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BJP-कांग्रेस को चुनाव में कितना मिला था चंदा, EC को अब तक नहीं दी जानकारी

भाजपा, कांग्रेस ने अबतक EC को नहीं दी चुनावी चंदे की जानकारी.

June 5, 2019 10:52 AM
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भाजपा, कांग्रेस और द्रमुक सहित अन्य प्रमुख राजनीतिक दलों ने अबतक चुनावी चंदे की जानकारी चुनाव आयोग को नहीं दी है. चुनाव के पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इलेक्टोरल बॉन्ड से लोकसभा चुनाव के दौरान निर्धारित समयसीमा के अंदर जुटाई गई चंदे की रकम की जानकारी देनी होगी. लेकिन अबतक किसी भी प्रमुख दल ने इस बारे में जानकारी आयोग को नहीं दी है. सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है.

आयोग के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि मंगलवार तक किसी प्रमुख दल की ओर से इस बारे में ब्यौरा नहीं मिला है. उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार 30 मई तक सभी राजनीतिक दलों को चुनावी बॉन्ड से जुटाए गए चंदे का ब्यौरा चुनाव आयोग को देना था.

कांग्रेस का आया जवाब

कांग्रेस ने कहा कि पार्टी के नेता मोतीलाल वोरा ने 30 मई को भारतीय स्टेट बैंक को पत्र लिखकर उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करने और चुनाव आयोग को सीलबंद लिफाफे में सूचना देने के लिए कहा था. क्योंकि पार्टी को भी नहीं मालूम कि किसने ये बॉन्ड खरीदे.

क्या था SC का निर्देश

बता दें कि 12 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को निर्देश दिया था कि वे सरकार की राजनीतिक दान योजना में मिले चंदे के दाताओं की सूची सीलबंद लिफाफे में आयोग को 30 मई तक सौंप दें. इस योजना में दानदाताओं की पहचान सार्वजनिक करने के बारे में आयोग और सरकार के बीच विरोधाभास बरकरार है. एक तरफ सरकार दानदाताओं की पहचान गुप्त रखने की पक्षधर है, वहीं आयोग ने चुनावी चंदे में पारर्दिशता का हवाला देते हुये दानदाताओं की पहचान सार्वजनिक करने की पैराकारी की है.

चंदा लेने या देने के लिए क्या जरूरी

इस योजना के तहत कोई भी भारतीय नागरिक या भारत में स्थापित एवं संचालित निकाय किसी राजनीतिक दल को बैंक से चुनावी बॉन्ड खरीद कर चंदा दे सकता है. जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 29 ए के तहत पंजीकृत ऐसा कोई भी राजनीतिक दल चुनावी बॉन्ड से चंदा ले सकता है जिसे लोकसभा या विधानसभा चुनाव में कम से कम 1 फीसदी वोट मिला हो. योजना के तहत भारतीय स्टेट बैंक की देश की 29 शाखाओं को पिछले साल एक से दस नवंबर के बीच चुनावी बॉन्ड जारी करने के लिये अधिकृत किया गया था.

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