंड, स्पेशल सेविंग्स, इंश्योरेंस आदि जैसी टैक्स सेविंग्स स्कीम्स में इन्वेस्टमेंट के जरिए टैक्सपेयर्स 6.50 लाख रुपये की सालाना इनकम को टैक्स फ्री बना सकते हैं.

एलान के बाद यह साफ है कि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. बल्कि अब 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की इनकम पर जो टैक्स बनेगा, सरकार उसे रिबेट यानी माफ कर देगी. 2.5-5 लाख रुपये तक की इनकम पर 5 फीसदी की दर से टैक्स लगता है.

पहले इस रिबेट की सीमा 2500 रुपये थी. यानी सरकार 2500 रुपये तक का टैक्स माफ कर देती थी. लेकिन अब नए एलान के बाद यह सीमा मैक्सिमम 12500 रुपये हो गई है.

इसके अलावा ​अतिरिक्त कटौतियों जैसे होम लोन पर 2 लाख रुपये तक का ब्याज, एजुकेशन लोन का ब्याज, राष्ट्रीय पेंशन स्कीम में अंशदान, मेडिकल इंश्योरेंस, सीनियर सिटीज के लिए मेडिकल खर्च आदि के चलते इससे ज्यादा ग्रॉस इनकम वालों को भी टैक्स का कोई भुगतान नहीं करना होगा.

मौजूदा टैक्स स्लैब

Budget 2019 budget announcements for income tax

किसानों को अब निश्चित आय, हर साल 6 हजार रुपये सीधे खाते में

नया टैक्स स्लैब

Budget 2019 budget announcements for income taxBudget 2019: New Tax Slab

नोट: 1. हर कैटेगरी में महिला व पुरुष दोनों शामिल हैं.
2. टैक्स रेट के बाद बने टैक्स अमाउंट पर 4 फीसदी हेल्थ एंड एजुकेशन सेस भी लगता है.

3 करोड़ मिडिलक्लास टैक्सपेयर्स को 18500 करोड़ का फायदा

गोयल ने कहा कि इस प्रावधान के जरिए लगभग 3 करोड़ मिडिलक्लास टैक्सपेयर्स को 18500 करोड़ रुपये का टैक्स बेनिफिट होगा. इनमें सेल्फ इंप्लॉयड, सैलरीड, पेंशनर्स और सीनियर सिटीजन शामिल होंगे.

गोयल ने यह भी एलान किया कि सैलरीड इंप्लॉई के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40000 रुपये से बढ़ाकर 50000 रुपये किया जाता है. इससे 3 करोड़ से ज्यादा सैलरीड पर्सन और पेंशनर्स को 4700 करोड़ रुपये का अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट होगा.

अब बैंक या पोस्ट ऑफिस सेविंग्स से 40000 तक का ब्याज टैक्स फ्री

सरकार ने बैंक या डाकघरों में जमा पर आने वाले 40000 रुपये तक के ब्याज को टैक्स फ्री कर दिया है. पहले यह लिमिट 10000 रुपये थी.

किराए पर TDS की सीमा बढ़ी

किराए पर TDS की सीमा को भी 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.40 लाख रुपये करने का प्रस्ताव है.

अब दूसरा सेल्फ ऑक्यूपाइड भी टैक्स फ्री

सरकार ने अब किसी व्यक्ति के दूसरे सेल्फ ऑक्यूपाइड मकान को भी टैक्स फ्री कर दिया है. अभी तक नियम यह था कि आपके दूसरे मकान में भले ही आपके परिवार के सदस्य रह रहे हों यानी आपने मकान किराए पर न दिया हो, फिर भी उस मकान पर आस-पास के एरिया के मुताबिक रेंट कैलकुलेशन होता था. इसी पर सरकार टैक्स कैलकुलेट करती थी. लेकिन अब इस दूसरे मकान को केवल किराए पर उठाने पर ही टैक्स देना होगा. यानी अगर दूसरे मकान में परिवार के सदस्य रह रहे हैं तो कोई रेंट टैक्स नहीं बनेगा.

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एक मकान बेचकर दो नए मकानों पर टैक्स छूट

सेक्शन 54 के तहत अब प्रावधान किया गया है कि अगर कोई एक मकान को बेचकर मिले पैसों से दो मकान खरीदता है तो दोनों मकानों पर टैक्स से छूट मिलेगी. पहले यह छूट केवल एक नए मकान तक ही सीमित है.

पिछले बजट में ​इनकम टैक्स को लेकर क्या घोषणाएं हुई थीं

पिछले साल के बजट में वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने मिडिल क्‍लास और सैलरी क्‍लास को इनकम टैक्‍स के मोर्चे पर कोई राहत नहीं दी थी. इनकम टैक्‍स रेट और इनकम टैक्‍स स्‍लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया था. हालांकि सीनियर सिटीजंस को इनकम टैक्‍स के मोर्च पर कई तरह की सहूलियत दी गई थीं. सीनियर सिटीजंस की 50,000 रुपये तक की इंटरेस्‍ट इनकम को टैक्‍स छूट दी गई थी, पहले यह सीमा 10,000 रुपये थी. इसके अलावा सीनियर सिटीजंस के लिए सेक्‍शन 80डी के तहत 50,000 रुपये तक मेडिकल खर्च पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकने की सुविधा दी गई थी.

इसके अलावा पिछले बजट में यह भी घोषणा हुई थी कि शेयर बाजार में एक साल निवेश करने के बाद किसी व्यक्ति को 1 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई होती है तो उस कमाई पर लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गैन टैक्स लगेगा. यह टैक्‍स 10 फीसदी की दर से लगाया जाएगा.

– हेल्थ एजुकेशन सेस बढ़ाकर किया 4 फीसदी
– 40000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन को वापस लाया गया

 

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