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Big Telecom Reform : टेलीकॉम सेक्टर में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी, कंपनियों को 4 साल तक नहीं करना होगा स्पेक्ट्रम बकाये का पेमेंट

Vodafone-Idea को जीवनदान, सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों के स्पेक्ट्रम बकाये की वसूली पर 4 साल के लिए रोक लगाई

Updated: Sep 15, 2021 5:24 PM

सरकार ने आज टेलीकॉम सेक्टर के लिए बड़े फैसलों का ऐलान किया. केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद सरकार की ओर से टेलीकॉम सेक्टर में ऑटोमेटिक रूट के जरिये 100 फीसदी एफडीआई की घोषणा की गई. अब तक इसके तहत 49 फीसदी एफडीआई की अनुमति थी. इसके साथ ही सरकार ने भारती एयरटेल (Bharti Airtel) से लेकर वोडाफोन आइडिया ( Vodafone-Idea) तक को स्पेक्ट्रम बकाये भुगतान को लेकर राहत दे दी है.कंपनियों को स्पेक्ट्रम के बकाये भुगतान की किस्त चार साल तक नहीं देनी होगी. कंपनियों को अगले साल अप्रैल में यह किस्त देनी थी.

सरकार के इस फैसले पर इंडस्ट्री और शेयर मार्केट की नजर थी. यही वजह है कि कैबिनेट बैठक से पहले आज शुरुआती कारोबार में ही में भारती एयरटेल के शेयर समेत तमाम टेलीकॉम कंपनियों के शेयरों के दाम चढ़ गए. ऑटोमैटिक रूट से 100 फीसदी एफडीआई का ऐलान कैश संकट से जूझ रही भारतीय टेलीकॉम कंपनियों को सुकून देगा.

वोडाफोन आइडिया के लिए बड़ी राहत

सरकार का यह फैसला वजूद के संकट से जूझ रही वोडाफोन आइडिया के लिए भारी राहत साबित हुआ है. वोडाफोन पर सरकार का 58 हजार करोड़ रुपये का बकाया है. कैबिनेट ने जो फैसला किया है उसके मुताबिक टेलीकॉम कंपनियां स्पैक्ट्रम पर बकाये के ब्याज को गवर्नमेंट इक्विटी में तब्दील कर सकेंगी. सरकार की ओर से दिए गए इस पैकेज से वित्तीय संकट का सामना कर रही टेलीकॉम कंपनियों की बड़ी समस्या का हल हो सकता है. इन कंपनियों पर स्पेक्ट्रम फीस का हजारों करोड़ का बकाया है. इस पर मोरेटोरियम से फिलहाल उन्हें भुगतान नहीं करना होगा और वे अपनी स्थिति मजबूत कर सकेंगी.

AGR में भी हो सकता है बदलाव

सूत्रों का कहना है मोरेटोरियम रूट के जरिये एडजस्ट ग्रॉस रेवेन्यू यानी AGR में भी बदलाव हो सकता है. साथ ही स्पेक्ट्रम यूसेज चार्जेज भी कम किए जा सकते हैं. टेलीकॉम कंपनियों को सरकार का राहत देने का फैसला वोडाफोन आइडिया संकट के बढ़ने के महज कुछ ही दिनों के भीतर आया है. वोडाफोन आइडिया के नॉन एक्जीक्यूटिव चैयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने सरकार से कंपनी को बचाने की अपील करते हुए इस्तीफा दे दिया था. कंपनी काफी समय से सरकार से राहत की मांग कर रही थी. सिर्फ बिड़ला ने ही नहीं देश की दूसरी बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल ने भी सरकार से मदद मांगी थी. उनका कहना था कि टेलीकॉम कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा टैक्स में चला जाता है.

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