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NBFCs ने क्यों मचाई बाजार में भगदड़, चंद सेकंड में 1100 अंक टूटा सेंसेक्स, निवेशकों के डूबे 4.6 लाख करोड़

शुक्रवार के कारोबार में दीवान हाउसिंग फाइनेंस के शेयर में 60 फीसदी तक गिरावट रही. एनबीएफसी में गिरावट बढ़ने के बाद से बाजार में पैनिक बन गया और सेंसेक्स करीब 1000 अंक तक टूट गया.

Updated: Sep 21, 2018 4:36 PM
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शुक्रवार के कारोबार में फाइनेंशियल सर्विस कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट रही. दीवान हाउसिंग फाइनेंस के शेयर में 60 फीसदी तक गिरावट रही. एनबीएफसी में गिरावट बढ़ने के बाद से बाजार में पैनिक बन गया और सेंसेक्स करीब 1127 अंक तक टूट गया. वहीं निफ्टी भी 11000 के नीचे आ गया. बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी हो गई. हालांकि बाद में बाजार में रिकवरी आई. बाजार की गिरावट पर जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट….

कितना टूटे NBFCs

दीवान हाउसिंग फाइनेंस में 60 फीसदी तक गिरावट
इंडियाबुल्स हाउसिंग में 23 फीसदी तक गिरावट
ग्रुह फाइनेंस में 15 फीसदी तक गिरावट
L&T हाउसिंग फाइनेंस में 12 फीसदी तक गिरावट

निवेशकों के डूबे 4.6 लाख करोड़

सेंसेक्स में कारोबार के दौरान 1127 अंकों की गिरावट आई. सेंसेक्स ने आज 35993.64 का निचला स्तर टच किया. 35993 के स्तर पर पहुंचने पर बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों का माके्रट कैप घटकर 14723956 करोड़ रुपये रह गया. जबकि बुधवार को बीएसई ​लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 15185216.44 करोड़ रुपये था. हालांकि आज क्लोजिंग पर मार्केट कैप रिकवर होकर 15070832 करोड़ पहुंच गया.

NBFCs में क्यों आई गिरावट

एक्सपर्ट का मानना है कि बाजार में दीवान हाउसिंग के बॉन्ड के रीपेमेंट में डिफॉल्ट की ख़बरें आई थीं. वहीं, IL&FS क्राइसिस भी पैनिक की वजह बन गयाण् सुबह यस बैंक के शेयरों में गिरावट रही तो बॉन्ड यील्ड में और मजबूती आने से भी पैनिक बढ़ गया.

एपिक रिसर्च के सीईओ नदीम मुस्तफा का कहना है कि बाजार ने सिंगल ट्रेडिंग सेशन में इतनी बड़ी गिरावट उम्मीद नहीं की थी. लेकिन एक साथ कई ट्रिगर हावी हो गए. एनबीएफसी कंपनियों में क्रेडिट रिस्क को लेकर चिंता थी ही, वहीं कुछ अफवाहों ने मामला और बिगाड़ दिया. दूसरी ओर यस बैंक सहित प्राइवेट बैंकों और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में भी बिकवाली रही. यह सब बाजार की गिरावट की वजह बन गए. हालांकि उनका कहना है कि गिरावट पर एक बार फिर खरीददारी बढ़ी, जिससे बाजार को रिकवर करने का मौका मिल गया.

इक्विटी 99 के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट राहुल शर्मा का कहना है कि एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में में गिरावट से बाजार में इतनी बड़ी गिरावट चंद सेकंड में देखने को मिली. इसके अलावा यस बैंक, मारूति सुजुकी, HDFC, इंफोसिस और सनफार्मा में गिरावट ने भी बाजार में दबाव बढ़ाया. हालांकि दीवान हाउसिंग और इंडियाबुल्स की ओर से डिफॉल्ट पर क्लेरिफिकेशन आने के बाद बाजार रिकवर भी हो गया.

क्या कहना है कंपनियों का

-दीवान हाउसिंग के सीएमडी, कपिल वधावान ने सीएनबीसी-आवाज से बातचीत में कहा कि फंड के 11 फीसदी यील्ड पर कंपनी के पेपर बेचने की जानकारी उन्हें थी लेकिन इससे कंपनी के फंडामेंटल पर कोई असर नहीं पड़ता, जो काफी मजबूत हैं. शेयर में भारी गिरावट पर हैरानी हो रही है और कंपनी ने किसी रीपेमेंट का डिफॉल्ट नहीं किया है. लिक्विडिटी की कोई कमी नहीं है और सिस्टम में 10,000 करोड़ रुपये की लिक्विडिटी मौजूद है. साथ ही उन्होंने कहा कि कंपनी के शेयर गिरवी नहीं रखे गए हैं और ये उनकी पॉलिसी के भी खिलाफ है।.भविष्य में भी शेयर गिरवी रख लोन नहीं लेंगे.

-वहीं, इंडियाबुल्स हाउसिंग के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर, अश्विनी कुमार हूडा सीएनबीसी-आवाज से कहा कि कंपनी के पास 20,000 करोड़ रुपये कैश मौजूद है. साथ ही दूसरी हाउसिंग कंपनियों के पास भी लिक्विडिटी की कोई कमी नहीं है. किसी भी हाउसिंग कंपनी ने डिफॉल्ट नहीं किया है, हाउसिंग कंपनियों में एनपीए बढ़ने की भी आशंका नहीं है.

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