सर्वाधिक पढ़ी गईं

रियल एस्टेट के लिए सरकार का बिग बोनांजा, अटके प्रॉजेक्ट के लिए 25000 करोड़ के फंड का एलान

सरकार ने घर खरीदारों की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बड़े बूस्टर डोज का एलान किया है.

Updated: Nov 06, 2019 11:55 PM

big bonanza for realty sector, finance minister nirmala sitharaman announced 25000 crore alternative investment fund

सरकार ने अटकी परियोजनाओं में फंसे मकान खरीदारों और रीयल एस्टेट कंपनियों को बुधवार को बड़ी राहत दी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फंसे हुए रियल्टी प्रॉजेक्ट्स के लिए 25000 करोड़ रुपये के अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) का एलान किया. इसमें 10000 करोड़ रुपये सरकार की ओर से निवेश किए जाएंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि यह फंड एक स्पेशल विंडो के तौर पर दिया जाएगा. नकदी की तंगी से जूझ रही व्यवहारिक परियोजनाओं को ही इस कोष से धन उपलब्ध कराया जाएगा.

शेष 15,000 करोड़ रुपये का योगदान स्टेट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की ओर से किया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि इस बारे में RBI से भी बातचीत हो गई है और वह जल्द ही एक स्पष्टीकरण जारी करेगा. सरकार ने बैंकों और RBI से इस बारे में एक सस्टेनेबल प्लान लाने की बात की है.

प्रॉजेक्ट के बिल्डर को सीधे नहीं दिया जाएगा पैसा

सीतारमण ने कोष के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि प्रॉजेक्ट के बिल्डर को सीधे धन नहीं दिया जाएगा बल्कि एक अलग खाते (एस्क्रो) में धन रखा जाएगा, जिस पर क्षेत्र के लिए गठित विशेषज्ञ समिति नजर रखेगी. समिति सुनिश्चित करेगी कि यह धन केवल प्रॉजेक्ट पूरा करने में ही लगे. जैसे जैसे निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे राशि जारी की जाएगी. उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ ही तय करेंगे की प्रॉजेक्ट कितने दिन में पूरा होगा और उसी के अनुसार वित्तपोषण किया जाएगा. SBI कैपिटल एस्क्रो अकाउंट के जरिए AIF को शुरुआती तौर पर मैनेज करेगा.

1600 से ज्यादा हाउसिंग प्रॉजेक्ट हैं फंसे

सीतारमण ने कहा कि इस वक्त देश में 1600 से ज्यादा हा​उसिंग प्रॉजेक्ट और 4.58 लाख से ज्यादा यूनिट फंसी हुई हैं. 40000-60000 यूनिट्स को तुरंत प्रभाव से इस फंड के जरिए फायदा होगा. उन्होंने आगे कहा कि इस फंड में सॉवरेन फंड, पेंशन फंड से भी भागीदारी करने पर बात की जाएगी की भी मदद ली जाएगी. वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि यह राहत शुरुआती तौर पर है. आगे चलकर फंड को बढ़ाया भी जा सकता है. सरकार की इस पहल से न केवल अर्थव्यवस्था में रोजगार पैदा होंगे बल्कि सीमेंट, लोहा और इस्पात उद्योग की भी मांग बढ़ेगी. इस फैसले का उद्देश्य अर्थव्यवस्था के इस प्रमुख क्षेत्र पर बने दबाव से उसे राहत पहुंचाना भी है.

EPS 95 स्कीम में 7500 रुपये हो न्यूनतम पेंशन, वर्ना दिल्‍ली में चक्‍का जाम- पेंशनभोगियों ने दी चेतावनी

NPA और अधूरे प्रोजेक्ट भी होंगे कवर

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि AIF के तहत NPA प्रॉजेक्ट भी कवर होंगे. इसके अलावा वे प्रॉजेक्ट भी कवर होंगे, जिन्हें दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के तहत प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि इसके लिए शर्त है कि वे NCLT द्वारा ‘लिक्विडेशन वर्दी’ घोषित न किए गए हों. इसके अलावा RERA मे रजिस्टर ऐसे प्रॉजेक्ट भी कवर होंगे, जो अधूरे हैं. उन प्रॉजेक्ट्स पर पहले ध्यान दिया जाएगा, जिनके पूरे होकर घर खरीदारों को जल्द से जल्द सौंपे जाने की संभावना है.

वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘हाउसिंग प्रॉजेक्ट यदि शुरू ही नहीं हुआ है तो ऐसे प्रॉजेक्ट को इस कोष से कोई राहत नहीं मिलेगी. मान लीजिए यदि किसी प्रॉजेक्ट में तीन टावर बनने हैं, उसमें एक टावर में 50 प्रतिशत काम हुआ है, दूसरे में 30 प्रतिशत और तीसरे में कोई ही काम नहीं हुआ है, तो हम सबसे पहले 50 प्रतिशत पूरे हुए प्रॉजेक्ट को कोष उपलब्ध कराएंगे.’’

वित्त मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यदि किसी प्रॉजेक्ट के लिए बिल्डर ने पूरा पैसा मकान खरीदारों से ले लिया है और उस पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है तो ऐसे मामलों का निपटान राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) में ही होगा.

 

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. राष्ट्रीय
  3. रियल एस्टेट के लिए सरकार का बिग बोनांजा, अटके प्रॉजेक्ट के लिए 25000 करोड़ के फंड का एलान

Go to Top