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5600 रुपये तक महंगा हो सकता है हवाई सफर, घरेलू उड़ानों के प्राइस बैंड में 30% तक की बढ़ोतरी

सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने गुरुवार 11 फरवरी को घरेलू उड़ानों के लिए किराए के लोअर और अपर कैप में 10-30 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है.

February 11, 2021 7:03 PM
Air travel becomes expensive GovERNMENT raises limits on domestic airfares by 10-30 PERCENTपिछले साल 21 मई 2021 को कोरोना महामारी के चलते बंद पड़ी घरेलू उड़ानों को जब फिर शुरू करने को मंजूरी दी गई थी तो मंत्रालय ने प्राइस कैपिंग लगाया था.

हवाई सफर अब महंगा हो सकता है. सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने गुरुवार 11 फरवरी को घरेलू उड़ानों के लिए किराए के लोअर और अपर कैप में 10-30 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है. मंत्रालय ने जो लिमिट्स निर्धारित की हैं, वे 31 मार्च 2021 तक प्रभावी रहेंगी या जब तक कि इसे लेकर अगला आदेश न आ जाए. पिछले साल 21 मई 2021 को कोरोना महामारी के चलते बंद पड़ी घरेलू उड़ानों को जब फिर शुरू करने को मंजूरी दी गई थी तो मंत्रालय ने प्राइस कैपिंग लगाया था.

मंत्रालय ने फ्लाइट ड्यूरेशन के आधार पर हवाई किराए के सात बैंड तय किए थे. इसमें पहला बैंड 40 मिनट के हवाई सफर का था जिसके लिए पहले लोअर लिमिट 2 हजार रुपये था जिसे गुरुवार को बढ़ाकर 2200 रुपये कर दिया गया और ऊपरी सीमा को 6000 रुपये से बढ़ाकर 7800 रुपये कर दिया गया. 180-210 मिनट के फ्लाइट के प्राइस बैंड में अधिकतम सीमा 5600 रुपये बढ़ गया है.

प्राइस बैंड की निर्धारित निचली और ऊपरी सीमा

  • 40 मिनट के फ्लाइट ड्यूरेशन के लिए किराए की लोअर लिमिट को 2 हजार रुपये से बढ़ाकर 2200 रुपये और ऊपरी सीमा को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 7800 रुपये कर दिया गया.
  • 40-60 मिनट के फ्लाइट ड्यूरेशन के लिए किराए की लोअर लिमिट को 2500 रुपये से बढ़ाकर 2800 रुपये और ऊपरी सीमा को 7500 रुपये से बढ़ाकर 9800 रुपये कर दिया गया.
  • 60-90 मिनट के फ्लाइट ड्यूरेशन के लिए किराए की लोअर लिमिट को 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 3300 रुपये और ऊपरी सीमा को 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 11700 रुपये कर दिया गया.
  • 90-120 मिनट के फ्लाइट ड्यूरेशन के लिए किराए की लोअर लिमिट को 3500 रुपये से बढ़ाकर 3900 रुपये और ऊपरी सीमा को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 13000 रुपये कर दिया गया.
  • 120-150 मिनट के फ्लाइट ड्यूरेशन के लिए किराए की लोअर लिमिट को 4500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये और ऊपरी सीमा को 13 हजार रुपये से बढ़ाकर 16900 रुपये कर दिया गया.
  • 150-180 मिनट के फ्लाइट ड्यूरेशन के लिए किराए की लोअर लिमिट को 5500 रुपये से बढ़ाकर 6100 रुपये और ऊपरी सीमा को 15700 रुपये से बढ़ाकर 20400 रुपये कर दिया गया.
  • 180-210 मिनट के फ्लाइट ड्यूरेशन के लिए किराए की लोअर लिमिट को 6500 रुपये से बढ़ाकर 7200 रुपये और ऊपरी सीमा को 18600 रुपये से बढ़ाकर 24200 रुपये कर दिया गया.

मार्च 2021 तक 80% घरेलू उड़ानों को मंजूरी

एविएशन नियामक डीजीसीए ने पिछले साल 21 मई को कहा था कि सभी हवाई कंपनियां अपने 40 फीसदी टिकटों की बिक्री निचली और ऊपरी सीमा के मिड प्वाइंट से कम के भाव पर बिक्री करेंगी. इसके बाद 25 मई से कोरोना महामारी के कारण बंद हुई घरेलू हवाई सेवाएं दोबारा शुरू की गई. हालांकि मई 2020 में कोरोना से पहले के समय के मुकाबले सिर्फ 33 फीसदी तक ही उड़ानों को मंजूरी मिली. इस समय 80 फीसदी तक घरेलू उड़ानों को मंजूरी मिली है और यह कैप मार्च 2021 तक जारी रहेगा.

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