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2020 में मोदी सरकार के बड़े फैसले, आम आदमी को किस तरह पहुंचा फायदा

Big Decision of Modi Government in 2020: इस साल 2020 में केंद्र सरकार ने कई ऐसी घोषणाएं की जिनसे आम लोगों को बहुत फायदा हुआ. इनमें से कई घोषणाएं बजट से अलग रही हैं यानी कि जिनके बारे में बजट में उल्लेख नहीं किया गया.

December 25, 2020 11:45 AM
Big Decision of Modi Government in 2020 like vivad se vishwas scheme Pradhan Mantri Jan Dhan Yojana PM Street Vendor AtmaNirbhar Nidhi PM SVANidhi PMGKY2020 में मोदी सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए कई बड़े फैसले किए. (File Photo)

Big Decision of Modi Government in 2020: इस साल 2020 में केंद्र सरकार ने कई ऐसी घोषणाएं की जिनसे आम लोगों को बहुत फायदा हुआ. इनमें से कई घोषणाएं बजट से अलग रही हैं यानी कि जिनके बारे में बजट में उल्लेख नहीं किया गया. कुछ योजनाओं के बारे में बजट में बताया गया था और सरकार ने उनकी घोषणाएं की थी. ‘विवाद से विश्वास’ स्कीम और नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी की घोषणा बजट में कर दी गई थी जिसकी शुरुआत इस साल की गई. इससे आम लोगों को बहुत फायदा हुआ. इसके अलावा कोरोना महामारी के कारण केंद्र सरकार ने कई योजनाएं शुरू कीं जिनसे लोगों को फायदा मिला. महामारी के कारण आईटीआर फाइलिंग की डेडलाइन बड़ाई गई, प्रधानमंत्री जन धन योजना और पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं की शुरुआत से आम लोगों को राहत मिली.

बजट में की गई घोषणाएं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल 1 फरवरी को बजट पेश करते हुए कुछ घोषणाएं की थीं. इन घोषणाओं के साकार होने से आम लोगों को बहुत राहत मिली है.

  • विवाद से विश्वास योजना- प्रत्यक्ष कर से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए बजट में ‘विवाद से विश्वास’ योजना की घोषणा की गई थी. यह योजना 17 मार्च 2020 को शुरू की गई. इस योजना के तहत करदाताओं को लंबे समय से विवादित कर मामलों में सिर्फ विवादित टैक्स राशि का भुगतान करने की छूट दी गई यानी इस योजना के तहत ब्याज व जुर्माना भरना नहीं पड़ेगा. इस योजना का लात्र उठाकर जुर्माना, ब्याज व मुकदमेबाजी से छुटकारा पाया जा सकता है.
  • NRA का गठन- इस साल बजट में एक राष्ट्रीय रिक्रटमेंट एजेंसी (एनआरए) के गठन की घोषणा की गई थी. 19 अगस्त 2020 को इसका गठन किया गया. एनआरए का कार्य केंद्र सरकार की सभी नौकरियों के ग्रुप बी और ग्रुप सी पदों के लिए एक परीक्षा का आयोजन करना है. इसमें आरआरबी, आईबीपीएस और एसएससी का विलय कर दिया जाएगा. योग्यता के मुताबिक विभिन्न स्तरों पर 10वीं, 12वीं और स्नातक पास लोगों के लिए अलग-अलग कॉमन एंट्रेस टेस्ट (सीईटी) लिया जाएगा. यह हर साल दो बार आयोजित होगी. इससे रोजगार खोज रहे लोगों को बहुत फायदा हुआ क्योंकि अब अलग-अलग फॉर्म भरने की जरूरत खत्म हुई और कई एग्जाम देने की भी जरूरत खत्म हुई. इससे न सिर्फ प्रतियोगी का समय बचेगा बल्कि उनका खर्च भी कम होगा. इसका स्कोर कार्ड तीन साल के लिए वैध रहेगा.

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बजट से इतर सरकार के बड़े फैसले

इस साल कोरोना महामारी के कारण केंद्र सरकार ने कई बड़े फैसले लिए. इन फैसलों से आम लोगों को आर्थिक अनिश्चितता के बीच बहुत बड़ी राहत मिली.

  • ITR समेत कुछ योजनाओं की बढ़ी डेडलाइन- कोरोना महामारी के कारण इस साल कई योजनाओं की डेडलाइन बढ़ी है. ‘विवाद से स्कीम’ जैसी महत्वपूर्ण योजना की डेडलाइन बढ़ाकर 31 मा्र्च 2021 किया जा चुका है. इससे पहले इसकी डेडलाइन को 30 जून 2020 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2020 किया गया था. इस स्कीम के अलावा केंद्र सरकार ने आईटीआर फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ाकर 31 दिसंबर 2020 कर दिया है और जिनके खातों की अभी ऑडिटिंग नहीं हुई है, उनके लिए यह डेडलाइन 31 जनवरी 2021 है.
  • EPF विदड्रॉल की मंजूरी- महामारी के कारण कई लोगों को अपना रोजगार गंवाना पड़ा. ऐसे लोगों की वित्तीय मदद के लिए केंद्र सरकार ने ईपीएफओ के 6 करोड़ सब्सक्राइबर्स को अपने ईपीएफ खाते से तीन महीने के बेसिक पे और डीए या खाते में मौजूद राशि के 75 फीसदी (दोनों में जो भी कम हो) की निकासी करने की मंजूरी दी. इसे फिर वापस लौटाने की जरूरत भी नहीं थी.
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना- कोरोना महामारी के कारण कई लोगों को खाने-पीने की दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. इसे लेकर केंद्र सरकार ने 26 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत देश के करीब 80 करोड़ राशन कार्डधारकों को मुफ्त में अनाज उपलब्ध कराने का एलान किया गया था. इस योजना के तहत एक परिवार के प्रति सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल और 1 किलो चने की दाल देने का प्रावधान किया गया था. यह अनाज के मौजूदा कोटे से अतिरिक्त दिया जाना था. हालांकि यह योजना 30 नवंबर तक के लिए ही लाया गया था.
  • पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि- केंद्र सरकार ने जून 2020 में पीएम स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना लांच किया. यह योजना कोरोना के कारण प्रभावित हुए रेहड़ी-पटरी पर सामान बेचकर दुकानदारों की मदद के लिए शुरू किया था. इस योजना के तहत सस्ती दरों पर बिना गारंटी 10 हजार तक का लोन मिलता है. इस योजना के तहत ठेले वाले दुकानदार, नाई की दुकान, मोची, पान की दुकान, सब्जी वाले, फल वाले इत्यादि लाभ उठा सकते हैं.
  • महिलाओं के जन-धन खाते में 500 रुपये जमा- मोदी सरकार ने गरीब से गरीब लोगों को भी बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के लिए जन धन खाते की शुरुआत की थी. इस साल कोरोना महामारी के दौर में जब लोगों को वित्तीय समस्याएं आने लगी. ऐसे में वित्त मंत्री ने 26 मार्च 2020 को घोषणा की कि अगले तीन महीने तक हर महिला के जन धन खाते में 500 रुपये भेजे जाएंगे.

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