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यस बैंक, अडानी इंटरप्राइजेज सहित ये 5 मिडकैप बनेंगे लॉर्जकैप! इन शेयरों की भी बदल सकती है कटेगिरी

Stock Categorisation Amfi: जल्द ही कुछ शेयर मिडकैप से लॉर्जकैप और लॉर्जकैप से मिडकैप कटेगिरी में शामिल हो सकते हैं.

Updated: Dec 08, 2020 1:32 PM
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Stock Categorisation Amfi: जल्द ही कुछ शेयर मिडकैप से लॉर्जकैप और लॉर्जकैप से मिडकैप कटेगिरी में शामिल हो सकते हैं. माना जा रहा है कि 5 जनवरी 2021 तक एसोसिएशन आफ म्यूमचुअल फंड इन इंडिया यानी Amfi ऐसी नई लिस्ट जारी कर सकता है. यस बैंक, अडानी एंटरप्राइजेज, पीआई इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स और जुबिलेंट फूडवर्क्स के शेयर मिडकैप से लॉर्जकैप बन सकते हैं. बता दें कि एम्फी हर छमाही में कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर उनकी कैटेगरी तय करता है. ब्रोकरेज हाउस आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी है.

ये बन सकते हैं मिडकैप से लॉर्जकैप

यस बैंक: ज्यादा संभावना
अडानी एंटरप्राइजेज: ज्यादा संभावना
पीआई इंडस्ट्रीज: ज्यादा संभावना
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स: ज्यादा संभावना
जुबिलेंट फूडवर्क्स: कम संभावना

ब्रोकरेज हाउस आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने यस बैंक, अडानी इंटरप्राइजेज, पीआई इंडस्ट्रीज और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स के लार्जकैप बन जाने की उम्मीद जताई है. ब्रोकरेज के अनुसार जुबिलेंट फूडवर्क्स के लार्जकैप बनने की संभावना कम लग रही है.

ये बन सकते हैं लार्जकैप से मिडकैप

एमआरएफ: कम संभावना
एनएमडीसी: कम संभावना
यूनाइटेड ब्रुवरीज: ज्यादा संभावना
कनटेनर कॉर्पोरेशन: ज्यादा संभावना
जनरल इंश्योरेंस: ज्यादा संभावना
बैंक ऑफ बड़ौदा: ज्यादा संभावना

ये बन सकते हैं स्मॉलकैप से मिडकैप

लॉरस लैब्स, इंडियामार्ट इंटरमेश, नवीन फ्लोरीन, डिक्शन टेक्नोलॉजीज, आलोक इंडस्ट्रीज, एस्ट्राजेनेका फार्मा, दीपक नाइट्रेट, बॉम्बे बर्मा और सुवेन फार्मा को स्मॉलकैप से मिडकैप कैटेगरी में डाला जा सकता है.

ये मिडकैप बन सकते हैं स्मालकैप

फ्यूचर रिटेल, PVR, टाटा केमिकल्स, अपोलो टायर्स और जेएम फाइनेंशियल

मार्केट कैप की लिमिट बढ़ाई

हर छह महीने पर एंफी कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर उनकी कैटेगरी तय करती है. उन्हें लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप कैटेगरी में बांटा जाता है. फिर म्यूचुअल फंड कंपनियां इसी कैटेगरी के आधार पर शेयरों में निवश करती हैं. आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने कहा है कि 2020 की दूसरी तिमाही में लार्जकैप कंपनियों के लिए मार्केट कैप की लिमिट 27,600 करोड़ रुपये दी गई है. मिडकैप कंपनियों के लिए इसे बढ़ाकर 8,200 करोड़ रुपये कर दी गई है.

सेबी ने इस बारे में 6 अक्टूबर, 2017 को सर्कुलर जारी किया था. इसमें कहा गया था कि एंफी की नई लिस्ट जारी होने के एक महीने के अंदर म्यूचुअल फंड़ों को अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करना होगा.

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