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IPO मार्केट में बढ़ी हलचल, यहां 1 साल के अंदर 4 गुना हो सकता है पैसा; अपनाएं ये टिप्स

इनिशियल पब्लिक आफरिंग (IPO) मार्केट में एक बार फिर हलचल देखने को मिल रही है.

Published: July 17, 2020 2:33 PM
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इनिशियल पब्लिक आफरिंग (IPO) मार्केट में एक बार फिर हलचल देखने को मिल रही है. हाल ही में लंबे समय बाद आए स्पेशिएलिटी केमिकल मेकर कंपनी रोसारी बॉयोटेक के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला है. 496 करोड़ रुपये के इस इश्यू करीब 79.37 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है. बड़े करेक्शन बाद बाजार में संभावित तेजी का फायदा उठाने के लिए अब आगे भी करीब एक दर्जन कंपनियां अपना आईपीओ लाने की कतार में हैं. आईपीओ मार्केट की बात करें तो 24 मार्च 2020 के लो के बाद से बीएसई आईपीओ इंडेक्स में भी 34 फीसदी तेजी देखने को मिली है. फिलहाल प्राइमरी मार्केट ऐसी जगह है, जहां सही निवेश की पहचान हो तो कम समय में शानदार रिटर्न हासिल किया जा सकता है.

BSE IPO इंडेक्स 4 माह में 34% मजबूत

कोरोना संकट के दौरान आईपीओ मार्केट में अच्छी खासी गिरावट देखने को मिली थी. बीएसई आईपीओ इंडेक्स 24 मार्च 2020 को 52 हफ्तों के लो 3966.65 के स्तर पर पहुंच गया था. वहीं अब यानी 17 जुलाई के कारोबार में यह इंडेक्स 5,318.69 के स्तर पर पहुंच गया है. यानी 4 महीने से भी कम समय में इंडेक्स ने 34 फीसदी रिटर्न दिया है. इंडेक्स के 52 हफ्तों का हाई 7631.98 इसी साल 26 फरवरी को बना था. यानी अभी भी इंडेक्स डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है.

पिछले 1 साल में आए IPO में बेस्ट प्रदर्शन

IRCTC: 109% रिटर्न

लांच डेट: 14 अक्टूबर 2019
इश्यू साइज: 635.04 करोड़
इश्यू प्राइस: 320 रुपये
लिस्टिंग: 644 रुपये
लिस्टिंग गेन: 127.69 फीसदी
करंट प्राइस: 1,377.45 रुपये
कुल रिटर्न: 330.45 फीसदी

इंडियामार्ट इंटर महेश

लांच डेट: 4 जुलाई 2019
इश्यू साइज: 474.12 करोड़
इश्यू प्राइस: 973 रुपये
लिस्टिंग: 1180 रुपये
लिस्टिंग गेन: 33.87 फीसदी
करंट प्राइस: 2,135.55 रुपये
कुल रिटर्न: 119.48 फीसदी

बंपर लिस्टिंग के अन्य उदाहरण

एस्ट्रॉन पेपर एंड बोड मिल लिमिटेड: कंपनी के इश्यू की बाजार में बंपर लिस्टिंग हुई थी. इश्यू प्राइस से 140 फीसदी बढ़कर कंपनी का शेयर बाजार में लिस्ट हुआ.

सालासार टेक्नोलॉजी: कंपनी का शेयर इश्यू प्राइस से 152 फीसदी बढ़कर बाजार में लिस्ट हुआ.

एवेन्यू सुपरमार्ट: कंपनी का शेयर इश्यू प्राइस से 114 फीसदी बढ़कर बाजार में लिस्ट हुआ.

CDSL: कंपनी का शेयर इश्यू प्राइस से 75 फीसदी बढ़कर बाजार में लिस्ट हुआ.

डिक्सॉन टेक्नोलॉजी: कंपनी का शेयर इश्यू प्राइस से 63 फीसदी बढ़कर बाजार में लिस्ट हुआ.

AU स्माल फाइनेंस: कंपनी का शेयर इश्यू प्राइस से 51 फीसदी बढ़कर बाजार में लिस्ट हुआ.

इश्यू चुनते समय रखें इन बातों का ध्यान

अपर प्राइस बैंड: अगर आप किसी आईपीओ में निवेश करने जा रहे हैं तो सबसे पहले उसके अपर प्राइस बैंड पर फोकस करें. मसलन अगर किसी इश्यू के लिए प्राइस बैंड 200-210 रुपये हैं तो अपर प्राइस बैंड 210 रुपये है. इससे इसके सही वैल्युएशन का आंकलन किया जा सकता है.

अर्निंग प्रति शेयर (EPS): किसी भी आईपीओ में निवेश के पहले मौजूदा वित्त वर्ष के लिए अर्निंग प्रति शेयर (EPS) की जानकारी जरूर निकालें. इसके बाद अगने वित्त वर्ष के लिए EPS का अनुमान गलाएं. EPS से किसी भी कंपनी का फाइनेंशियल स्थिति का पता लगाया जा सकता है.

कंपनी को होने वाले शुद्ध मुनाफे से हर शेयर के हिस्से में कितनी रकम आएगी उसे ही EPS कहते हैं. मान लिजिए कि किसी कंपनी का मुनाफा 20 करोड़ रुपये है और कंपनी ने 10 रुपये की कीमत के 1 करोड़ शेयर जारी किए हैं तो EPS 20 रुपये होगी. इससे शेयरधारकों को होने वाले प्रति शेयर शुद्ध लाभ पता लगाया जा सकता है.

P/E रेश्यो निकालें: EPS निकालने के बाद प्राइस टु अर्निंग रेश्यो (P/E) निकालें. आम तौर पर P/E रेश्यो निकालने का फॉर्मूला CMP/EPS है. यानी करंट मार्केट प्राइस में अर्निंग प्रति शेयर से भाग देने पर यह रेश्यो निकाल सकते हैं. लेकिन आईपीओ के लिए करंट मार्केट प्राइस नहीं होता तो यहां आईपीओ का अपर प्राइस बैंड का इस्तेमाल किया जाता है.

P/E रेश्यो की तुलना करें: एक बार P/E रेश्यो निकल जाए तो इसकी तुलना उन कंपनियों से करें जो एक ही इंडस्ट्री और करीब एक ही साइज की हों. यानी आईपीओ जारी करने वाली कंपनी जिस क्षेत्र में हो, उसी क्षेत्र की दूसरी कंपनियों से जिनका मार्केट साइज करीब एक जैसा हो. मार्केट कैप निकालने के लिए अपर प्राइस बैंड में जारी होने वाले शेयर के नंबर्स से गुणा किया जाता है. अगर तुलना में P/E रेश्यो दूसरी कंपनियों के P/E रेश्यो से कम मिले तो यह अनुमान लगाया जा सकता है कि लिस्टिंग के दिन आपको अच्छा रिटर्न मिल सकता है.

फारवर्ड P/E रेश्यो: फारवर्ड P/E रेश्यो निकालने के लिए अपर प्राइस बैंड में अगले वित्त वर्ष के लिए अनुमानित EPS से भाग दें. अगर फारवर्ड P/E रेश्यो लो है तो आईपीओ में निवेश करने का बेहतर मौका होता है. लेकिन यह ज्यादा है तो कम रिटर्न के चांस होते हैं.

 

 

(Discliamer : शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. इसमें किसी भी रूप में निवेश करने से पहले पूरी पड़ताल कर लें. अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह कर लें.)

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