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त्योहारों पर जमकर करिए खरीदारी, बैंक ‘शामियाना’ लगाकर बांटेंगे कर्ज

इनका मकसद मकान खरीदारों और किसानों समेत कर्ज चाहने वालों को ऋण सुलभ कराना है.

September 19, 2019 11:21 PM
Banks to hold public meets with NBFCs in 400 districts to give credit: Finance ministerImage: ANI

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि बैंक त्योहारों से पहले ज्यादा से ज्यादा कर्ज मुहैया कराने के उद्देश्य से NBFC और रिटेल लोन लेने वालों के साथ 400 जिलों में बैठकें करेंगे. ये बैठकें किसी खुले सार्वजनिक स्थान पर होंगी, हो सकता है ‘शामियाने’ की तर्ज पर. इन्हें लोन मेला भी कहा जा सकता है. इनका मकसद NBFCs, मकान खरीदारों और किसानों समेत कर्ज चाहने वाले हर किसी को को ऋण सुलभ कराना है. ये बातें वित्त मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहीं.

सीतारमण ने कहा कि खुले रूप से ये बैठकें अगले सप्ताह से दो चरणों में होंगी. पहले चरण की बैठक मंगलवार 24 सितंबर से 29 सितंबर को 200 जिलों में होगी. उसके बाद 10 अक्टूबर से 15 अक्टूबर के बीच 200 अन्य जिलों में इसी प्रकार की बैठकें होंगी. उन्होंने कहा कि इसके पीछे सोच यह है कि त्योहारों के दौरान ज्यादा-से-ज्यादा कर्ज देना सुनिश्चित किया जा सके. दिवाली अक्टूबर में है और इसे देश में खरीदारी का सबसे अच्छा समय माना जाता है. खुली बैठकों के दौरान रिटेल, कृषि व MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों) और आवास एवं अन्य क्षेत्रों के लिए कर्ज उपलब्ध कराए जाएंगे.

सीतारमण ने यह भी कहा कि इन लोन मेलों में बैंक, NBFCs दोनों मौजूद होंगे. ऐसे में अगर NBFC चाहें तो बैंकों की ओर से प्राप्त हुई लिक्विडिटी को कस्टमर्स को रिटेल कर सकते हैं. इन खुली बैठकों में बैंक/NBFC के मौजूदा कस्टमर समेत नए कस्टमर तक हिस्सा ले सकते हैं और लोन प्राप्त कर सकते हैं. लोन होम लोन, व्हीकल लोन या अन्य किसी भी कैटेगरी का हो सकता है. यहां तक कि मुद्रा लोन, SHG, एफपीओ आदि भी. इन लोन मेलों में बैंक लोगों की हर तरह की लोन जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे.

मार्च 2020 तक MSME के दबाव वाले कर्ज नहीं घोषित होंगे NPA

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने बैंकों से कहा है कि वे मार्च 2020 तक सूक्ष्म, लघु और मझोले उपक्रमों (एमएसएमई) के दबाव वाले कर्ज को एनपीए घोषित न करें. साथ ही सरकार ने बैंकों से एमएसएमई के कर्ज के पुनर्गठन पर काम करने को कहा है. आगे कहा कि रिजर्व बैंक की ओर से पहले ही सर्कुलर जारी किया जा चुका है, जिसमें कहा गया है कि एमएसएमई के दबाव वाले कर्ज को एनपीए घोषित नहीं किया जाए.

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MSME क्षेत्र की मदद करना है मकसद

उन्होंने कहा कि बैंकों को इस सर्कुलर का अनुपालन करने को कहा गया है. बैंकों से कहा गया है कि वे MSME के दबाव वाले कर्ज को मार्च 2020 तक एनपीए घोषित नहीं करें और उनके कर्ज के पुनर्गठन के लिए काम करें. उन्होंने कहा कि इससे एमएसएमई क्षेत्र की मदद हो सकेगी. वित्त मंत्री ने बताया कि बैंकों ने कुछ ऐसी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) की पहचान की है, जिन्हें कर्ज उपलब्ध कराया जा सकता है. ऐसे में कर्ज लेने के इच्छुक लोगों को नकदी और ऋण उपलब्ध कराया जा सकेगा.

प्रेस कांफ्रेंस में वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि एनबीएफसी में अब लिक्विडिटी की स्थिति ​धीरे—धीरे सुधर रही है. वहीं बैंकों ने सरकार द्वारा किए गए सुधारात्मक उपायों पर अमल करना शुरू कर दिया है.

Input: PTI

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