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Budget 2019 : FY19 में ब्याज चुकाने में खर्च हो जाएगी सरकार की 40 फीसदी आमदनी

केंद्र सरकार अपने सालाना बजट करीब एक-चौथाई हिस्सा सिर्फ इंटरेस्ट पेमेंट करने पर ही खर्च कर देती है. इसकी वजह से केंद्र सरकार की विकास वाली योजनाएं और गरीबी दूर करने वाले कार्यक्रम पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है.

Updated: Jan 31, 2019 3:58 PM
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केंद्र सरकार अपने सालाना Budget करीब एक-चौथाई हिस्सा सिर्फ इंटरेस्ट पेमेंट करने पर ही खर्च कर देती है. इसकी वजह से केंद्र सरकार की विकास वाली योजनाएं और गरीबी दूर करने वाले कार्यक्रम पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है. पिछले साल केंद्र सरकार ने बजट में बताया था कि चालू वित्त वर्ष 2018-19 में उस पर करीब 5.75 लाख करोड़ रुपये के इंटरेस्ट पेमेंट की देनदारी है.

कर्ज का 92 फीसदी ब्याज पर
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 के लिए अधिकतम कर्ज की सीमा 6.24 लाख करोड़ रुपये निर्धारित कर दी थी. इसमें से 92 फीसदी राशि पुराने कर्ज के इंटेरेस्ट के पेमेंट में ही खर्च हो जाएगा. वैसे खास बात यह है कि जेटली ने कर्ज की अधिकतम राशि बजट में ही निर्धारित कर दी थी लेकिन 2018-19 के शुरुआती 8 महीनों में ही केंद्र सरकार 115 फीसदी राशि कर्ज ले चुकी है.

नेट रेवेन्यू का 40 फीसदी ब्याज चुकाने में खर्च
केंद्र सरकार ने बजट में 14.80 लाख करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व का अनुमान लगा रखा है. इसकी तुलना सरकारी कर्जों पर ब्याज के भुगतान से किया जाए तो इस रेवेन्यू का 40 फीसदी हिस्सा इंटेरेस्ट पेमेंट पर ही खर्च हो जाएगा.

‘ब्याज इकोनॉमी में जा रहा, इसलिए चिंता नहीं’
सरकार कई योजनाओं के लिए जो भी कर्ज जुटा रही है, उसका 92 फीसदी हिस्सा पुराने कर्ज के ब्याज अदायगी पर या नेट रेवेन्यू का 40 फीसदी ब्याज अदायगी पर खर्च होने का मतलब एक तरह से Debt Trap में फंसने के जैसा लगता है लेकिन ऐसा नहीं है. नोएडा स्थित थिंकटैंक EGROW Foundation के चीफ एक्जेक्यूटिव डॉ चरण सिंह का मानना है कि सरकार ब्याज अदायगी पर जो भी खर्च कर रही है वह इकोनॉमी में ही जा रही है, इसलिए Debt Trap में फंसने जैसी कोई बात नहीं है. डॉ चरण सिंह International Monetary Fund (IMF) में सीनियर इकोनॉमिस्ट रह चुके हैं.

(स्टोरी: कृष्णानंद त्रिपाठी)

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