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PM-किसान: अब बिना आधार बैंक खाते में नहीं आएंगे 6000 रु सालाना, दिसंबर से हुआ अनिवार्य

इस महीने से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंदर राशि सिर्फ आधार से प्रमाणित बैंक अकाउंट में ही ट्रांसफर की जाएगी.

December 11, 2019 11:00 AM
Aadhaar mandatory for getting PM Kisan benefits from Dec onwardsइस महीने से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंदर राशि सिर्फ आधार से प्रमाणित बैंक अकाउंट में ही ट्रांसफर की जाएगी.

इस महीने से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) के तहत मिलने वाली राशि सिर्फ आधार से प्रमाणित यानी लिंक्ड बैंक अकाउंट में ही ट्रांसफर की जाएगी. कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को लोकसभा में इस बात की जानकारी दी. पीएम किसान योजना के तहत सरकार 14 करोड़ किसानों को तीन समान किश्तों में सालाना 6,000 रुपये की राशि देती है. लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि को सीधे ट्रांसफर किया जाता है. नरेंद्र मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में यह स्कीम शुरू की गई थी.

पीएम-किसान योजना के तहत पहली किस्त (दिसंबर 2018-मार्च 2019) लेने के लिए आधार को वैकल्पिक किया गया था. हालांकि असम, मेघालय और जम्मू-कश्मीर के किसान इस दायरे में नहीं आते. हालांकि दूसरी किश्त लेने के लिए आधार नंबर को अनिवार्य किया गया था. आधार डेटा मिलने या फीड करने में देरी की वजह से दूसरी और तीसरी किश्त लेने के लिए इस शर्त में 30 नवंबर तक ढील दी गई थी.

1 दिसंबर से आधार अनिवार्य

तोमर ने लोकसभा में लिखित जवाब में कहा कि 1 दिसंबर 2019 से लाभार्थियों को बकाया सभी किश्त जारी करने के लिए उनके डाटा में आधार को एड किया जाना जरूरी होगा. उन्होंने कहा कि सरकार ने योजना के अंदर 30 नवंबर तक 7.60 करोड़ लाभार्थियों को पैसे ट्रांसफर किए हैं. अब तक लगभग 35,882.8 करोड़ रुपये लाभार्थियों को बांटे गए हैं.

इसके साथ उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन और किश्तों का ट्रांसफर निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है. फंड का ट्रांसफर योग्य लाभार्थियों को तब किया जाता है, जब उनका सही और प्रमाणित डेटा राज्य सरकारें पीएम किसान वेब पोर्टल पर अपलोड कर देती हैं. राज्यों की इस काम को करने की रफ्तार अलग-अलग रहती है.

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डेटा का होता है मल्टी लेवल वेरिफिकेशन

मंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकारों द्वारा लाभार्थियों के डेटा को अपलोड करने के बाद इसे कई स्तरों पर प्रमाणित किया जाता है और कई संबंधित एजेंसी इसे मान्यता देती हैं, जिसमें बैंक भी शामिल हैं. यह पूरी प्रक्रिया हर किश्त के ट्रांसफर में की जाती है. तोमर ने पहली किश्त में देरी के सवाल में जवाब दिया कि इस प्रक्रिया की वजह से समय-समय पर लाभार्थियों का कुछ अप्रमाणित डेटा रहता है, जिस पर काम चलता रहता है.

इसी के अनुरूप लाभार्थी किसानों को किश्त ट्रांसफर की प्रक्रिया अलग-अलग स्तरों पर प्रगति में रहती है. उन्होंने कहा कि कुछ किसानों को तीनों किश्त मिल गई हैं, कुछ किसानों को दो और कुछ को केवल एक मिली है. यह उस चार महीने की अवधि पर निर्भर है, जब उनका पहले राज्य सरकार द्वारा रजिस्ट्रेशन हुआ.

‘फार्मर्स कॉर्नर’

मंत्री ने बताया कि किसानों को रजिस्ट्रेशन में आसानी देने के लिए पीएम किसान पोर्टल पर एक एक्सलूसिव ‘फार्मर्स कॉर्नर’ दिया गया है. इस पर किसान अपना रजिस्ट्रेशन खुद कर सकते हैं. किसान इससे अपने नाम में आधार कार्ड पर मौजूद नाम के मुताबिक बदलाव भी कर सकते हैं. ‘फार्मर्स कॉर्नर’ के जरिए किसान अपने भुगतान का स्टेटस भी जान सकते हैं. इस मामले में मदद कॉमन सर्विस सेंटर से भी ली जा सकती है.

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