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Yes बैंक के शेयरों में 58% तक तेजी, रेसक्यू प्लान की मंजूरी से मजबूत हुआ सेंटीमेंट

सोमवार के कारोबार में यस बैंक करीब 58 फीसदी मजबूत होकर 40.40 रुपये के भाव पर पहुंच गया.

March 16, 2020 11:01 AM
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यस बैंक के शेयरों में आज शानदार तेजी देखने को मिल रही है. सोमवार के कारोबार में यस बैंक करीब 58 फीसदी मजबूत होकर 40.40 रुपये के भाव पर पहुंच गया. असल में शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने यस बैंक के रेसक्यू प्लान मंजूर होने की घोषणा की थी. एसबीआई के साथ ही आईसीआईसीआई बैंक और HDFC बैंक भी यस बैंक में निवेश करेंगे. वहीं, यस बैंक से निकासी की लिमिट पर रोक भी हटने का एलान हो चुका है. इसके बाद आज यस बैंक के शेयर को लेकर सेंटीमेंट मजबूत हुआ है. शुक्रवार को यस बैंक का शेयर 25.55 रुपये पर बंद हुआ था.

SBI, ICICI बैंक, HDFC बैंक करेंगे निवेश

प्लान के अनुसार एसबीआई आगे यस बैंक में 7250 करोड़ रुपये निवेश करेगा. यह बैंक की 49 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है. इस प्लान के तहत एसबीआई 10 रुपये प्रति शेयर के आधार पर कुल 725 करोड़ शेयर खरीदेगा. इसके अलावा आईसीआईसीआई बैंक और HDFC बैंक ने भी यस बैंक में 1 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की योजना साफ कर दी है. एसबीआई के अलावा दूसरे इन्वेस्टर्स यस बैंक में 5000 करोड़ रुपये निवेश करेंगे. इस लिहाज से बैंक में कुल 12500 करोड़ का निवेश होने की उम्मीद है. खबर है कि दमानी और राकेश झुनझुनवाला भी बैंक में निवेश कर सकते हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि यस बैंक का अथॉराइज्ड कैपिटल 1100 करोड़ से बढ़ाकर 6200 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

इस डील के बाद यस बैंक में एसबीआई की हिस्सेदारी उसकी कुल भुगतान पूंजी के 49 फीसदी से ऊपर नहीं जाएगी. रिजर्व बैंक ने यस बैंक के रिवाइवल को लेकर पिछले सप्ताह एक योजना के मसौदे की घोषणा की थी. इसमें कहा गया था कि स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर को यस बैंक की 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदनी होगी. इसके साथ ही यह भी शर्त है कि स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर डील के 3 साल बाद तक अपनी हिस्सेदारी 26 फीसदी से कम नहीं कर सकते हैं. रिजर्व बैंक ने यस बैंक का नियंत्रण अपने हाथों में लेने के एक दिन बाद इस योजना की घोषणा की थी.

यस बैंक को भारी तिमाही घाटा

दिसबंर तिमाही में यस बैंक को 18,564 करोड़ रुपये का भारी भरकम घाटा हुआ है. बैड लोन की वजह से बैंक को इतना बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. एक साल पहले की समान अवधि में बैंक को 1001.8 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था. बैंक का ग्रॉस NPA दिसंबर तिमाही में बढ़कर 18.87 फीसदी हो गया है जो एक साल पहले की समान अवधि में 2.10 फीसदी था. वहीं, पिछली तिमाही में यह 7.39 फीसदी था.

निकासी पर लगानी पड़ी थी लिमिट

बता दें कि 6 मार्च को रिजर्व बैंक ने यस बैंक का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया था. साथ ही बैंक से मंथली निकासी पर 50 हजार रुपये की लिमिट तय कर दी थी. पहले यह निकासी सिर्फ यस बैंक के एटीएम से करने की बात कही गई. हालांकि बाद में ग्राहकों को राहत देते हुए किसी भी बैंक के एटीएम से निकासी को मंजूरी दे दी गई. वहीं, अब निकासी पर लगी लिमिट से भी रोक हटने जा रही है.

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