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सस्ता कर्ज और बंपर डिस्काउंट भी फेल, 70% घटा ऑटो रजिस्ट्रेशन; लॉकडाउन के बाद बढ़ेगी कार बिक्री?

लॉकडाउन की मार आटो इंडस्ट्री पर ऐसी पड़ी है कि अप्रैल में कंपनियों को जीरो सेल्स का सामना करना पड़ा है.

May 6, 2020 8:33 AM
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Lockdown 3.0: लॉकडाउन की मार ऑटो इंडस्ट्री पर ऐसी पड़ी है कि अप्रैल में कंपनियों को जीरो सेल्स का सामना करना पड़ा है. यहां तक भारी भरकम डिस्काउंट और सस्ते लोन के बाद भी लॉकडाउन के दौरान ऑटो रजिस्ट्रेशन बुरी तरह से डाउन रहा है. अप्रैल में सालाना आधार पर गाड़ियों के लिए रजिस्ट्रेशन में 70 फीसदी की गिरावट आई है. एक्सपर्ट का कहना है कि वित्त वर्ष 2021 की पहली छमाही तक इंडस्ट्री पर दबाव रहेगा. लेकिन उसके बाद इंडस्ट्री को लो वैल्युएशन का फायदा होगा. खासतौर से जिन कंपनियों का ग्लोबल लिंक है और BS6 ट्रांजिशन में जल्द आ जाएंगी, वे विनर होंगी. घरेलू बाजार पर फोकस्ड कंपनियों पर दबाव लंबा रह सकता है. उनका यह भी कहना है कि पेंडिंग आर्डर की वजह से लॉकडाउन के बाद अचानक सेल्स में तेजी आ सकती है.

रजिस्ट्रेशन 70% घटा

ओवरआल व्हीकल रजिस्ट्रेशन में अप्रैल में सालाना आधार पर 70 फीसदी की कमी आई है. प्राइवेट व्हीकल्स में लॉकडाउन की बड़ी मार पड़ी है और अप्रैल के दौरान सिर्फ 21000 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ. वहीं अप्रैल में टू व्हीलर सेग्मेंट में सिर्फ 314,000 यूनिट के लिए रजिस्ट्रेशन हुआ. कमर्शियल व्हीकल सेग्मेंट में सिर्फ 19,000 यूनिट के लिए और ट्रैक्टर सेग्मेंट में सिर्फ 5000 रजिस्ट्रेशन हुआ है. वहीं थ्री व्हीलर सेग्मेंट में 10,000 यूनिट के लिए रजिस्ट्रेशन हुआ.
(Source: Vahan)

लॉकडाउन के बाद अचानक आएगी तेजी!

ब्रोकरेज हाउस ब्रोकरेज हाउस प्रभुदास लीलाधर के मुताबिक, पॉजिटिव बात यह है कि लॉकडाउन की वजह से कई आर्डर पेंडिंग हैं, ऐसे में लॉकडाउन खुलने के बाद अचानक से सेल्स में तेजी आ सकती है. आने वाले दिनों में गुडी परवा, चैत्र नवरात्रि और तमिल न्यू ईयर शुरू होने से बुकिंग में तेजी दिख सकती है. हालांकि उनका कहना है कि ओवरआल जून के पहले आटो सेक्टर में रिकवरी थोड़ी मुश्किल है. प्रोडक्शन का काम ही मई के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है. होल सेल बाजार पर अभी दबाव रहेगा.

अभी राहत की बात

हाल फिलहाल में पेंडिंग आर्डर की वजह से ओवरसीज मार्केट के लिए डिस्पैच बढ़ रहे हैं. हालांकि घरेलू मार्केट में इसकी दर बेहद कम है.

ऑटो और ऑटो एंसिलियरीज कंपनियों को कई प्लांट में काम शुरू करने के लिए सरकार की ओर से परमिशन मिलने लगा है. लेबर की उपलब्धता भी बढ़ी है.

ग्रीन और ऑरेंज जोन में शोरूम फिर खुलने लगे हैं. उन्हें अथॉरिटी की ओर से इसके लिए परमिशन मिल गई है. हालांकि रेड जोन के ज्यादातर इलाकों में यह 18 मई के बाद से ही खुल सकेंगे.

FY21 की दूसरी छमाही से पटरी पर आएगी ग्रोथ

ब्रोकरेज हाउस एमके ग्लोबल के अनुसार आटो सेकटर के लिए पिछले 6 महीने से चुनौतियां बहतु ज्यादा बनी हुई हैं. वहीं लॉकडाउन के चलते नियर टर्म में भी दबरव बना रहेगा. नियर टर्म वॉल्सूम कमजोर रहने का अनुमान है. लेकिन उम्मीद है कि FY21 की दूसरी छमाही से इंडस्ट्री में रीबाउंड देखने को मिलेगा. लो बेस का फायदा सेक्टर को मिलेगा.

एमके ग्लोबल के अनुसार जिन कंपनियों का एक्सपोजर विदेशी बाजारों में भी है, वो ज्यादा फायदे में रहेंगी. मारुति, आयशर मोटर्स, अमारा राजा बैटरी और एक्साइड इंडस्ट्री के शेयरों में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है.

शेयर को लेकर कैसे बनाएं रणनीति

एमके ग्लोबल ने मारुति सुजुकी, अशोल लेलैंड, आयशर मोटर्स, अमारा राजा बैटरी और एक्साइड इंडस्ट्री में निवेश की सलाह दी है. जबकि बजाज आटो व हीरो मोटोकॉर्प में होल्ड करने और टीवीएस मोटर्स में बेचने की सलाह दी है.

प्रभुदास लीलाधर ने मारुति सुजुकी, मदरसन सूमी और आयशर मोटर्स में खरीदद की सलाह दी है. जबकि टाटा मोटर्स, टीवीएस मोटर्स, बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा और भारत फोर्ज में होल्ड करने की सलाह दी है.

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