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फेस्टिव सीजन: ऑटो से लेकर फ्रीज-टीवी तक की बढ़ेगी डिमांड! इकोनॉमिक बूस्टर का होगा असर

एक्सपर्ट ने कहा त्योहारी सीजन में बढ़ेगी मांग

Published: August 27, 2019 7:18 AM
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देश में सुस्त पड़ी कंजम्पशन स्टोरी और इससे अर्थव्यवस्था पर दबाव को देखते हुए सरकार की ओर से इकोनॉमी को बूस्टर डोज देने की कोशिश की गई है. एफपीआई से सरचार्ज हटाने के अलावा घरेलू निवेशकों को भी एलटीसीजी और एसटीसीजी पर राहत दी गई. वहीं, आटोमोबाइल और हाउसिंग सेक्टर फौरी राहत देने के अलावा बैंकिंग व फाइनेंशियल सेक्टर में लिक्विडिटी बढ़ाने के उपाय किए गए. एनालिस्ट का मानना है कि ठीक फेस्टिव सीजन से पहले वित्त मंत्री के बड़े एलान से कंजम्पशन सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिल सकता है.

कंजम्पशन सेक्टर पर दबाव के पीछे बड़े कारण

  • एनालिस्ट का कहना है कि ओवरआल कंजम्पशन सेक्टर में दबाव के बीच घरेलू स्तर पर कमजोर मैक्रो कंडीशन, NBFC सेक्टर में लिक्विडिटी क्राइसिस, लोअर गवर्नमेंट स्पेंडिंग, निवेश की कमी और बजट में टैक्स को लेकर कुछ प्रावधान रहे हैं.
  • पिछले दिनों एनबीएफसी में इश्यू होने की वजह से फंडिंग पर असर पड़ा जो कंजम्पशन सेक्टर में सुस्ती का बड़ा कारण रहा है. इसकी वजह से ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर दोनों प्रभावित हुए.
  • ऑटोमोबाइल की बात करें तो अक्टूबर के बाद से ही सेल्स अच्छी नहीं रही है. यहां तक कि फेस्टिव सीजन में भी आटो की डिमांड सुस्त रहने से इन्वेंट्री लगातार बढ़ गई. फिलहाल ऑटो कंपनियां अभी इन्वेंट्री क्लीयर करने में लगी हैं. उन्होंने अपना प्रोडक्शन भी घटा दिया है.
  • रूरल मार्केट में कैश की तंगी भी कंजम्पशन सेक्टर में सुस्ती की मुख्य वजह रही है.

बाजार से दूर होगी निराशा

ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल के अनुसार इकोनॉमिक स्लोडाउन, कमजोर कॉरपोरेट अर्निंग, कमजोर कमेंट्री, बजट में टैक्सेशन के उपाय और NBFC में लिक्विडिटी क्राइसिस से बाजार में निराशा थी, ऐसे में वित्त मंत्री के ऐलान से मार्केट सेंटीमेंट को बूस्ट मिलेगा. अच्छी बात यह है कि सरकार द्वारा इकोनॉमिक बूस्टर फेस्टिव सीजन के तुरंत पहले दिया गया है. इस बार फेस्टिव सीजन लंबा है, ऐसे में कंज्यूमर सेंटीमेंट मजबूत होगा. वहीं, वित्त मंत्री द्वारा आगे भी स्लोडाउन को देर करने के लिए उपायों की घोषणा करने की बात कही गई है, उम्मीद है ऐसे कुछ और बूस्टर अगले कुछ दिनों में मिल सकते हैं. निश्चित तौर पर इससे कंजम्पशन स्टोरी आगे बढ़ेगी.

सेक्टर में डबल डिजिट में दिखेगी ग्रोथ्र

एपिक रिसर्च के सीईओ मुस्तफा नदीम का कहना है कि कंजम्पशन सेक्टर में स्लोडाउन टेम्परेरी है. इंडियन कंजम्पशन सेक्टर में अभी बहुत अच्छी संभावनाएं हैं. पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र पर दबाव रहा है लेकिन इसके पीछे कई फैक्टर रहे हैं. मसलन पहले चुनाव फिर बजट के बाद सरकार की स्पेंडिंग में कमी आना. बजट में सुस्ती दूर करने के लिए क्लीयर रोडमैप न होना और लिक्विडिटी क्राइसिस. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कंजम्पशन में एक बार फिर तेजी आएगी. इंडस्ट्री को डबल डिजिट CAGR से ग्रोथ करने की संभावना दिख रही है.

उनका कहना है कि फेस्टिव सीजन में निश्चित रूप से डिमांड इंप्रूव होगी. ब्याज दरें कम बनी हुई हैं, आगे भी इसके कम होने की उम्मीद है. यह माहौल आगे कंज्यूमर सेंटीमेंट को और मजबूत करेगा. आने वाले दिनों में कंजम्पशन सेक्टर में स्पेंडिंग बढ़ेगी. अगले कुछ तिमाही में इसका सकारात्मक असर देखने को मिलेगा. हालांकि वर्तमान में, हम ग्रामीण मांग में गिरावट देख रहे हैं, लेकिन उम्मीद है कि आगे वॉल्यूम में ग्रोथ दिखेगी. वहीं, क्रेडिट कंडीशन सुधरने से भी सेक्टर को बूस्ट मिलेगा.

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