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G-Sec: क्या है गवर्नमेंट बांड? क्या मौजूदा समय में FD-RD से अच्छा है विकल्प

मौजूदा समय में निवेशकों का फोकस ऐसे विकल्पों पर बढ़ रहा है, जहां उनका पैसा सुरक्षित रहे और स्थिर लेकिन गारंटेड रिटर्न मिल सके.

Updated: Jun 16, 2020 12:42 PM
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मौजूदा समय में निवेशकों का फोकस ऐसे विकल्पों पर बढ़ रहा है, जहां उनका पैसा सुरक्षित रहे और स्थिर लेकिन गारंटेड रिटर्न मिल सके. इन विकल्पों में एफडी, आरडी, टैक्स फ्री बांड के साथ गवर्नमेंट सिक्युरिटीज (G-sec) भी शामिल हैं. गवर्नमेंट सिक्युरिटीज को गवर्नमेंट बांड भी कहते हैं. यह डेट इंस्ट्रूमेंट होते हैं, जो केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा जारी किए जाते हैं. सरकार द्वारा जारी होने की वजह से ये निवेश के लिए सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं. बता दें कि डेट म्यूचुअल फंड भी अपना पैसा सरकारी सिक्योरिटी (G-sec) में निवेश करते हैं. ब्याज दरें अभी निचले सतरों पर है. वहीं आगे भी इसमें कटौती की उम्मीद है. ऐसे में यह अभी निवेश के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है.

क्या है G-sec?

गवर्नमेंट बांड ऐसा डेट इंस्ट्रूमेंट है, जिसकी खरीद-फरोख्त होती है. केंद्र और राज्य सराकरों इन्हें जारी करती हैं. केंद्र या राज्यों की सरकारों को कई बार फंड की जरूरत पड़ती है. कई बार लिक्विडिटी क्राइसिस की स्थिति बनती है. ऐसे में बाजार से पैसा जुटाने के लिए वे ऐसे बांड जारी करती हैं. यह छोटी और लंबी अवधि दोनों के लिए जारी किए जाते हैं.

छोटी अवधि की सिक्युरिटी ट्रेजरी बिल कहलाती है जो 1 साल से कम अवधि के लिए जारी की जाती हैं. इस तरह की सिक्युरिटी एक साल से अधिक की अवधि के लिए जारी की जाती है तो इसे गवर्नमेंट बांड कहते हैं. केंद्र सरकार ट्रेजरी बिल और डेट सिक्युरिटीज, दोनों जारी करती है. राज्य सरकारें सिर्फ डेट सिक्युरिटीज ही जारी कर सकती हैं. ये बांड सरकार की तरफ से जारी किये जाते हैं, इसलिए इनमें जोखिम नहीं होता है.

कौन करता है खरीद-बिक्री?

गवर्नमेंट बांड की खरीद बिक्री म्यूचुअल फंड, PF, बीमा कंपनियां, कमर्शियल बैंक, प्राइमरी डीलर, को-ऑपरेटिव बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और पेंशन फंड करते हैं. इसमें एक साथ खरीदने और बेचने की बोली लगाई जाती है. इसमें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को सीमित कारोबार की इजाजत दी गयी है. कंपनियां भी G-Sec की खरीद-बिक्री करती हैं.

क्या एफडी से अच्छा है विकल्प

कई ऐसे गवर्नमेंट बांड हें, जिनमें पिछले 5 साल का रिटर्न 7 से 10 फीसदी सालाना तक है. वहीं कुछ 10 साल के मेच्योरिटी वाले बांड भी हैं, जिनमें 10 फीसदी सालाना तक के हिसाब से रिटर्न मिला है. अगर सही स्कीम का चुनाव करें तो रिटर्न के लिहाज से यह एफडी से बेहतर हो सकता है. वहीं इसमें 10 साल की मेच्योरिटी वाली स्कीम भी है. अगर आप G-Sec में निवेश करते हैं और तीन साल से अधिक समय तक निवेश बनाये रखते हैं तो म्यूचुअल फंड के माध्यम से निवेश करने पर आप इनकम टैक्स में लाभ उठा सकते हैं.

5 साल में अच्छे रिटर्न वाली स्कीम

IDFC गवर्नमेंट सिक्युरिटीज कांसटेंट मेच्योरिटी: 11.53 फीसदी
ABSL गवर्नमेंट सिक्युरिटीज: 11 फीसदी
DSP गवर्नमेंट सिक्युरिटीज: 10.5 फीसदी
DSP 10Y G-Sec: 9.5 फीसदी
LIC MF गवर्नमेंट सिक्युरिटीज PF: 9 फीसदी

बता दें कि ज्यादातर प्रमुख बैंकों की एफडी के रेट हाल ही में घटे हैं. 5 साल की एफडी पर प्रमुख बैंक 5.75 फीसदी से 6.25 फीसदी सालाना के हिसाब से ब्याज दे रहे हैं. वहीं आरडी पर यह 6 फीसदी सालाना से भी कम है.

कैसे करें निवेश

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म की मदद से इसमें निवेश किया जा सकता है. म्यूचुअल फंड के माध्यम से अप्रत्यक्ष तरीके से भी गवर्नमेंट बांड में निवेश कर सकते हैं. क्योंकि डेट फंड अपना पैसा इसमें लगाते हैं.

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