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Air India की बिक्री पर फैसला करेगा मंत्री समूह, अमित शाह करेंगे अगुवाई

एअर इंडिया की बिक्री पर मंत्री समूह का पहली बार गठन जून, 2017 में किया गया था. इस समूह को एअर इंडिया विशेष वैकल्पिक व्यवस्था (AISAM) का नाम दिया गया.

July 18, 2019 6:31 PM
Amit Shah to head ministerial panel on Air India saleकितनी हिस्सेदारी की बिक्री की जाएगी और रुचि पत्र कब मांगे जाएंगे, इस बारे में निर्णय नवगठित AISAM करेगा.

गृह मंत्री अमित शाह एअर इंडिया (Air India) विनिवेश पर पुनर्गठित मंत्री समूह की अगुवाई करेंगे. सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को इस मंत्री समूह से हटा दिया गया है. सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. यह मंत्री समूह एअर इंडिया की बिक्री के तौर तरीके तय करेगा. इसमें अब चार केंद्रीय मंत्री – अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कॉमर्स और रेलवे मंत्री पीयूष गोयल और सिविल एविएशन मंत्री हरदीप सिंह पुरी शामिल होंगे.’’

एअर इंडिया की बिक्री पर मंत्री समूह का पहली बार गठन जून, 2017 में किया गया था. इस समूह को एअर इंडिया विशेष वैकल्पिक व्यवस्था (AISAM) का नाम दिया गया. उस समय इस समूह की अगुवाई तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली कर रहे थे और इसमें पांच सदस्य थे. अन्य चार सदस्य नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू, बिजली एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल, रेल मंत्री सुरेश प्रभु तथा सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी थे.

पहली बोली रही असफल

सूत्रों ने बताया कि मोदी-2.0 सरकार के सत्ता में आने के बाद समूह का पुनर्गठन किया गया है और गडकरी अब इस समूह का हिस्सा नहीं हैं.
एक सूत्र ने कहा, ‘‘AISAM का नए सिरे से गठन किया गया है. अब इसमें पांच के बजाय चार सदस्य हैं.’’ अपने पहले कार्यकाल में मोदी सरकार ने 2018 में एअर इंडिया की 76 फीसदी हिस्सेदारी बिक्री तथा एयरलाइन के प्रबंधन नियंत्रण के लिए निवेशकों से बोलियां आमंत्रित की थीं. हालांकि, यह प्रक्रिया यह प्रक्रिया सफल नहीं हो पाई और निवेशकों ने एअर इंडिया के अधिग्रहण के लिए बोलियां नहीं दी थीं.

उसके बाद सौदे को नियुक्त सलाहकार EY ने इस बारे में रिपोर्ट तैयार की थी कि बिक्री की प्रक्रिया क्यों विफल रही. ईवाई ने अपनी रिपोर्ट में इसकी जो वजहें बताई थीं उनमें सरकार द्वारा 24 फीसदी हिस्सेदारी अपने पास रखना, ऊंचा कर्ज, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, विनियम दरों में उतार-चढ़ाव, वृहद वातावरण में बदलाव तथा लोगों के बोली लगाने पर अंकुश आदि हैं.

100% हिस्सेदारी की बिक्री की पेशकश

निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) एअर इंडिया की बिक्री के लिए पहले ही नया प्रस्ताव तैयार कर चुका है. इसमें कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव के मुद्दों को शामिल किया गया है. सूत्रों ने कहा कि इस बार सरकार एअर इंडिया की शतफीसदी यानी 100 फीसदी हिस्सेदारी बिक्री की पेशकश कर सकती है. सरकार का इरादा बिक्री की प्रक्रिया दिसंबर, 2019 तक पूरा करने का है. एक सूत्र ने कहा कि कितनी हिस्सेदारी की बिक्री की जाएगी और रुचि पत्र कब मांगे जाएंगे, इस बारे में निर्णय नवगठित AISAM करेगा.

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