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Value Theme: वैल्यू फंडों में मिलने लगा है जोरदार रिटर्न, क्या पैसे लगाने का सही है समय

Value Oriented Funds: पिछले 1 से 2 महीनों की बात करें तो वैल्यू फंड्स का प्रदर्शन अच्छा रहा है.

December 14, 2020 3:12 PM
Mutual funds were net sellers of 80% of Nifty 50 stocks in the month of November.

Value Oriented Funds: पिछले 1 से 2 महीनों की बात करें तो वैल्यू फंड्स का प्रदर्शन अच्छा रहा है और वैल्यू इंडेक्स ने रिटर्न देने के मामले में ब्रॉडर मार्केट को पीछे किया है. हालांकि कुछ एक्सपर्ट वैल्यू थीम की वापसी को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं हैं और उनका मानना है कि बाजार में पिछले दिनों की जोरदार रैली के बाद अब इनमें ज्यादा ग्रोथ नहीं है. लेकिन कुछ एक्सपर्ट का कहना है कि निवेशकों को मौजूदा समय में वैल्यू थीम के साथ आगे बढ़ना चाहिए. क्योंकि अब भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में भी स्ट्रेस्ड वैल्यूएशन एक गंभीर चिंता का विषय है.

मार्केट कैप-टू-जीडीपी रेश्यो

अमेरिका में मार्केट कैप-टू-जीडीपी रेश्यो पहले ही 180 का आंकड़ा पार कर चुका है. आईपीओ मार्केट का प्रदर्शन जोदरदार रहा है. हाल ही में आए कई कंपनियों के आईपीओ की जोरदार लिस्टिंग हुई है. भारत में मार्केट-कैप-टू-जीडीपी रेश्यो पहले से ही एक दशक के उच्च स्तर पर पहुंच चुका है. ऐसे में हमने यहां वैल्यू ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के बारे में सोचा कि उनमें से कितनों को वैल्यू स्टॉक्स में तेजी का फायदा मिला है.

Data as on December 10, 2020 (Source: ACE MF)

मूल्यांकन में क्या मिला

वैल्यू फंड्स ने पिछले 1 महीने के दौरान रिटर्न देने के मामले में NSE 500 टोटल रिटर्न इंडेक्स (TRI) को पीछे छोड़ दिया. इससे वैल्यू फंड्स के 3 महीनों के रिटर्न में भी सुधार आया है. कुछ वैल्यू फंड जैसे IDFC स्टर्लिंग वैल्यू फंड को मिड और स्मॉल कैप में रैली से फायदा हुआ. कुछ अन्य फंड ने भी ब्रॉडर मार्केट से ज्यादा रिटर्न दिया. बैंकिंग, माइनिंग, कैपिटल गुड्स कंपनियों और यूटिलिटी कंपनियों पर बेस्ड फंडों का भी रिटर्न बेहतर रहा है.

हालांकि एक सवाल उठ सकता है कि किसी भी वैल्यू फंड ने रिटर्न देने में S&P BSE एनहेंस्ड वैल्यू इंडेक्स को क्यों पीछे नहीं छोड़ा. इसका जवाब इंडेक्स के कंपोजिशन में ही है. इनका निवेश माइनिंग कंपनियों, पीएसयू, ऑटो कंपनियों और बैंकों में है. इन सभी ने पिछले दिनों बेहतर प्रदर्शन किया. लेकिन पिछले कुछ साल में लगातार कमजोर प्रदर्शन के कारण किसी भी फंड का इनमें हाई एक्सपोजर नहीं है.

निवेशकों को क्या करना चाहिए

वैल्यू फंड्स से वास्तव में निवेशकों का लंबे समय तक धैर्य परीक्षण किया है. ऐसे में जब वैल्यू फंड में रिटर्न शुरू हुआ है, हो सकता है बहुत से निवेशकों का रिएक्शन यह हो कि वे प्रॉफिट बुक करें. लेकिन जो सुविधाजनक है, जरूरी नहीं है कि वह हमेशा सही हो. अभी शेयर बाजार अपने रिकॉर्ड हाई पर है. ऐसे में वैल्यू ओरिएंटेड फंड को अनिवार्य रूप से भुनाने की जगह, आपको इस समय अपने पूरे म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो का एक बार फिर से आंकलन करना चाहिए.

ध्यान रखें: कब फंड से पाएं छुटकारा

जब एक ही फंड कटेगिरी में उसके पियर्स अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों, तब भी आपके फंड का रिटर्न कमजोर होता जा रहा है.
अब आपके ओवरआल एसेट अलोकेशन में फंड की कोई भूमिका न रह जाती हो.
जब रिटर्न पाने के लिए अनुचित जोखिम लेना शुरू कर देता है.
इंडीकेटिव अलोकेशन से जब काफी हद तक विचलन होता है.

(Note: Fact Check observation & analysis by Mr. Juzer Gabajiwala, Director, Ventura Securities)

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