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बाजार में गिरावट से बढ़ी आशंका: म्यूचुअल फंड निवेशक SIP रोकें या कराएं टॉप-अप

गिरावट के दौर में म्यूचुअल फंड निवेशक को SIP न रोकने की सलाह.

October 13, 2018 7:24 AM
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31 अगस्त के बाद से ही शेयर बाजार में ​गिरावट का दौर है. आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है. रुपये में कमजोरी, महंगा क्रूड, NBFCs, ट्रेड वार, बॉन्ड यील्ड में तेजी जैसे मसले बाजार में दबाव बढ़ा रहे हैं. ऐसे में निवेशकों में भी डर बन गया है. ऐसे में बहुत से म्यूचुअल फंड निवेशक लोग पहले से चल रही SIP रोकने की बात कर रहे हैं. लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसे माहौल में SIP रोकने बजाए टॉप अप करना चाहिए, जिससे यूनिट बढ़ेगी. वहीं बाजार में तेजी आने का फायदा आगे मिलेगा.

बता दें कि 28 अगस्त के बाद से शेयर बाजार अपने रिकॉर्ड हाई से 4100 अंक से ज्यादा टूट चुका है. वहीं, निफ्टी भी 28 अगस्त को बने आॅलटाइम हाई से 1300 अंक से ज्यादा टूट गया है. म्यूचुअल फंड भी इक्विटी में निवेश करते हैं, ऐसे में निवेशकों को डर सता रहा है कि उन्हें आगे और भी नुकसान हो सकता है.

यूनिट बढ़ाने का बेहतर मौका

फाइनेंशियल एडवाइजर फर्म बीपीएन फिनकैप के डायरेक्‍टर एके निगम का कहना है कि मार्केट की गिरावट से घबराने की जरूरत नहीं है. मार्केट में अचछा करेक्शन हो चुका है, बहुत से शेयर बॉटम पर आ गए हैं. ऐसे में म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए SIP रोकने की बजाए टॉप—अप कराने का मौका है. इससे उन्हें ज्यादा यूनिट मिलेगी. आगे जब शेयर बाजार में तेजी का रुख आएगा, उन्हें इसका फायदा मिलेगा. उनका कहना है कि अभी जो SIP चल रही है, उसे रोकने या पैसे निकालने से नुकसान होगा.

सितंबर में SIP निवेशकों का पॉजिटिव रुख

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने बाजार में अस्थिरता रहने के बावजूद सितंबर महीने में शेयर बाजार में 11600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया, जबकि विदेशी निवेशकों ने इस दौरान बाजार से 10825 करोड़ रुपये की पूंजी की निकाले. विशेषज्ञों का मानना ​​है कि भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की बिकवाली ने म्यूचुअल फंड मैनेजर्स के लिए मौके बनाए. एसोसिएशन आॅफ म्यूचुअल फंड आॅफ इंडिया (Amfi) के चीफ एग्जीक्यूटिव एनएस वेंकअेश के अनुसार बाजार में अस्थिरता और हाल की मौद्रिक नीति के बावजूद, रिटेल इन्वेस्टर्स का रुख पॉजिटिव रहा है. SIP निवेशकों के पॉजिटिव रुख से बाजार में फंड मैनेजर्स इतना पैसा लगा पा रहे हैं.

म्यूचुअल फंड में कैसे बनाएं स्ट्रैटेजी

यंग इन्वेस्टर्स: अगर यंग इन्वेस्टर हैं तो अभी इक्विटी म्यूचुअल फंड और डाइवर्सिफाइड मिडकैप फंड बेहतर विकल्प है.

मिड एज ग्रुप: मिड एज ग्रुप के हैं तो 2 तरह से निवेश किया जा सकता है. 50 फीसदी निवेश इक्विटी डाइवर्सिफाई फंड में करना चाहिए, वहीं 50 फीसदी निवेश के लिए बैलेंस फंड बेहतर विकल्प है.

ज्यादा उम्र वर्ग के लिए: ज्यादा उम्र वर्ग के हैं तो लॉर्जकैप और लॉर्ज एंड मिडकैप फंड बेहतर विकल्प हो सकता है.

कंजर्वेटिव इन्वेस्टर्स: अगर निवेश को लेकर बहुत ज्यादा सतर्क हैं तो इक्विटी हाइब्रिड फंड बेहतर विकल्प है.

(डिस्क्लेमर: म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है. निवेश से पहले अपने स्तर पर पड़ताल कर लें या अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से परामर्श कर लें. फाइनेंशियल एक्सप्रेस किसी भी फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है.)

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