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RBI के नियमन में आएंगे सहकारी बैंक, बजट सत्र में बिल को मिल सकती है मंजूरी

सहकारी बैंकों की कमजोरियों को दूर करने के लिए इन्हें भारतीय रिजर्व बैंक के नियमन के तहत लाने की तैयारी हो रही है.

Published: March 1, 2020 7:29 PM
Bill to bring cooperative banks under RBI regulation to get Parliament nod during Budget sessionImage: Reuters

सहकारी बैंकों की कमजोरियों को दूर करने के लिए इन्हें भारतीय रिजर्व बैंक के नियमन के तहत लाने की तैयारी हो रही है. बहु-राज्य सहकारी बैंकों को रिजर्व बैंक के प्रभावी नियमन के दायरे में लाने के लिये बैंकिंग नियमन कानून में संशोधन से संबंधित विधेयक संसद के बजट सत्र में पारित किया जा सकता है.

सूत्रों ने कहा कि प्रस्तावित कानून से पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक जैसे संकट के दोहराव को रोका जा सकेगा. देश में कुल 1,540 सहकारी बैंक हैं. इनमें जमाकर्ताओं की संख्या 8.60 करोड़ है. इन जमाकर्ताओं की सहकारी बैंकों में कुल जमा पांच लाख करोड़ रुपये है.

कैबिनेट ने पिछले माह लगाई थी मुहर

पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बैंकिंग नियमन अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी थी. इस विधेयक को संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में मंजूरी मिलने की उम्मीद है. बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है. यह तीन अप्रैल को समाप्त होगा.

फाइनेंशियल इकोसिस्टम गड़बड़ी मुक्त करने के लिए कई कदम

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों, आईएलएंडएफएस जैसे वित्तीय संस्थानों, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी), ऑडिटरों और रेटिंग एजेंसियों की ‘साफ-सफाई’ के लिए कई उपाय किए हैं. पूरे फाइनेंशियल इकोसिस्टम को पूरी तरह गड़बड़ी मुक्त करने की दिशा में सहकारी बैंकों को केंद्रीय बैंक के नियमन के तहत लाना एक आखिरी कदम होगा. इस कदम के पीछे मुख्य मकसद जमाकर्ताओं के धन को सुरक्षित रखना है.

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