मुख्य समाचार:
  1. 4 लाख लोगों को ‘समर्थ’ बनाएगी मोदी सरकार की ये स्कीम, 18 राज्य बने भागीदार

4 लाख लोगों को ‘समर्थ’ बनाएगी मोदी सरकार की ये स्कीम, 18 राज्य बने भागीदार

'समर्थ' योजना के तहत, लगभग 10 लाख युवा भारतीयों को 2017 से 2020 तक 3 साल की अवधि में कुशल बनाना है.

August 14, 2019 6:42 PM
all you need to know about Samarth scheme‘समर्थ’ योजना के तहत, लगभग 10 लाख युवा भारतीयों को 2017 से 2020 तक 3 साल की अवधि में कुशल बनाना है. (Reuters)

कपड़ा कारोबार के क्षेत्र में कुशल कामगार तैयार करने के मकसद से मोदी सरकार ‘समर्थ’ स्कीम को प्रोत्साहित कर रही है. देश के 18 राज्यों के करीब चार लाख लोगों को ‘समर्थ’ योजना के तहत कुशल बनाया जाएगा. इस योजना का उद्देश्य वस्त्र क्षेत्र से जुड़े कामकाजों में लोगों को कुशल बनाना और क्षमता निर्माण करना है. ‘समर्थ’ स्कीम के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. बुधवार को वस्त्र मंत्रालय और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के बीच इसे लेकर समझौतों का आदान-प्रदान किया गया. इस मौके पर केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी मौजूद रहीं.

18 राज्यों ने लिया संकल्प:  ईरानी

स्मृति ईरानी ने कहा, “राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों ने यहां उपस्थित होकर तत्परता दिखाई है. भारत सरकार समेत सभी 18 राज्य ने एक छत के नीचे चार लाख लोगों को कुशल बनाने का संकल्प लिया है. मुझे लगता है कि देश के इतिहास में यह इस तरह का अब तक का पहला बड़ा कदम है.”

ईरानी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हमेशा से यह प्रयास रहा है कि नए भारत में हम यह सुनिश्चित करें कि अजीविका की इच्छा रखने वाला हर नागरिक कुशल और दक्ष हो.”

इन राज्यों ने किया समझौता

‘समर्थ’ स्कीम में जिन 18 राज्यों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं उनमें अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, मिजोरम, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, असम, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा, कर्नाटक, ओडिशा, मणिपुर, हरियाणा, मेघालय, झारखंड और उत्तराखंड शामिल हैं.

इन क्षेत्रों में बनेंगे कारीगर

‘समर्थ’ स्कीम के तहत वस्त्र से जुड़े जिन क्षेत्रों में लोगों को कुशल बनाया जाएगा उनमें रेडिमेड गारमेंट, बुने हुए कपड़े, धातु हस्तकला, हथकरघा, हस्तकला और कालीन शामिल हैं.

क्या है समर्थ योजना?

देश में टेक्सटाइल और अपैरल इंडस्ट्री काफी शुरुआती में ही विकसित हुई है. कृषि के बाद देश में सबसे अधिक रोजगार इसी क्षेत्र में लोगों को मिला हुआ है. इस इंडस्ट्री में कुशल कारीगर तैयार करने के मकसद से भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय ने वस्त्र क्षेत्र में प्रशिक्षण और रोजगार के लिए समर्थ योजना 2018 लॉन्च की है.

इस योजना के तहत सरकार कपड़ा क्षेत्र में युवाओं को रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान करेगी. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सीसीईए की बैठक में इस योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत लगभग 10 लाख युवा भारतीयों को 2017 से 2020 तक 3 साल की अवधि में प्रशिक्षण मिलेगा. इसके लिए 1300 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.

‘समर्थ’ योजना से क्या होगा लाभ?

मोदी सरकार की ‘समर्थ’ योजना से युवाओं को वस्त्र उद्योग में रोजगार मिलने की संभावना बनेगी.इनमें से 9 लाख लोगों को असंगठित क्षेत्र में तथा एक लाख को संगठित क्षेत्र में प्रशिक्षित किया जाएगा. यह योजना निर्यात को बढ़ावा देगी और 2025 तक कपड़ा क्षेत्र में 300 अरब डॉलर के निर्यात की प्राप्ति की दिशा में एक बड़ा कदम है. इसके तहत उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण युवाओं को मिलेगा.

(Input: PTI)

Go to Top