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Jet एयरवेज के शेयर क्यों हुए रॉकेट, 1 दिन में 133% तक आई तेजी

गुरूवार के कारोबार में जेट एयरवेज के शेयरों में शानदार तेजी आई.

June 20, 2019 4:55 PM
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गुरूवार के कारोबार में जेट एयरवेज के शेयरों में शानदार तेजी आई. इंट्राडे में विमानन कंपनी का शेयर करीब 133 फीसदी तक मजबूत होकर 77.35 रुपये के भाव तक पहुुंच गया. बुधवार को शेयर 33.10 रुपये पर बंद हुआ था. मार्केट के जानकार इसे इनसॉल्वेंसी के मामले में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के ऑर्डर के पहले शॉर्ट कवरिंग मान रहे हैं. बाजार को लगता है कि फैसला जेट एयरवेज के लिए पॉजिटिव हो सकता है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार आज एनसीएलटी शाम को 5 बजे फैसला दे सकता है.

एपिक रिसर्च के सीईओ नदीम मुस्तफा का कहना है कि यह एनसीएलटी के आर्डर के पहले शॉर्ट कवरिंग है, जिसकी वजह से इतनी बढ़ी तेजी शेयर में आई है. लेकिन कंपनी के साथ कई इश्यू हैं, फाइनेंशियल ठीक नहीं है, कंपनी पर कर्ज बहुत ज्यादा है. ऐसे में ये इश्ूय सॉल्व होने में कितने दिन लगेंगे, कहा नहीं जा सकता है. इस वजह से नियरटर्म में जेट एयरवेज में कोई टर्न अराउंड नहीं दिख रहा है.

ऐसी रही शेयर की चाल

जेट एयरवेज का शेयर बुधवार को 33.10 रुपये पर बंद हुआ था. वहीं आज के कारोबार में यह 30.20 रुपये के भाव पर खुला. कारोबार में 133 फीसदी की तेजी के साथ 77.35 रुपये तक पहुंच गया. आज का लो 27 रुपये रहा. हालांकि कारोबार के अंत में शेयर 93 फीसदी बढ़कर 64 रुपये पर बंद हुआ.

बैंकों के ग्रुप ने NCLT भेजा था मामला

इसी हफ्ते सोमवार को एसबीआई की अगुवाई में बैंकों के गठजोड़ ने ठप पड़ी इस एयरलाइन में फंसे अपने कर्ज के समाधान का मामला दिवाला संहिता के तहत कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) में भेजने का फैसला किया था. बैकों को अब तक के प्रयास में कर्ज में डूबी इस एयरलाइन के रिवाइवल के लिए किसी इकाई से कोई पुख्ता प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है. S

17 अप्रैल से बंद है परिचालन

जेट एयरवेज का परिचालन 17 अप्रैल से बंद है. एयरलाइन पर शामन व्हील्स का 8.74 करोड़ रुपये और गग्गर का 53 करोड़ रुपये का बकाया है. जेट एयरवेज पर SBI की अगुवाई वाले बैंकों के गठजोड़ का 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है. अभी एयरलाइन का परिचालन बैंकों द्वारा ही किया जा रहा है. यही जेट एयरवेज का कुल नुकसान 13,000 करोड़ रुपये पर पहुंच चुका है. एयरलाइन पर उसे माल और सेवाएं देने वालों का 10,000 करोड़ रुपये और कर्मचारियों के वेतन का 3,000 करोड़ रुपये का बकाया है.

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