सर्वाधिक पढ़ी गईं

Mutual Fund Vs Stock: स्टॉक की जगह म्यूचुअल फंड में क्यों लगाएं पैसे, समझें इसकी 4 बड़ी वजह

Mutual Fund Vs Stock: जैसे-जैसे शेयर बाजार नई ऊंचाईयों को छू रहा है, इक्विटी में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है.

Updated: May 26, 2021 1:08 PM
Mutual Fund Vs StocksMutual Fund Vs Stocks: जैसे-जैसे शेयर बाजार नई ऊंचाईयों को छू रहा है, इक्विटी में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है.

Mutual Fund Vs Stocks: जैसे-जैसे शेयर बाजार नई ऊंचाईयों को छू रहा है, इक्विटी में लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है. हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि युवा निवेशकों को सीधे शेयरों में पैसा लगाना चाहिए कि म्यूचुअल फंड के जरिए. व्यक्तिगत तर्कसंगतता के तहत निवेश के मामले में म्यूचुअल फंड शेयरों (स्टॉक) पर थोड़ा बढ़त क्यों रखते हैं, इसके पीछे यहां कुछ कारण यहां दिए गए हैं.

पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन

यह किसी विशेष स्टॉक में कंसन्ट्रेशन के जोखिम को कम करता है क्योंकि यहां विभिन्न प्रकार के शेयरों में निवेश किया जाता है. डाइवर्सिफिकेशन का फायदा यह है कि अगर आपके पोर्टफोलियो में शामिल एक या दो शेयर अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं तो भी डाइवर्सिफिकेशन की वजह से आपका नुकसान कम हो सकता है. लेकिन शेयरों में सीधे निवेश की बात करें तो कोई भी औसतन 10 से अधिक शेयरों में निवेश नहीं करता है. जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ने पर जोखिम बढ़ जाता है.

प्रोफेशनल मैनेजमेंट

म्यूचुअल फंड को पेशेवर रूप से फंड मैनेजरों की एक टीम द्वारा प्रबंधित किया जाता है. ये फंड मैनेजर बहुत सारे रिसर्च करते हैं और विभिन्न शेयरों की स्टडी करते हैं. उसके बाद ऐसे चुनिंदा शेयरों की पहचान करते हैं, जिनमें हाई रिटर्न देने की संभावना होती है. वे फाइनेंशियल स्टेटमेंट और कंपनियों के बारे में अन्य आवश्यक जानकारी के बारे में भी स्टडी करते हैं और जोखिम प्रबंधन प्रक्रिया से अच्छी तरह वाकिफ होते हैं. दूसरी ओर, शेयरों में निवेश करने का मतलब है कि निवेशक को खुद शेयर बाजार का अध्ययन करना होगा. किसी नए निवेशक के लिए यह काम आसान नहीं है.

अनुशासन

एक म्यूचुअल फंड निवेशकों के पैसे निवेश करने के लिए एक बहुत ही सिस्टमैटिक-कम-प्रोफेशनल-कम-अनुशासित दृष्टिकोण का पालन करता है. वहीं बाजार में विशिष्ट लक्ष्यों के साथ इक्विटी, डेट, हाइब्रिड, गोल्ड के रूप में कई तरह के फंड होते हैं. रिटायरमेंट, बच्चों की शिक्षा या शादी विवाह जैसे लक्ष्य निवेश के पीछे हो सकते हैं. आप अपने निवेश के लक्ष्य के आधार पर लिक्विड फंड या कॉरपोरेट बॉन्ड फंड की ओर जा सकते हैं. या सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) का रास्ता भी अपना सकते हैं.

टैक्स लाभ

म्यूचुअल फंड में कुछ योजनाओं में निवेश करते समय आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कटौती के रूप में लाभ उपलब्ध हैं. उदाहरण के लिए, इक्विटी-लिंक्ड सेविंग स्कीम जिसमें प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक के डिडक्शन का लाभ ले सकते हैं. वहीं सीधे स्टॉक में निवेश करने पर ऐसा कोई लाभ उपलब्ध नहीं है. वहीं इस पर एसटीटी, डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स, कैपिटल्ला गेंस टैक्स का भुगतान करना पड़ता है. म्यूचुअल फंड में फंड मैनेजमेंट फीस देनी होती है.

अगर किसी निवेशक के पास विभिन्न शेयरों और उसकी वित्तीय जानकारी का अध्ययन और शोध करने का समय है, तो वह अपना खुद का स्टॉक निवेश पोर्टफोलियो बना सकता है. लेकिन अगर हम पर्याप्त शोध करने में सक्षम नहीं हैं या विभिन्न शेयरों और उनसे संबंधित अन्य पहलुओं को समझने और उनका मूल्यांकन करने में पर्याप्त समय नहीं है, और चाहते हैं कि हमारे पैसे की देखभाल पेशेवर रूप से फंड मैनेजरों द्वारा की जाए, तो म्यूचुअल फंड निवेश के लिए सबसे अच्छा विकल्प है.

(Source: Tax Guru)

(By Shubham Phophalia)

Get Business News in Hindi, latest India News in Hindi, and other breaking news on share market, investment scheme and much more on Financial Express Hindi. Like us on Facebook, Follow us on Twitter for latest financial news and share market updates.

  1. बिज़नस न्यूज़
  2. कारोबार बाजार
  3. Mutual Fund Vs Stock: स्टॉक की जगह म्यूचुअल फंड में क्यों लगाएं पैसे, समझें इसकी 4 बड़ी वजह

Go to Top