सर्वाधिक पढ़ी गईं

WPI Inflation: लगातार दूसरे महीने 12% से ऊपर रही थोक महंगाई की दर, मई के मुकाबले जून में मामूली नरमी

WPI लगातार तीसरे महीने 10% के पार रहा. थोक महंगाई की दर जून में 12.07%, मई में 12.94% और अप्रैल में 10.74% रही.

Updated: Jul 14, 2021 2:25 PM
WPI inflation eases in June food crude prices soften मैन्यूफैक्चर्ड प्रॉडक्ट्स के भाव में तेजी के बावजूद खाने-पीने के सामानों और क्रूड ऑयल के भाव में नरमी के चलते जून में थोक महंगाई दर में नरमी रही.

WPI Inflation: कच्चे तेल और खाने के सामानों के भाव में नरमी के चलते पिछले महीने थोक भाव पर आधारित महंगाई (WPI Inflation) में हल्की गिरावट आई. केंद्र सरकार द्वारा आज 14 जुलाई को जारी आंकड़ों के मुताबिक मई महीने के मुकाबले जून में थोक महंगाई दर हल्की नरमी के साथ 12.07 फीसदी पर रही. मई महीने में यह आंकड़ा 12.94 फीसदी था. जून में थोक महंगाई दर में गिरावट के बावजूद यह लगातार तीसरे महीने दोहरे अंकों में रही. पिछले साल जून 2020 में थोक महंगाई दर (-)1.81 फीसदी थी. लगातार पांच महीनों की बढ़त के बाद जून महीने में थोक महंगाई दर में नरमी आई. मैन्यूफैक्चर्ड प्रॉडक्ट्स के भाव में तेजी के बावजूद खाने-पीने के सामानों और क्रूड ऑयल के भाव में नरमी के चलते यह कमी देखने को मिली. WPI लगातार तीसरे महीने 10% के पार रहा. थोक महंगाई की दर जून में 12.07%, मई में 12.94% और अप्रैल में 10.74% रही.

Double Infection: एक ही समय पर कोरोना वायरस के कई वैरिएंट्स से भी हो सकते हैं संक्रमित, जानिए कितनी खतरनाक है यह स्थिति

महंगे प्याज के बावजूद फूड ऑर्टिकल्स में कम हुआ इंफ्लेशन

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक जून 2021 में महंगाई की इतनी ऊंची दर लो बेस इफेक्ट और जून 2020 के मुकाबले पेट्रोल, डीजल, नाफ्था, एटीएफ, फर्नेस ऑयल जैसे मिनरल ऑयल्स के भाव में बढ़ोतरी और बेसिक मेटिल, फूड प्रॉडक्ट्स, केमिकल प्रॉडक्ट्स जैसे मैन्यूफैक्चर्ड प्रॉडक्ट्स के भाव में तेजी के चलते रही. तेल और पॉवर बॉस्केट की कीमतें मई में 37.61 फीसदी बढ़ी जबकि जून में इनकी कीमतें 32.83 फीसदी बढ़ीं और खाने के सामानों के भाव मई में 4.31 फीसदी बढ़े जबकि महंगे प्याज के बावजूद इनके भाव 3.09 फीसदी बढ़े. इसके विपरीत मैन्यूफैक्चर्ड प्रॉडक्ट्स की बात करें तो इसका इंफ्लेशन मई में 10.83 फीसदी से बढ़कर जून में 10.88 फीसदी पर पहुंच गया.

खुदरा महंगाई लगातार दूसरे महीने 6 फीसदी से अधिक

केंद्रीय बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने पिछले महीने अपनी मौद्रिक नीतियों में ब्याज दरों में कोई भी बदलाव नहीं करने का फैसला किया था. ब्याज दरें रिकॉर्ड निचले स्तर पर बनी हुई हैं. आरबीआई ने कहा कि ग्रोथ को सहारा देने के लिए वह अपनी नीतियों को बनाए रखेगा और इसमें फिलहाल कोई बदलाव किया जाएगा. खुदरा महंगाई की बात करें तो यह लगातार दूसरे महीने आरबीआई के कंफर्ट लेवल 6 फीसदी से ऊपर बनी हुई है. इस हफ्ते की शुरुआत में केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक खुदरा महंगाई जून 2021 में 6.26 फीसदी पर रही.

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. कारोबार बाजार
  3. WPI Inflation: लगातार दूसरे महीने 12% से ऊपर रही थोक महंगाई की दर, मई के मुकाबले जून में मामूली नरमी

Go to Top