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कच्चा तेल 7 रु प्रति लीटर के करीब, 21 साल में सबसे सस्ता; देश में 27 दिनों से नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के रेट

इंटरनेशनल मार्केट में अमेरिकी क्रूड 15 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर आ गया है.

April 20, 2020 12:34 PM

 

Brent Crude, WTI Crude, WTI crude below 21 years low, WTI Crudeplunge to 15 dollar as low demand, storage uncertainty, petrol rate today, diesel rate todayइंटरनेशनल मार्केट में अमेरिकी क्रूड 15 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर आ गया है.

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ​का सिलसिला जारी है. जहां ब्रेंट क्रूड 27 डॉलर प्रति बैरल के आस पास कारोबार कर रहा है. वहीं डबल्यूटीआई क्रूड का भाव 18 फीसदी गिरकर एमसीएक्स पर 1178 के लेवल पर आ गया है. इंटरनेशनल मार्केट में अमेरिकी क्रूड 15 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर आ गया है. इस लिहाज से देखें तो रुपये में 1 लीटर क्रूड का भाव 7 से 8 रुपये के बीच आएगा. यह अमेरिकी क्रूड का 21 साल का न्यूनतम स्तर है. मांग में भारी गिरावट से तेल स्टोरेज के लिए पैदा हुई अनिश्चितताओं के कारण तेल की कीमतों में यह गिरावट दर्ज की गई है.  ब्रेंट की बात करें तो ओपेक और इसके सहयोगी देशों द्वारा तेल उत्पादन में ऐतिहासिक कटौती के समझौते के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों में रिकवरी शुरू नहीं हो पायी है.

क्यों गिरा भाव

कोरोना वायरस प्रकोप और भंडारण क्षमता के न होने के चलते अमेरिकी कच्चा तेल सोमवार को दो दशक से अधिक के अपने निचले स्तर 15 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर आ गया. एशियाई बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी मानक डब्ल्यूटीआई 19 फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ 14.73 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर आ गया. हालांकि, बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ और यहा 15.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 4.1 प्रतिशत गिरकर 26.93 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, हालांकि बाद में इसमें थोड़ा सुधार हुआ और यह 28.11 डॉलर के भाव पर था.

ब्रेंट क्रूड भी इस साल 57% सस्ता

ब्रेंट क्रूड भी इस साल लगातार सस्ता हुआ है. आज ब्रेंट क्रूड में भी कमजोरी देखी जा रही है और यह 27.5 डॉलर प्रति बैरल के आस पास ट्रेड कर रहा है. ब्रेंट क्रूड में इस साल करीब 56.72 फीसदी और एक साल में करीब 59.08 फीसदी की गिरावट आ चुकी है. हाल के सप्ताहों में लॉकडाउन और यात्रा प्रतिबंधों के कारण दुनिया भर में कच्चे तेल की मांग घटी है. वहीं ओपेक और रूस के बीच प्राइस वार की वजह से भी पिछले दिनों क्रूड में गिरावट आई.

ओपेक देशों की हालत खराब

क्रूड ऑयल की खपत में जबरदस्त गिरावट के कारण तेल उत्पादक देशों और खास तौर से खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था को बड़ा भारी नुकसान पहुंचा है. खपत में कमी से कच्चे तेल की कीमतों में अभूतपर्व गिरावट रुकने का नाम नहीं ले रही है, जिससे खाड़ी देशों पर वित्तीय संकट गहराता जा रहा है. हालत यह है कि खाड़ी देशों को बॉन्ड बेचकर पैसे जुटाने पड़ रहे हैं. गौरतलब है कि कोरोना वायरस के कारण दुनिया के कई देशों में लॉकडाउन की स्थिति है, जिससे औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियां ठप पड़ गई हैं. इसका सीधा असर तेल की खपत पर पड़ा है.

27 दिनों से पेट्रोल और डीजल के नहीं बदले रेट

एक ओर जहां क्रूड में भारी गिरावट है, वहीं 27 दिनों से देश में पेट्रोल और डीजल के भाव नहीं बदले हैं. आईओसीएल की वेबसाइट के अनुसार, आज दिल्ली, कोलकाता मुंबई और चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 69.59 रुपये, 73.30 रुपये, 76.31 रुपये और 72.28 रुपये है. जबकि एक लीटर डीजल का भाव दिल्ली, कोलकाता मुंबई और चेन्नई में 62.29 रुपये, 65.62 रुपये, 66.21 रुपये और 65.71 रुपये है.

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