माइक्रो-फाइनेंस सेक्टर के लोन बांटने में रिकॉर्ड तेजी, पहली तिमाही में 111% का इजाफा | The Financial Express

माइक्रो-फाइनेंस सेक्टर के लोन बांटने में रिकॉर्ड तेजी, पहली तिमाही में 111% का इजाफा

Q1 FY23 disbursements : चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में माइक्रो-फाइनेंस सेक्टर ने कुल 57,842 करोड़ रुपये के लोन बांटे, जो Q1 FY22 के मुकाबले 111% अधिक हैं.

माइक्रो-फाइनेंस सेक्टर के लोन बांटने में रिकॉर्ड तेजी, पहली तिमाही में 111% का इजाफा
पिछले वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में माइक्रो-फाइनेंस सेक्टर ने 27,328 करोड़ रुपये बांटा था.

Credit and Finance for MSMEs: माइक्रो-फाइनेंस सेक्टर ने मौजूदा वित्त वर्ष की पहले तिमाही में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले दोगुने से ज्यादा लोन बांटा है. यह जानकारी माइक्रो-फाइनेंस सेक्टर की सेल्फ रेगुलेटरी बॉडी साधन (Sa-Dhan) की ताजा रिपोर्ट में सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून 2022 में माइक्रो-फाइनेंस सेक्टर ने कुल मिलाकर 57,842 करोड़ रुपये का लोन बांटा है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के दौरान यह आंकड़ा 27,328 करोड़ रुपये का था. यानी इस दौरान बांटे गए लोन में 111 फीसदी का उछाल देखने को मिला है.

हालांकि मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही की तुलना पिछले वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही से करें तो बांटे गए कर्ज की रकम में 35 फीसदी की गिरावट आई है. ऐसा इसलिए क्योंकि जनवरी से मार्च 2022 के दौरान माइक्रो-फाइनेंस सेक्टर ने कुल 89,603 करोड़ रुपये का कर्ज बांटा था. जनवरी-मार्च 2022 के मुकाबले अप्रैल-जून 2022 में कम लोन बांटे जाने की एक बड़ी वजह इस दौरान रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा नियमों में किए गए बदलाव हैं. साधन (Sa-Dhan) का कहना है कि RBI के नियमों में फेरबदल की वजह से माइक्रो-फाइनेंस सेक्टर को भी अपनी नीतियों में बदलाव करने पड़े, जिसका असर लोन देने की प्रक्रिया पर भी पड़ा है.

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साधन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ED) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) जीजी मामेन (Jiji Mammen) ने कहा है कि इस सेक्टर ने महामारी की चुनौतियों को पार कर वापसी कर ली है. RBI के नए नियमों के लागू हो जाने से चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में काफी अड़चनें थीं, हालांकि अब इसमें काफी हद तक सुधार हुआ है. माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में फंड फ्लो बढ़ा है, लेकिन अब भी, कुछ छोटी माइक्रो-फाइनेंस संस्थाओं (MFIs) को बैंकों से लोन लेने में मुश्किलें आ रही हैं.

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चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में MSMEs को दिए गए कुल लोन में बैंकों ने 15,111 करोड़ रुपये का लोन बांटा, जबकि एनबीएफसी माइक्रो-फाइनेंस संस्थानों (NBFC microfinance institutions) की तरफ से 6,678 करोड़ रुपये के लोन दिए गए. स्मॉल फाइनेंस बैंक (small finance banks) की तरफ से मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 3,564 करोड़ रुपये का लोन बांटा गया. इसके आलावा अन्य NBFCs ने 1,518 करोड़ रुपये और नॉट-फॉर-प्रॉफिट MFIs की तरफ से  457 करोड़ रुपये के कर्ज दिए गए हैं.

(Article : Sandeep Soni)

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First published on: 23-08-2022 at 06:16:11 pm

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