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2021-22 में 3 लाख करोड़ की अतिरिक्त फूड सब्सिडी, हरियाणा-पंजाब को डिजिटली MSP पेमेंट का सख्त केंद्रीय निर्देश

चालू वित्त वर्ष 2020-21 के शेष दो महीनों फरवरी और मार्च में केंद्र सरकार 3 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त फूड सब्सिडी जारी करेगी.

Updated: Feb 19, 2021 8:03 PM
3 lakh cr more food subsidy to be released this fiscal Punjab haryana asked to use e-mode for MSP payments by food ministryकोरोना के चलते चालू वित्त वर्ष में फूड सब्सिडी बजट अनुमान से बहुत अधिक बढ़ गया. (File Photo)

चालू वित्त वर्ष 2020-21 के शेष दो महीनों फरवरी और मार्च में केंद्र सरकार 3 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त फूड सब्सिडी जारी करेगी. सरकार का लक्ष्य पहले के बैकलॉग्स को क्लीयर करने का है. यह जानकारी खाद्य मंत्रालय ने शुक्रवार 19 फरवरी को दी. मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को किसानों को उनकी फसलों के लिए अनिवार्य तौर पर डिजिटली भुगतान करना होगा. मिनिस्ट्री के मुताबिक ई-मोड से एमएसपी पेमेंट का नियम पूरे देश में लागू हो चुका है लेकिन 2015-16 से लगातार पंजाब और हरियाणा इसे आगे बढ़ाते आ रहे हैं लेकिन इस बार उन्हें राहत नहीं मिलेगी.
केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत भारी सब्सिडी पर खाद्यानों की बिक्री करती है. खाद्य कानून के तहत केंद्र सरकार हर महीने 80 करोड़ से अधिक लोगों को प्रति व्यक्ति 5 किग्रा गेहूं और चावल 2-3 रुपये प्रति किग्रा के भाव पर उपलब्ध कराती है.

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कोरोना के चलते अनुमान से बहुत अधिक बढ़ा फूड सब्सिडी

मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक इस साल अब तक रिकॉर्ड 1,25,217.62 रुपये जारी किए जा चुके हैं और चालू वित्त वर्ष में फूड सब्सिडी के तौर पर 2,97,196.52 करोड़ रुपये और जारी किए जाएंगे. इसमें से 1,16,653.96 करोड़ रुपये पब्लिक फाइनेंसियल मॉड्यूल सिस्टम (PFMS) के तहत पंजाब को जारी किए जाएंगे. 24,841.56 करोड़ रुपये हरियाणा को जारी किए जाएंगे.
हालिया बजट पेपर के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में फूड सब्सिडी बजट अनुमान से बहुत अधिक बढ़ गया. 2020-21 के बजट में 1,15,569.68 करोड़ रुपये के फूड सब्सिडी का आकलन किया गया था जिसे संशोधित कर बाद में 4,22,618.14 करोड़ रुपये कर दिया गया. फूड सब्सिडी में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण कोरोना महामारी रहा जिसके चलते केंद्र सरकार ने अतिरिक्त अनाज मुफ्त में गरीबों को वितरित किए. अगले वित्त वर्ष के लिए फूड सब्सिडी का अनुमान 2,42,836 करोड़ रुपये रखा गया है.

हर साल पंजाब और हरियाणा बढ़ा रहे हैं लागू करने का समय

मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकार का इरादा पंजाब और हरियाणा में आढ़तिया की भूमिका को खत्म करने की नहीं है और इससे जुड़ा कोई निर्देश भी नहीं जारी किया गया है. सरकार के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किसानों, आढ़तिया और मंडी को पेमेंट करने पर पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी और लीकेज को खत्म किया जा सकेगा. केंद्र सरकार का कहना है कि 2015-16 से ही पंजाब और हरियाणा को इलेक्ट्रॉनिकिली पेमेंट के लिए कहा जा रहा है लेकिन हर साल दोनों राज्यों की सरकारें इसे लागू करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग करती हैं लेकिन इस बार अब उन्हें राहत नहीं दी जाएगी. मंत्रालय के मुताबिक ऑनलाइन तरीके से एमएसपी पेमेंट को पंजाब, हरियाणा छोड़कर लगभग पूरे देश में लागू कर दिया गया है. पंजाब और हरियाणा में ई-मोड से एमएसपी पेमेंट आंशिक तौर पर लागू है और इस बार धान के लिए पूरी तरह ई-मोड के जरिए ही पेमेंट किया गया.

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