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  1. सत्यम घोटाले के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं, आज भी गलतियां पकड़ने में सिस्टम लाचार

सत्यम घोटाले के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं, आज भी गलतियां पकड़ने में सिस्टम लाचार

Satyam Mahindra: गुरनानी ने कहा कि सत्यम कंप्यूटर घोटाले के दस साल बाद भी हमारी प्रणाली संकट वाली स्थिति के बारे में ‘अलर्ट’ करने में पूरी तरह समक्ष नहीं हो पाई है.

April 30, 2019 8:49 PM
a decade of satyam scam but system still take time to detect discrepancies says gurnaniसत्यम कंप्यूटर का 7,800 करोड़ रुपये का घोटाला जनवरी, 2009 में सामने आया था.

Satyam Mahindra: सत्यम कंप्यूटर के बहुर्चिचत घोटाले को अब एक दशक से अधिक हो चुके हैं लेकिन आज भी कंपनियों में गड़बड़ी पकड़ने की प्रणाली में खामियां कायम हैं. टेक महिंद्रा के प्रमुख सी पी गुरनानी ने पीटीआई भाषा से साक्षात्कार में यह बात कही.
गुरनानी ने कहा कि इन खामियों को दूर करने के लिए बेहतर डाटा विश्लेषण जरूरी है. सत्यम कंप्यूटर र्सिवसेज का घोटाला जनवरी, 2009 में सामने आया था. इस घोटाले के सूत्रधार कंपनी के संस्थापक बी रामलिंग राजू थे. बाद में सत्यम कंप्यूटर का उसी साल अप्रैल में टेक मंहिंद्रा ने अधिग्रहण कर लिया था.

प्रणाली संकट वाली स्थिति के बारे में ‘अलर्ट’ करने में पूरी तरह समक्ष नहीं

गुरनानी ने कहा कि सत्यम कंप्यूटर घोटाले के दस साल बाद भी हमारी प्रणाली संकट वाली स्थिति के बारे में ‘अलर्ट’ करने में पूरी तरह समक्ष नहीं हो पाई है. ये ऐसी स्थितियां होती हैं जो बाद में संकट बन जाती हैं. उन्होंने कहा, ‘‘बैंकों सहित सभी अंशधारकों मसल ऋण देने वाली एजेंसियों और कंपनियों को अधिक जिम्मेदार बनना चाहिए. सत्यम या आईएलएंडएफएस जैसे संकट को पकड़ने के लिए हमें बेहतर डाटा विश्लेषण और ‘डैशबोर्ड’ की जरूरत है.’’

7,800 करोड़ रुपये का था सत्यम घोटाला

खास बात यह है कि अब संकट में फंसी आईएलएंडएफएस ने सत्यम घोटाले के बाद मेटास इन्फ्रा का अधिग्रहण किया था. मेटा भी राजू प्रर्वितत कंपनी थी. आईएलएंडएफएस समूह पर 94,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज का बोझ है. सरकार ने पिछले साल कंपनी के बोर्ड का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है.
सत्यम कंप्यूटर का 7,800 करोड़ रुपये का घोटाला जनवरी, 2009 में सामने आया था. राजू ने खुद स्वीकार किया था कि उन्होंने खातों में गड़बड़ी की है और कई साल तक मुनाफे को बढ़ाचढ़ाकर दिखाया था.

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